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यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक प्राधिकरण की 69 वीं  बोर्ड बैठक सोमवार को संपन्न हुई। इस बोर्ड बैठक में 30 प्रस्ताव पास किए गए। बोर्ड बैठक में खास बात यह रही कि यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक प्राधिकरण प्राधिकरण ने 96 गांवों के किसानों के लिए मुआवजा बढ़ा दिया है। इससे अब जेवर एयरपोर्ट परियोजना के बराबर किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। इस नए फैसले के अनुसार अब 2300 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा मिलेगा। यह दर 14 दिसंबर से लागू कर दी गई है। इससे एक लाख से अधिक किसानों को फायदा मिलेगा। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास आयुक्त एवं यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक प्राधिकरण के चेयरमैन आलोक टंडन की अध्यक्षता में 69वीं बोर्ड बैठक हुई। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक प्राधिकरण के मुख्य कार्यापालक अधिकारी डा0. अरुणवीर सिंह ने बताया कि प्राधिकरण क्षेत्र के 96 गांवों में किसानों को दिया जाने वाला मुआवजा बढ़ा दिया गया है। जेवर एयरपोर्ट परियोजना के लिए 2300 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से किसानों की सहमति पर जमीन खरीदी गई है। अब यही मुआवजा दिया जाएगा। किसानों के पास दो विकल्प होंगे। इसके तहत 2068 रुपये/वर्ग मीटर की दर से मुआवजा और कुल जमीन का 7 प्रतिशत भूखंड दिया जाएगा। अगर आवासीय भूखंड नहीं लेना है तो 2300 रुपये/वर्ग मीटर की दर से मुआवजा मिलेगा। इसके साथ ही यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक प्राधिकरण ने लीज बैक के 146 मामलों में किसानों को राहत दी है। यमुना प्राधिकरण ने लीज बैक के 306 मामलों की जांच की थी। इसमें से 146 मामले नियमों के विपरीत पाए गए थे। यमुना प्राधिकरण ने लीज बैक के इन मामलों को निरस्त करने के लिए नोटिस जारी कर दिया। बोर्ड बैठक में यह मामला रखा गया। प्राधिकरण ने लीजबैक के मामलों की फिर जांच कराने की बात कही है। एसीईओ की अध्यक्षता में गठित समिति इन मामलों की जांच करेगी। वर्ष 2012 की सेटेलाइट इमेज को आधार मानकर इसकी जांच होगी। उम्मीद है कि किसानों की लीज बैक निरस्त नहीं होगी। एक महीने के लिए लीज बैक के आवेदन लिए जाएंगे। आवेदन आने के बाद इसकी जांच होगी और मामलों का निस्तारण किया जाएगा। लीज बैक के लिए किसान काफी दिनों से मांग कर रहे थे। इसके लिए पहली जनवरी से 30 जनवरी तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। वहीं यमुना प्राधिकरण ने आवासीय आवंटियों को बड़ी राहत दी है। कोरोना महामारी के चलते यमुना प्राधिकरण ने अगले साल 31 मार्च तक सभी तरह की आवासीय संपत्तियों की लीज डीड कराने की अनुमति दे दी है। इस दौरान कोई जुर्माना शुल्क नहीं लिया जाएगा। इससे करीब 15 हजार आवंटियों को राहत मिलेगी। इसके अलावा आवासीय योजनाएं बीएचएस-4 5 में आवंटित भवनों को प्राधिकरण की अन्य योजनाओं के रिक्त भवनों में शिफ्ट करने का एक और मौका दिया है। आवंटी 31 जनवरी तक अपना भवन शिफ्ट करा सकते हैं। इसमें करीब 1400 आवंटी हैं। साथ ही, बीएचएस-2 3 योजना के आवंटियों को रिफंड कराने का भी मौका दिया गया है। 31 जनवरी तक आवंटी रिफंड कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसमें करीब 1800 आवंटी हैं। इस बैठक में यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक प्राधिकरण प्राधिकरण के सीईओ डा0. अरुणवीर सिंह, नोएडा की सीईओ ऋतु माहेश्वरी, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण, यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक प्राधिकरण प्राधिकरण की एसीईओ मोनिका रानी, रविंद्र सिंह, ओएसडी शैलेंद्र भाटिया शामिल रहे।