हादसे में दोनों पैर खराब होने के बाद भी रामरतन नरी ने हिम्मत नहीं हारी और अपने खेलने के तरीके को बदल दिया

 


मौहम्मद इल्यास/गौतमबुद्धनगर

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से राज्य स्तरीय उत्तर प्रदेश पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2021 कार्यक्रम का आयोजन मधुबन बापूधाम गाजियाबाद में किया गया। इस चैंपियनशिप में मथुरा के छाता तहसील के गांव नरी निवासी राम रतन सिंह पुत्र मुनेश कुमार ने क्लब थ्रो और डिस्कस थ्रो में  बाजी मारकर दो अलग.अलग गोल्ड मैडल जीतकर कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। इस बात की खबर सुनते ही नरी के ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी और उनके पिता को अपने बेटे पर फक्र महसूस हुआ और उन्होंने कहा कि आज उनके बेटे ने अपने गांव का ही नहीं बल्कि पूरे जनपद का नाम रोशन किया है। गांव के ही रहने वाले बचपन के मित्र प्रमोद ने बताया कि राम रतन बचपन से ही कबड्डी और पहलवानी में दिलचस्पी रखता है। रामरतन बहुत ही सरल स्वभाव और मिलनसार व्यक्ति है जिसका सभी ग्रामवासी आदर करते है। विजन लाइव को रामरतन के करीब दोस्त दामोदर राजपूत ने बताया कि सब कुछ ठीक.ठाक चल रहा था, तभी सन 2017 में जब वह छाता से अपने गांव नरी अपनी मोटरसाइकिल से आ रहा था तभी अचानक नेशनल हाईवे 2 पर एक बस से उसकी टक्कर हो गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जब उसे अस्पताल ले जाया गया तब डॉक्टर ने बताया कि इस हादसे में अब उसके दोनों पैर नहीं चल सकेंगे। करीब 1 साल तक वह अपनी चारपाई पर लेटा रहा, लेकिन फिर भी उसने हिम्मत नहीं हारी और अपने खेलने के तरीके को बदल दिया। उसने नेहरू स्टेडियम दिल्ली में खेल की ट्रेनिंग ली, वहां पर उसे कोच के रूप में अनीता और सतपाल का साथ मिला। तभी उसने सन 2019 में मेरठ में हुई प्रतियोगिता में दो गोल्ड मैडल जीते, दो गोल्ड मैडल जीतते ही उसने अपने गांव का नाम रोशन किया। इस जीत की खुशी में उसका हौसला और बढ़ा अब उसने गाजियाबाद में हुई पांचवी पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2021 में भाग लिया। यह प्रतियोगिता जनहित इंस्टिट्यूट ऑफ एजुकेशन परिसर में यूपी पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन गाजियाबाद द्वारा कराई गई जिसमें करीब 25 जनपदों के 300 से अधिक खिलाड़ियों ने प्रतिभाग लिया। विभिन्न जिलों से अभिभावकों व साथियों के साथ खेलों में प्रतिभाग करने पहुंचे खिलाड़ियों ने जीवटता के साथ मैदान पर डट कर जिंदादिली की मिसाल कायम की। मथुरा जनपद से भाग लेने गए राम रतन सिंह ने क्लब थ्रो और डिस्कस थ्रो में पहली बाजी मार कर दो अलग.अलग गोल्ड मैडलों को अपने नाम किया और मथुरा जनपद का नाम रोशन किया। वहीं से उन्हें अब राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में खेलने के लिए तमिलनाडु के लिए चयन भी किया गया।