हजरत मुहम्मद स.

        सृष्टि की रचना के बाद से आज तक पूरे ब्रह्मांड में ऐसा कोई प्राणी नहीं हुआ जिसके बारे में हजरत मुहम्मद स. के आधे के बराबर भी लिखा, पढ़ा और सुना गया हो! आपने दुनिया में तशरीफ लाकर मानव जाति को एकेश्वरवाद का संदेश देने से पहले ईमानदारी, सच्चाई और सादगी की मिसाल पेश करके दिखाई! दुनिया के लगभग 30% लोग आपको पैगंबर मानते हैं और 70% लोगों में कोई ऐसा नहीं जो कम से कम महापुरुष न मानता हो! दुनिया में जितने विद्वान हुए हैं सभी ने एकमत होकर आपको अद्वितीय बताया है और मेरा तो ईमान यही है! अरब पृथ्वी के केंद्र में है जहां से पूरी दुनिया में भौगोलिक दृष्टि से संदेश पहुंचाने में आसानी के साथ अनेक बुराइयों के बावजूद वहां के लोग अधिक साहसी थे आपने वहीं तशरीफ लाकर अपनी शिक्षाओं का प्रसार किया! शुरुआत में कड़ा विरोध होने के बावजूद धीरे-धीरे पूरे अरब में आपके मानने वालों की संख्या बढ़ती गई और एक दिन उन्होंने स्वयं ही आपको सत्ता सौंप दी! सत्ता को आपने ईश्वर से जवाबदेही के रूप में देखा और किसी सिंहासन या महल का निर्माण न कराकर मस्जिद से ही शासन चलाते रहे और दुनिया से आने वाले लोगों से वहीं मुलाकात की! त्याग और सादगी के सिद्धांत का उदाहरण आपके सामान कहीं नहीं मिलता इतना सब कुछ होते हुए भी टूटे-फूटे घर में चटाई पर रहे और रुखा सुखा खाकर अल्लाह का शुक्र अदा किया! अपना पूरा जीवन मानव को नफरत रूपी अंधकार से निकालकर मोहब्बत के अनंत प्रकाश में दाखिल करने का संदेश देते रहे जो सभी सीमाओं को लांघ कर पूरी दुनिया में पहुंच गया! मक्का और मदीना के लोगों के बीच भाईचारे की जो मिसाल पेश की वैसी दुनिया में कहीं और नहीं मिलती! महिलाओं और बच्चों पर हो रहे शोषण को दूर कर उन्हें सम्मान और बराबरी का हक दिया! सत्ता के एकाधिकार को समाप्त कर लोकतांत्रिक बनाया और इंसाफ का पाठ पढ़ाया जिसके परिणाम स्वरूप दुनिया को हजरत उमर जैसा शासक मिला! जंग में भी इंसानियत व इंसाफ का दामन नहीं छोड़ा! दोस्त जिंदगी में कितना महत्वपूर्ण होता है और उससे किस कदर मोहब्बत की जाए तथा उसके साथ और सहयोग से कभी पीछे न हटने का जो संदेश दिया वो बेमिसाल है! धनवान लोग या किसी बड़े परिवार के लोग ही शासक बन सकते हैं इस मिथ्या को तोड़कर बिना धन के अरब साम्राज्य स्थापित कर शासन चला कर दिखाया और बिना किसी हिंसा के ही युद्ध जीत कर दिखाया! गुलाम और बादशाह को भी बराबरी की दृष्टि से देखा! 1500 वर्ष पहले आपने अपना काम शुरू किया और साबित किया कि हमें धन दौलत पद प्रतिष्ठा से कोई मतलब नहीं है बस समाज से बुराइयां व आडंबर खत्म कर अच्छाई और एकेश्वरवाद की शिक्षा देकर एक शांतिमय वातावरण स्थापित करना है! राजनीति लोक व्यवहार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आपने जो शिक्षाएं दी उनका कोई काट नहीं है! मुसलमानों ने आपको अपने तक सीमित रख कर गलती की है लेकिन खुशबू को रोका नहीं जा सकता वो तो आप ही फैलती है! आपके फैसले लालच और स्वार्थ से परे दूरदृष्टि सोच के साथ मानवता के लिए वरदान हैं! ठगी, झूठ, धोखा, फरेब, वादाखिलाफी, ढोंग, घमंड को अपने करीब फटकने तक नहीं दिया और  आप पर ईमान रखने वाले आज भी इससे दूर हैं! जो इसमें लिप्त है और किसी प्रकार भी धन कमाने में जुटा है उसके ईमान में कमजोरी है! अपने पड़ोसी व राज्य में रहने वाले सभी धर्मों के लोगों के साथ अपने व्यवहार से धर्मनिरपेक्षता का जो सिद्धांत कायम किया वो बेमिसाल है! समाज में इज्जत देने के लिए धन दौलत को पैमाना न बनाकर आचरण, कर्म, इल्म आदि को इज्जत का पैमाना बनाया! जो धन दौलत देखकर दूसरे को इज्जत देते हैं उनके ईमान में कमजोरी है! आपने अपने हाथ से मेहनत कर कमाई जाने वाली रोजी को जायज बताया और उसका भी दान करने को कहा ताकि समाज से गरीबी और आर्थिक ऊंच-नीच खत्म होकर बराबरी बने! रोजगार में मुनाफा वैसे ही कमाने को कहा जैसे आटे में नमक डाला जाता है! नशा, घटतौली, मिलावटखोरी, बेईमानी, मुनाफाखोरी, कालाबाजारी, जमाखोरी किसी का हक मारने आदि को नाजायज करार देकर इससे बचने की शिक्षा दी, जो इसमें लिप्त हैं उनके ईमान में कमजोरी है! आपने समाज में मेलजोल रखने और संबंधों में मिठास रखने व एक दूसरे के प्रति मदद, सहानुभूति और प्रेम का संदेश दिया! आपने कहा अल्लाह ने मुझे इन बातों का आदेश दिया है! जिसमें से मैं कुछ यहां पेश कर रहा हूं!

---. गरीबी हो या अमीरी (प्रत्येक अवस्था में) संतुलित आचरण करूं!

. -----और यह कि जो मुझसे नाता तोड़े मैं उस से नाता जोडूँ!

.------- और यह कि मैं भलाई का आदेश दूं बुराई से रोकूं!


आप पर लिखने के लिए दुनिया के सारे कलम कम पड़ सकते हैं! आप निश्चित रूप से अल्लाह की ओर से नियुक्त मानव के उद्धारक हैं! अमेरिका के माइकल हर्ट ने अपनी पुस्तक The Hundred में मानव इतिहास के 100 सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में आपको प्रथम स्थान पर रखा और कहा हजरत मुहम्मद स. धार्मिक और धर्मनिरपेक्ष दोनों क्षेत्रों में बेहद सफल रहे और विश्व पर दीर्घकालिक प्रभाव डाले! आप की शिक्षाएं और आप पर नाजिल हुई शरीयत (कुरआन) अद्वितीय है जो सिर्फ मुसलमानों के लिए ही नहीं बल्कि पूरी कायनात के लिए है! आप पर ईमान रखने वाले अशरफ उल मखलूक हैं और उनके जीवन का उद्देश्य है समाज का नेतृत्व करना, बुराइयों का दमन और इंसाफ पसंद सत्ता कायम करना!

-- लेखक हुजूर का गुलाम - मोहम्मद मोबीन गाज़ी कस्तवी,9455205870