यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की 70वीं बोर्ड बैठक में 4122 करोड़ रुपये का 2021-.22 का वार्षिक बजट पास किया

 



 

 यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया

 




जेवर एयरपोर्ट के पास सेक्टर-32 में यूपी एटीएस के मुख्यालय और ट्रेनिंग सेंटर के लिए महज एक रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर पर भूमि का आवंटन

 


 


यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र के आवासीय सेक्टर-18 और औद्योगिक सेक्टर-29 में एक-एक महिला पुलिस थाना बनाया जाएगा

 



जेवर एयरपोर्ट के पास सेक्टर-32 में फैसिलिटी भूखंड एफ-6 पर यूपी एटीएस का मुख्यालय 12,770 वर्ग मीटर में बनाया जाएगाः डा0 अरुणवीर सिंह

 




मौहम्मद इल्यास-’’दनकौरी’’/यीडा (यमुना सिटी)

यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की 70वीं बोर्ड बैठक आज सोमवार को सभागार में संपन्न हुई। इस बोर्ड बैठक में यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने 4122 करोड़ रुपये का 2021-.22 का वार्षिक बजट पास कर दिया। बजट में जेवर एयरपोर्ट, मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी, मेट्रो, पॉड टैक्सी, सड़क, सेक्टरों व गांवों के विकास कार्यों के लिए बजट का प्रावधान किया गया है। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने जमीन अधिग्रहण के लिए भी 800 करोड़ रुपये रखे हैं। बोर्ड बैठक की अध्यक्षता चेयरमैन अरविंद कुमार ने की। बैठक में यमुना प्राधिकरण के सी.ई.ओ. डा0 अरुणवीर सिंह, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सी.ई.ओ. नरेंद्र भूषण, ए.सी.ई.ओ.. मोनिका कुमारी, ए.सी.ई.ओ. रविंद्र कुमार, ओएसडी शैलेंद्र भाटिया आदि अधिकारीगण मौजूद रहे। बैठक में वित्तीय वर्ष 2021.22 का बजट प्रस्तुत किया गया। बोर्ड ने 4122 करोड़ रुपये के बजट पर मुहर लगा दी। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसमें मेट्रो, पॉड टैक्सी और सड़क मार्ग शामिल है। जेवर एयरपोर्ट में अपना अंशदान देने के लिए बजट में 540 करोड़ रुपये रखे गए हैं। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने ने जमीन अधिग्रहण पर अपना फोकस बढ़ाया है। जमीन अधिग्रहण के लिए 800 करोड़ रुपये रखे गए हैं। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण अपना ऋण भी कम करेगा। इसके लिए करीब 600 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसमें 300 करोड़ रुपये नोएडा प्राधिकरण को देगा। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने विकास एवं निर्माण कार्यों को भी प्राथमिकता पर रखा है। गांवों के विकास के लिए भी फंड रखा गया है। सेक्टरों के विकास के लिए भी फंड आरक्षित किया गया है। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने इन कामों के लिए 1290 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने अपने आवंटियों को कई रियायत दी है। 2013-14 में आवंटित औद्योगिक भूखंडों के आवंटियों को दो साल का जीरो पीरियड दिया गया है, जबकि रजिस्ट्री नहीं करा पाने वालों को 31 अगस्त तक का समय दिया गया है। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने औद्योगिक, आवासीय समेत सभी आवंटियों को कई रियायतें दी हैं।यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने 2013-14 में सेक्टर-23-33 में औद्योगिक भूखंड आवंटित किए थे। इन आवंटियों को अभी तक कब्जा नहीं मिला है। ऐसे करीब 850 आवंटियों को दो साल का जीरो पीरियड दिया गया है। यानी 2018-20 तक इन आवंटियों पर किसी तरह का जुर्माना आदि नहीं लगेगा। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने बोर्ड ने इस फैसले पर अपनी मुहर लगा दी है। कोरोना के चलते बीएचएस-12-13 के आवंटी पैसा नहीं जमा कर पा रहे हैं। इन योजनाओं में छोटे फ्लैट हैं। कई आवंटी अपना पैसा वापस करने के लिए आवेदन भी किया। अब ऐसे आवंटियों के लिए यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने रिफंड योजना शुरू की है। यानी 31 अगस्त तक आवेदन करने वाले आवंटियों को चार प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से पैसा वापस किया जाएगा। चेक लिस्ट जारी होने के बाद आवंटी अभी तक रजिस्ट्री नहीं करा पाए हैं। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने े ऐसे आवंटियों के लिए 31 अगस्त तक का समय दिया है। ये आवंटी 31 अगस्त तक बिना किसी जुर्माने के अपनी रजिस्ट्री करा सकते हैं। कोरोना काल में यमुना प्राधिकरण ने सभी श्रेणी के भूखंड आवंटित किए थे। इनमें से करीब 200 ऐसे आवंटी हैं जो अलॉटमेंट मनी नहीं जमा कर पाए। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने प्राधिकरण ने उन्हें एक और मौका दिया है। ऐसे आवंटी 30 मई तक अपना पैसा जमा कर सकते हैं। इसके बाद आवंटन स्वतः रद्द हो जाएगा। इसके अलावा सेक्टर 26ए के खरीदारों को निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 31 दिसंबर तक का समय बढ़ा दिया है। जेवर एयरपोर्ट के पास सेक्टर-32 में यूपी एटीएस का मुख्यालय और ट्रेनिंग सेंटर बनेगा। इसके लिए यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने महज एक रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर पर भूमि का आवंटन किया है। सी.ई.ओ. डा0 .अरुणवीर सिंह ने बताया कि जेवर एयरपोर्ट के पास सेक्टर-32 में फैसिलिटी भूखंड एफ-6 पर यूपी एटीएस का मुख्यालय 12,770 वर्ग मीटर में बनाया जाएगा। यहां पर पुलिस की अलग-अलग शाखाओं से आने वाले कमांडो के लिए प्रशिक्षण की सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने बोर्ड बैठक में  दो नए महिला थानों के लिए ज़मीन दे दी। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र के आवासीय सेक्टर-18 और औद्योगिक सेक्टर-29 में एक-एक महिला पुलिस थाना बनाया जाएगा।