ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 28 से 31 अक्टूबर 2021 तक आईएचजीएफ दिल्ली फेयर-ऑटम 2021 में  नई पहल और अनूठी डिजाइन की वजह से आगंतुकों में दिखा उत्साह

 




 
विजन लाइव/ग्रेटर नोएडा

ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 28 से 31 अक्टूबर 2021 तक आईएचजीएफ दिल्ली फेयर-ऑटम 2021 का 52 वां संस्करण 'हस्तशिल्प निर्यातकों का विश्व का सबसे बड़ा समूह' होने की अपनी प्रतिष्ठा के अनुरूप, दुनिया (IMPORTERS OF HANDICRAFTS & GIFTS) को एक छत के नीचे लाने में सफल साबित हो रहा है। होम, लाइफस्टाइल, फैशन और टेक्सटाइल सेगमेंट के लिए भारत के अग्रणी निर्माताओं के लिए  प्रतिष्ठित और प्रभावी अंतरराष्ट्रीय सेतु के तौर पर  भारत में यह व्यापार आयोजन ढाई दशकों से आयातकों, थोक विक्रेताओं, रिटेल चेन्स  और डिजाइन प्रोफेशनल्स के लिए एक निरंतर, प्रमाणित और अबाध संसाधन के तौर पर स्थापित रहा है। केंद्र सरकार में  केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने आज मेले का दौरा किया। अपने यात्रा के दौरान उन्होंने कहा, "तकनीकी प्रगति और प्रशिक्षण कौशल को कदम से कदम मिलाकर  चलना चाहिए और भारत के पारंपरिक कौशल को बढ़ाने और बढ़ावा देने के लिए यह हमेशा हमारा प्रयास रहा है उन्होंने कहा कि वह आईएचजीएफ दिल्ली मेला - ऑटम 2021 में उत्पादों के प्रदर्शन से बहुत प्रभावित हुए। इसके साथ ही उन्होंने आयोजन से जुडे सभी लोगों की सफलता की कामना की। आईएचजीएफ दिल्ली मेले में सोर्सिंग से रिकवरी की राह तेज - वर्तमान में तेजी से सामान्य होती स्थिति में मेले के आयोजन और खरीदारों और प्रदर्शकों की प्रतिक्रिया के बारे में हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) के अध्यक्ष श्री राज के मल्होत्रा ने कहा, "दुनिया भर के खरीदारों को आईएचजीएफ दिल्ली मेले में शिरकत करना पसंद हैं क्योंकि भारतीय उत्पादों में उत्कृष्ट उत्पाद रेंज, आकर्षक मूल्य, विभिन्न किस्में, विशिष्ट गुणवत्ता और नई उत्पाद लाइनें होती हैं। ईपीसीएच के महानिदेशक और आईईएमएल के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि एक तरफ जहां दुनिया भर के खरीदारों ने 52वें आईएचजीएफ दिल्ली मेले, ऑटम 2021 के लिए इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आने के हमारे आह्वान का पूरी गर्मजोशी से जवाब दिया है, जिससे अपने व्यापार को गहन सोर्सिंग के साथ बढ़ावा दिया जा सके, वहीं भारत के प्रमुख हस्तशिल्प निर्यातकों के समूह और शानदार उत्पाद श्रृंखलाओं के प्रदर्शन ने चुनौतियों के बावजूद उत्पादन और वितरण करने की हमारी क्षमता में खरीदारों के विश्वास को बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है। आयोजन के पहले ही तीन दिनों में अच्छी संख्या में खरीदार मेले में शिरकत कर चुके हैं। इन आगंतुकों और खरीदारों ने अपनी यात्रा के फैसले पर बहुत प्रसन्नता व्यक्त करते हुए, इसके साथ ही उन्होंने मेले में अपने नियमित और नए प्रदर्शकों को ऑर्डर देने में भी गहरी रुचि दिखाई है। कई लोगों ने आने वाले उद्यमियों और पहली बार के प्रतिभागियों द्वारा पेश किए गये नए विचार और उत्पादों के नवाचारों  में भी रुचि दिखाई है। उन्होंने मेले में सभी व्यवस्थाओं और मानदंडों का पालन करने के लिए आयोजकों की सराहना की। टोक्यो की मयूमी कोयामा इस शो में शामिल होकर खुश हैं, एक तरफ वह जहां वस्त्रों और फर्नीचर की बनावट को छू कर  महसूस कर सकती हैं। वहीं अपनी रुचि और प्रसन्नता को व्यसाय में बदलते हुए उन्होंने पहले ही मेले में प्रदर्शकों को अपने ऑर्डर दे दिए हैं। वह कहती हैं कि वर्चुअल शो सराहनीय थे क्योंकि वे व्यवसायों को बचाए रखते थे, लेकिन व्यक्तिगत रूप से भाग लेना अच्छा लगता है। नीदरलैंड के इमरे तोरमा का कहना है कि यह मेला इसलिए 'महत्वपूर्ण' है क्योंकि यह मेला नए विचारों को प्राप्त करने, हर उत्पाद की डिजाइन और यहां आपूर्तिकर्ताओं के विचार और व्यवसाय के बीच नया क्या हो रहा है, यह जानने का नया अवसर मिल जाता है । हैंडीक्राफ्ट एंड कारपेट सेक्टर स्किल काउंसिल (एचसीएसएससी) के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले संस्थानों और प्रशिक्षण भागीदारों के लिए पुरस्कार विजेताओं को  केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री  राजीव चंद्रशेखर ने सम्मानित किया। उन्होंने सेक्टर और उद्योग के हितधारकों की कारीगरों और उद्यमियों की हैंड होल्डिंग, पोषण और कौशल विकास के साथ एमएसएमई क्षेत्र को आकार देने में उनके योगदान और प्रयासों के लिए की सराहना की। इस अवसर पर बोलते हुए हैंडीक्राफ्ट एंड कारपेट सेक्टर स्किल काउंसिल (एचसीएसएससी) के अध्यक्ष और गवर्निंग काउंसिल के सदस्य  अरशद मीर ने बताया कि  एचसीएसएससी ने अपने हितधारकों की मदद से भारत भर में 3,00,000 से अधिक प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण और प्रमाणित करने का मील का पत्थर हासिल किया है। इन कार्य को सेक्टर में चल रही कई योजनाओं और जॉब रोल्स के तहत किया गया है। इस आयोजन में कई सेमिनार भी आयोजित किए जा रहे हैं। पैकेजिंग सॉल्यूशंस फॉर हैंडीक्राफ्ट सेक्टर विषय पर इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ पैकेजिंग के श्री माधब चक्रवर्ती द्वारा और फ़र्नीचर एंड एक्सेसरीज़ ट्रेंड 2022 विषय पर  विलियम जे ग्रेस, प्रेसिडेंट, सदर्नस्की रिसोर्सेज, यूएसए जैसे प्रमुख उद्योग पेशेवरों और अंतर्राष्ट्रीय सलाहकारों द्वारा सेमिनारों में बड़ी संख्या में सदस्य निर्यातकों ने प्रतिभाग किया। आईएचजीएफ दिल्ली मेले का यह संस्करण, इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे में 8 हॉल और 900 स्थायी शोरूम में विस्तृत रूप से आयोजित हो रहा है। इसमें होम, जीवन शैली, फैशन, वस्त्र और फर्नीचर के लिए 1500 से अधिक प्रदर्शक एक साथ अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शित वस्तुओं में 2000 से अधिक नए उत्पादों और 12 उत्पाद श्रेणियों जैसे हाउसवेयर, होम फर्निशिंग, फर्नीचर, उपहार और सजावटी, लैंप और लाइटिंग, क्रिसमस और उत्सव की सजावट, फैशन ज्वैलरी और एक्सेसरीज में फैले 300 से अधिक डिजाइन का एक व्यापक प्रदर्शन किया गया है। इनमें स्पा और वेलनेस, कालीन और रग्स, बाथरूम एसेसरीज, बगीचे की एसेसरीज, शैक्षिक खिलौने और खेल, हस्तनिर्मित कागज उत्पाद और स्टेशनरी और चमड़े के बैग भी प्रमुख रूप से शामिल हैं। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) देश से दुनिया के विभिन्न स्थानों पर हस्तशिल्प के निर्यात प्रोत्साहन की नोडल एजेंसी है। इसके साथ ही ईपीसीएच दुनिया भर में क्वालिटी हस्तशिल्प उत्पादों और सेवाओं के भरोसेमंद प्रदाता के तौर पर भारत की छवि निमार्ण करने का काम करती है। चालू वित्त वर्ष 2021-22 की पहली छमाही अप्रैल-सितंबर के दौरान हस्तशिल्प का निर्यात 15995.73 करोड़ रुपये का हुआ है जिसमें बीते वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 60.34% की वृद्धि दर्ज की गई है।

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