मौसम विभाग की मानें तो अगले 2 घंटों के दौरान उत्तर प्रदेश के कासगंज, बिजनौर, देवबंद, रुड़की, शरणपुर, चांदपुर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, संभल, चंदौसी, बिलारी, अतरौली और आसपास के इलाकों में बारिश होगी।

 


विजन लाइव/नई दिल्ली

मानसून इस बार सामान्य तिथि से 12 दिन पहले यानी 15 जून को दस्तक देने जा रहा है। यूपी से लेकर बिहार और झारखंड तक अब मानसून का असर दिखने लगा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने फिलहाल उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज के साथ बारिश की भविष्यवाणी की है। मौसम विभाग ने पहले ही पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में गरज और बिजली गिरने के साथ भारी बारिश और ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बिहार में अभी बारिश हो रही है। पूर्वी भारत और इससे सटे मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में शुक्रवार से ही भारी बारिश जारी है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून दक्षिण गुजरात के कुछ और इलाकों, महाराष्ट्र के बचे हुए इलाकों, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, दक्षिण मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों, छत्तीसगढ़ और दक्षिण गुजरात भी पहुंच गया है। तो चलिए जानते हैं देश के किस हिस्से में कैसा मौसम रहेगा।


मौसम विभाग की मानें तो अगले 2 घंटों के दौरान उत्तर प्रदेश के कासगंज, बिजनौर, देवबंद, रुड़की, शरणपुर, चांदपुर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, संभल, चंदौसी, बिलारी, अतरौली और आसपास के इलाकों में बारिश होगी। उधर ओडिशा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड, मध्य प्रदेश और तेलंगाना में भारी बारिश देखी जा सकती है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमोत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अगले चार दिन तक तेज हवाएं 25 से 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की संभावना बनी हुई है। इसके साथ ही बिहार, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के अन्य हिस्सों में अगले 4-.5 दिनों में कहीं.कहीं भारी बारिश का अनुमान है। 14 जून के दौरान उत्तर पश्चिम भारत के बाकी हिस्सों में काफी वर्षा होगी। वहीं आज 12 जून से.13 जून तक अलग.अलग जगहों पर भारी वर्षा होगी। केरल में 15 जून के दौरान अलग.अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। जबकि इसी अवधि में कोंकण और गोवा में अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। महाराष्ट्र के तटीय और आसपास के घाट जिलों और तटीय कर्नाटक में भी इस दौरान भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी करते हुए कहा कि दक्षिण.पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां गुजरात , मध्य प्रदेश, शेष हिस्सों छत्तीसगढ़ और ओडिशा, पूरे पश्चिम बंगाल और झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों और पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्रमुख हो जाएंगी। खासकर उत्तर प्रदेश की ताजा स्थिति पर गौर करें तो पता चलता है कि बीते चौबीस घंटों के दौरान पश्चिमी यूपी में अनेक स्थानों पर हल्की से सामान्य बारिश हुई जबकि पूर्वी अंचल में कहीं.कहीं भारी वर्षा भी रिकार्ड की गई। इस अवधि में सबसे अधिक 11 सेंटीमीटर बारिश प्रतापगढ़ के कुण्डा में रिकार्ड की गई। इसके अलावा गोण्डा के तरबगंज में 11, लखनऊ में 6, बाराबंकी की फतेहपुर तहसील में खीरी के सरदारनगर, रायबरेली, सीतापुर के सिधौली, प्रयागराज के फाफमऊ में 5 सेंटीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। वहीं बाराबंकी के सिरौली गौसपुर, आजमगढ़, रायबरेली के डलमऊ, बाराबंकी के नवाबगंज, अमेठी के फुर्सतगंज, बाराबंकी के एल्गिनब्रिज, अयोध्या, उरई में 4.4, बाराबंकी के रामनगर, अमेठी के मुसाफिरखाना, गोरखपुर के मुखलिसपुर, बाराबंकी के हैदरगढ़, प्रयागराज, सीतापुर के भटपुरवाघाट, सीतापुर, मुजफ्फरनगर, बरेली, हरदोई के सण्डीला, सीतापुर के बिस्वां, अमेठी के गौरीगंज, बाराबंकी के रामसनेहीघाट, बलिया के रसड़ा, सीतापुर महमूदाबाद, प्रयागराज के सोरों, चित्रकूट, बिलारी, चंदौसी, बदायूं के बिसौली, बिजनौर के चन्दपुर, रामपुर, शाहजहांपुर के जलालाबाद में 2.2 सेमी बारिश दर्ज की गई। भारतीय मौसम विभाग के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि इससे पहले वर्ष 2008 में भी मानसून 15 जून को दिल्ली पहुंचा था। उन्होंने कहा कि मॉनसून के समय से पहले आने की अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। इस बार यह मानसून 15 जून को दिल्ली पहुंच सकता है। उन्होंने बताया कि उत्तर.पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अगले तीन से चार दिन में ओडिशा, झारखंड और उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ने की संभावना है। अनुकूल मौसमी परिस्थितियों की वजह से दक्षिण.पश्चिमी मानसून के अगले 5 से 6 दिन के दौरान दक्षिण राजस्थान और गुजरात के कच्छ क्षेत्र को छोड़कर पूरे देश में छा जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि किसी इलाके में मानसून के आने की घोषणा करने के लिए मोटे तौर पर तीन तथ्यों पर विचार किया जाता है जिसमें पहला विस्तृत क्षेत्र में बारिश, दूसरा अगले तीन .चार दिन बारिश की संभावना और तीसरा, पूर्वी हवाएं। जब कि निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर के महेश पलावत के मुताबिक, वर्ष 2013 में मॉनूसन 16 जून तक देश के सभी हिस्सों तक पहुंच गया था। पिछले साल 29 जून तक पूरे देश में मानसून पहुंच गया था। दिल्ली में शनिवार को पारा कई डिग्री अधिक चढ़ने से न्यूनतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि एक दिन पहले ही यहां 13 वर्षों में जून माह में सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया था। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था जो मौसम के औसत तापमान से आठ डिग्री सेल्सियस कम था। वहीं अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो मौसम के औसत से एक डिग्री सेल्सियस कम था। मौसम विभाग ने बताया कि शनिवार को न्यूनतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि सुबह हवा में नमी का स्तर 67 प्रतिशत था। मौसम वैज्ञानिकों ने शनिवार को पुरवाई हवाएं चलने का अनुमान व्यक्त किया है। अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के आस.पास रहने का अनुमान है।