कृषि आध्यादेशों से किसान और मजदूर लुटेगा, मगर पूंजीपति मालामाल होंगेःधर्मपाल सिंह एडवोकेट

 


विजन लाइव/ग्रेटर नोएडा

कृषि अध्यादेशों को लेकर किसान महा आदोंलन के क्रम में 8 दिसंबर-2020 को भारत बंद के दौरान विभिन्न किसान संगठनों और राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत दिखाई। इससे सरकार अलग थलग पडती हुई दिखाई दे रही है। इस भारत बंद महा किसान आंदोलन में राष्ट्रीय मजदूर किसान पार्टी ने भी अपने समर्थन का ऐलान किया और कार्यकर्ताओं ने भारत बंद में हिस्सा लिया। इस मौके पर राष्ट्रीय मजदूर किसान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मपाल सिंह एडवोकेट ने कहा कि राष्ट्रीय मजदूर किसान पार्टी इस किसान महा आंदोलन के 8 दिसंबर को भारत बंद का पूर्ण रूप से समर्थन करती है। भाजपा सरकार ने कृषि अध्यादेशों के सहारे के किसानों और मजदूरों को छलने का काम किया है। कृषि आध्यादेशों का असर किसानों के साथ मजदूरों पर भी पडने वाला है। पूंजीपति किसानों से औने पौने दामों पर कृषि उत्पाद खरीदेंगे और जनता यानी गरीब मजदूरों तक आते आते यह खाद्यान्न बेशकीमती हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि कृषि आध्यादेशों से किसान और मजदूर लुटेगा मगर पूंजीपति मालामाल होंगे। उन्होंने कहा कि कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग से खेतिहार मजदूर बेरोजगार होंगे और जमाखोरी वेध होने से जमा खोर खाद्दय सामग्रियों को मनमाने रेट पर विक्रय करेंगे, जिससे आम जनता को भी महगांई का शिकार होना पड़ेगा। इसलिए किसानों के आंदोलन के साथ आम जनता को भी तीनों काले कानूनों को केंद्र सरकार से वापस लेने की मांग करनी चाहिए और अधिक से अधिक संख्या में आम जनता को भी किसानों का समर्थन करना चाहिए।