विजन लाइव/दनकौर

किसान एकता संघ के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने कैम्प कार्यालय दनकौर पर पूर्व प्रधानमंत्री व किसान नेता चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि मनाई।  इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष सोरन प्रधान ने कहा कि चौधरी  चरण सिंह किसानों की एक सशक्त आवाज थे। जिन्होंने निस्वार्थ भाव से जीवन पर्यंत किसानों और मजदूरों की आवाज बनकर प्रखर रूप से संसद के पटल पर रखा। उनका झुकाव समाजवादी विचारधारा की तरफ था, वो कहते थे कि देश की तरक्की का रास्ता बड़े बड़े उद्योगों या शहरी चकाचौंध से नही बल्कि उन खेत और खलिहानों से होकर गुजरता है, जहां किसान भूमि के सीने को चीरकर देश के लिए अन्न पैदा करता है, क्योंकि भारत का सामाजिक ढांचा पश्चिमी देशों की तरह पूंजीवादी व्यवस्था का अनुयायी नही बल्कि लोकतांत्रिक समाजवाद का समर्थक है जहां सरकार का उद्देश्य गरीबी के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा में समाहित करना है। चौधरी चरण सिंह के जाने के बाद दिल्ली किसानों की हमदर्द नही रही। जिस तरह से वर्तमान सरकार ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए तीन काले कृषि कानून किसानों की सहमति के बिना पारित कर दिए वो इस बात को दर्शाते है, कि किसान सरकार की प्राथमिकता न होकर पूंजीपति वर्ग की पिछलग्गू है। इस मौके पर रमेश कसाना,अखिलेश प्रधान,सतीश कनारसी, अरविन्द सेक्रेटरी,आशु अट्टा,सचिन नागर,मनीष नागर,अशोक नागर,रोहित भाटी,नदीम सलमानी,संजीव नागर, फिरोज अब्बास,शाहरूख चौधरी आदि पदाधिकारी और कार्यकर्तागण मौजूद रहे।