गौतमबुद्धनगर विशेष न्यायाधीश, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम वेदप्रकाश वर्मा ने की, बाइक बोट घोटाले में गर्वित इन्नोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड की सिस्टर कंपनी के डायरेक्टर/एडिशनल डायरेक्टर की जमानत याचिका नामंजूर





सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (दाण्डिक) गौतमबुद्धनगर रोहताश शर्मा ने बताया कि आवेदक/अभियुक्त मैसर्स गर्वित इन्नोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड की सिस्टर  कंपनी आई.टी.वी., प्राईमेक्स ब्राडकास्ट आदि मे डायरेक्टर/ एडिशनल डायरेक्टर के पद पर नियुक्त होना बताया गया है। उक्त कंपनी के घोटाले में कई हजार करोड रूपये का आर्थिक अपराध संलिप्त है। प्रस्तुत मामला आर्थिक घोटालों से संबंधित कहा गया है। इस संबंध में विधि व्यवस्था शिवराज सिंह उर्फ छुट्टन प्रति उत्तर प्रदेश, राज्य व अन्य 2009 (65) एसीसी पेज 781 (इलाहाबाद डबल बेंच)  व माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के पत्रांक संख्या 15336/ 2010 एडमिन जी.11 दिनांकित 20.09.2010 के प्रकाश में प्रतिपादित विधिक सिद्धान्तों के आलोक में जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त किए जाने योग्य है।



मौहम्मद इल्यास-’’दनकौरी’’/गौतमबुद्धनगर

---------------------------------------------विशेष न्यायाधीश, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम गौतमबुद्धनगर वेदप्रकाश वर्मा ने करीब 10 हजार करोड रूपये के बाइक बोट पोंजी घोटाले में मनोज त्यागी पुत्र महेश चंद त्यागी की जमानत याचिका नामंजूर कर दी है। मनोज त्यागी पुत्र महेश चंद त्यागी प्रति उत्तर प्रदेश सरकार, जमानत प्रार्थना पत्र संख्या 2433 सन 2021 यूपीजीबी 01 0081082021/2021 प्रार्थी/ अभियुक्त की ओर से मुकदमा अपराध संख्या 873 सन 2019 धारा 420, 409,467, 468, 471, 201, 120बी भारतीय दण्ड संहिता थाना.दादरी, जिलाः-.गौतमबुद्धनगर में जमानत हेतु प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया गया। इस जमानत हेतु प्रार्थनापत्र पर सुनवाई विडियो कांॅन्फेंस के माध्यम से की गई। अभियोजन के अनुसार वादी मुकदमा बिजेन्द्र चौहान ने विपक्षीगण बिजेन्द्र चौहान, सचिन भाटी, विजय कसाना, राकेश भारद्वाज, करनपाल सिंह, दीप्ति बहल के विरुद्ध न्यायालय तृतीय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां प्रार्थना पत्र अंतर्गत धारा 156(3) दंड प्रक्रिया संहिता इस आशय का प्रस्तुत किया गया कि उसको वर्ष 2018 में अखबार के माध्यम एक विज्ञापन प्राप्त हुआ कि उनकी कंपनी में 62100/ रूपये लगाओ, जिससे आपके नाम पर एक बाईक दी जाएगी और ओला व उबर कैब की तर्ज पर चलाई जाएगी जिसकी आमदनी से प्रत्येक बाईक के लिए प्रत्येक माह 9765/ रूपये 12 माह तक मिलेंगे। उक्त विज्ञापन से आकर्षित होकर प्रार्थी ने उक्त कंपनी के बारे जानकारी की तो पता चला कि गर्वित इन्नोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड कंपनी के मालिक का नाम संजय भाटी है व विजय कसाना, राकेश भारद्वाज, करनपाल सिंह, दीप्ति बहल कंपनी के डायरेक्टर हैं तथा कंपनी का ऑफिस गौतमबुद्धनगर नोएडा में है। कंपनी के दो ऑफिस और भी है जो दादरी व वैनिस मॉल ग्रेटर नोएडा में हैं। प्रार्थी दिनांक 27-08-2016 को उक्त कंपनी के दादरी ऑफिस गया, यहां पर मौजूद अधिकारियों से उस स्कीम के बारे में पता किया और इन अधिकारियों की बातों से आकर्षित उक्त कंपनी में अपनी बिजेन्द्र चौहान द्वारा 62100/रुपये एक बाईक हेतु एवं ओमपाल ने 4 बाईक हेतु 248400/ रुपये एवं राकेश कुमार ने एक बाईक हेतु 62100/रूपये, धमेंद्र कुमार ने 124200/ रूपये 2 बाईक हेतु, रेनू चौहान द्वारा 310500/ रुपये 5 बाईक हेतु, सुनीता द्वारा 62100/ रूपये एक बाईक हेतु, संतोष द्वारा 62100/ रुपये 1 बाईक हेतु उक्त कंपनी में लगा दिए। वादी की ओर से कहा गया है कि उक्त बाईकों को कंपनी में लगा देने के बाद केवल ओमपाल की 2 किस्तें, सुनीता की 1 किस्त, बिजेंद्र चौहान की 2 किस्त आईं जब कि अन्य दूसरे लोगों की एक भी किस्त नही आई। इस बावत निवेशकों ने कंपनी कार्यालय में जाकर पता किया तो कई दिनों तक टाल मटोल की जाती रही। किंतु जब किस्तों के बारे में लगातार तकादा किया गया तो विपक्षीगण की ओर सें प्रार्थीगण रेनू चौहान को चैक संख्या 816197 अंकन 739748/ रुपये दिनांकित 10-01-2020, धमेंद्र कुमार को चैक संख्या 626343 अंकन 176480/. रूपये दिनांकित 10-01-2020, राकेश कुमार ने चैक सख्या 668604  दिनांकित 01-12-2019 अंकन 94850/ रुपये, ओमपाल को चैक संख्या 672145  दिनांकित 01-12-2019 अंकन 330450/ रुपये, बिजेंद्र चौहान को चैक संख्या 747561 दिनांकित 01-09-2019 अंकन 75320 रुपये नोबल ऑपरेटिव बैंक शाखा 22 नोएडा के पीडीएस प्रदान कर दिए तथा पूर्ण आश्वासन दिया कि उक्त चैकों को नियत तारीख पर अपने खाते में लगा देना भुगतान हो जाएगा। किंतु प्रार्थीगणों इतनी लंबी तारीखों के चैक मिलने पर तथा उक्त चैकों पर किसी करनपाल सिंह के अलग.अलग हस्तलेख के हस्ताक्षर देखकर शक हुआ और उक्त बैंक में जाकर पता किया तो मालूम हुआ कि बैंक की ओर से किसी करमपाल सिंह के पक्ष में कोई चैक बुक जारी नहीं की है। आखिर जून में 03-05-2019 को विपक्षीगण के कार्यालय जाकर पता किया तो विपक्षीगण की ओर से गाली गलौंच, मारपीट और जान से मारने की धमकी तक दी गईं। इस आधार पर प्रार्थीणों द्वारा दिनांक 11-08-20219 को थाना दादरी गौतमबुद्धनगर में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गईं। उधर आवदेक/ अभियुक्त के विद्वान अधिवक्ता द्वारा तर्क प्रस्तुत किया गया कि आवदेक/ अभियुक्त निर्दोष है और उसे झूठा फंसाया गया है। यह भी तर्क प्रस्तुत किया गया कि आवदेक/ अभियुक्त एक अन्य मामले में दिनांक 20-12-2020  को गिरफ्तार लिया गया था और तभी से जेल में निरूद्ध हैं। अपराध वित्तीय लेनदेन पर आधारित है। आरोप पत्र दाखिल हो चुका है। जब कि उसका बाईक बोट नामक योजना से कोई संबंध नही है। आवदेक/ अभियुक्त मनोज त्यागी प्रथम सूचना रिपोर्ट में नामित नही है। आवेदक/ अभियुक्त को मैसर्स गर्वित इन्नोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड से कोई भी पैसा नहीं मिला है और उसे न ही संजय भाटी और उसके अन्य निदेशकों के बारे में कोई जानकारी है। आवेदक/ अभियुक्त  इंडिपेंडेंट टीवी लि0, प्राईमेक्स प्लास्टिक प्रा0 लि0, प्राईमेक्स ब्रोडकास्ट प्रा0 लि0, प्रेरणा सर्विसेस प्रा0 लि0, पेंटेल टैक्नोलॉजी प्रा0 लि0 में अतिरिक्त निदेशक रह चुका हैं तथा उसके पास कोई कार्यकारणी शक्ति नही थी। उक्त कंपनियों में बिजेंद्र सिंह नामक व्यक्ति का प्रमुख हिस्सा था और जिसे मुख्य अभियुक्त संजय भाटी अपने अधिकार मे ंलेना चाहता था जिसके चलते हुए दोनो पार्टियों में ब्रिकी का समझौता हुआ जिसके अनुसार कंपनी के पुराने निदेशकों को दिनांक 15-12-2018 तक कंपनी को सुचारू रूप से चलाने के काम करना था। इसके कंपनी का नियंत्रण पूरी तरह नए निदेशकों के हाथ में आ गया ब्रिकी अनुबंध के अनुसार मुख्य अभियुक्त संजय भाटी को 50 प्रतिशत विधिपूर्ण प्रतिफल दिनांक 15-12-2018 तक देना व बाकी 50 प्रतिशत सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से अनुमोदन प्राप्त होने के एक माह बाद देना था। उल्लेखनीय है कि सेल एण्ड परचेज एग्रीमेंट के अनुसार मनोज त्यागी ने दिनांक 15-12-2018 को ही निदेशक का पद त्याग दिया था। सह अभियुक्त संजय गोयल की मु0 0 0 362/2019 में माननीय उच्च न्यायालय से जमानत हो चुकी है, अतः आवेदक/अभियुक्त मनोज त्यागी को जमानत प्रदान कर दी जावे। उधर विद्वान सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (दाण्डिक) गौतमबुद्धनगर रोहताश शर्मा द्वारा जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध किया गया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (दाण्डिक) गौतमबुद्धनगर रोहताश शर्मा ने दलील देते हुए कहा कि अभियुक्त जी.आई.पी.एल. यानी मैसर्स गर्वित इन्नोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड की सिस्टर  कंपनी आईटीवी, प्राईमेक्स ब्राडकास्ट आदि कंपनियों मे डायरेक्टर/ एडिशनल डायरेक्टर के पद पर नियुक्त रहा है तथा आवेदक/अभियुक्त द्वारा सहअभियुक्त संजय भाटी व बिजेंद्र सिंह हुड्डा आदि के साथ मिलकर करीब ढाई लाख निवेशकों को धोखा देवर करोड़ों रुपये की धनराशि का गबन किया गया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (दाण्डिक) गौतमबुद्धनगर ने यह भी नजीर पेश करते हुए कहा कि आवेदक/अभियुक्त मैसर्स गर्वित इन्नोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड की सिस्टर  कंपनी आई.टी.वी., प्राईमेक्स ब्राडकास्ट आदि मे डायरेक्टर/ एडिशनल डायरेक्टर के पद पर नियुक्त होना बताया गया है। उक्त कंपनी के घोटाले में कई हजार करोड रूपये का आर्थिक अपराध संलिप्त है। प्रस्तुत मामला आर्थिक घोटालों से संबंधित कहा गया है। इस संबंध में विधि व्यवस्था शिवराज सिंह उर्फ छुट्टन प्रति उत्तर प्रदेश, राज्य व अन्य 2009 (65) एसीसी पेज 781 (इलाहाबाद डबल बेंच)  व माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के पत्रांक संख्या 15336/ 2010 एडमिन जी.11 दिनांकित 20.09.2010 के प्रकाश में प्रतिपादित विधिक सिद्धान्तों के आलोक में जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त किए जाने योग्य है। अतः जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त किया जावे। संबंधित पक्ष के विद्वान अधिवक्ताआेंं को सुनने और सबूतों को मद्दनेजर रखते हुए विशेष न्यायाधीश, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम गौतमबुद्धनगर वेदप्रकाश वर्मा ने अभियुक्त मनोज त्यागी के जमानत प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है।