पीपीपी मॉडल से बनने वाले नोएडा ग्रीन फील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट से वर्ष 2024 में उड़ान शुरू हो जाएंगीं

 


नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारतीय संस्कृति व आतिथ्य का संगम स्विस प्रौद्योगिकी व प्रगुणता के साथ करेगा

 


मौहम्मद इल्यास/ग्रेटर नोएडा

गौतमबुद्धनगर के जेवर में बनने वाले देश के सबसे बडे नोएडा ग्रीन फील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट निर्माण का रास्ता साफ हो गया। बुधवार 7 अक्टूबर-2020 को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड और स्विस कंपनी ज्यूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट एजी के बीच करार हो गया। पीपीपी मॉडल से बनने वाले इस एयरपोर्ट से वर्ष 2024 में उड़ान शुरू हो जाएंगी। कंपनी को 29500 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट को बनाने और उसे 40 साल तक चलाने का लाइसेंस दे दिया गया है। बीते 29 नवंबर को जेवर एयरपोर्ट के निर्माण के लिए ज्यूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट एजी का चयन किया गया था। एयरपोर्ट के लिए स्विस कंपनी ने यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के नाम से एसपीवी बनाई है। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण कार्यालय के सभागार में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने ज्यूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट ए.जी. के प्रतिनिधियों के साथ कंसेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए। इस कंसेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सीईओ डा0 अरुणवीर सिंह एवं  क्रिस्टोफ श्नेलमैन चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर किए। साथ ही इस ऐतिहासिक क्षण के गवाह नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार एवं नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के सदस्यों में एसपी गोयल अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एवं नागरिक उड्डयन विभाग उत्तर प्रदेश सरकार,  सुरेंद्र सिंह निदेशक नागरिक उड्डयन विभाग उत्तर प्रदेश सरकार, श्रीमती रितु माहेश्वरी सीईओ नोएडा एवं निदेशक एनआईएएल, नरेंद्र भूषण सीइओ ग्रेटर नोएडा एवं निदेशक नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड, शैलेंद्र भाटिया नोडल ऑफिसर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर तथा श्रीमती किरन के. जैन चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर एवं  शोभित गुप्ता हेड लीगल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बने। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप यानी पीपीपी मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा वर्ष 2024 में शुरू होने वाला नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारतीय संस्कृति व आतिथ्य का संगम स्विस प्रौद्योगिकी व प्रगुणता के साथ करेगा। भारत का सबसे नया ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट तीव्र प्रभावशाली प्रक्रियाओं द्वारा यात्रियों, एयरलाइंस एवं पार्टनर्स को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पूर्णतः डिजिटल रूप से संचालित होगा और सुरक्षित व संपर्करहित यात्रा अनुभव के साथ यात्रियों कस्टमाईज्ड कमर्शियल सुविधाएं प्रदान करेगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अपनी श्रेणी में पहला नेट जीरो एमिशन एयरपोर्ट होगा, जो सतत एविएशन के लिए नया मापदंड स्थापित करेगा। इस मौके पर एसपी गोयल अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एवं नागरिक उड्डयन विभाग उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा कि बुनियादी ढांचे का विकास आर्थिक पुनः प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण है, जो न केवल राज्य अपितु पूरे देश का विकास करेगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण राज्य में नौकरियों का सृजन कर आर्थिक वृद्धि करेगा तथा आने वाले सालों में घरेलू व ग्लोबल निवेशकों के लिए यह राज्य सबसे चहेता गंतव्य बन जाएगा। इस मेगा प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए ज्यूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट की टीम के सहयोग के लिए उत्साहित हैं। इससे उत्तर प्रदेश राज्य में आर्थिक प्रगति को बढ़ावा मिलेगा। डेनियल बर्नर मुख्य कार्यपालक अधिकारी ज्यूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एशिया ) ने कहा कि कंसेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 2024 में पहले चरण का विकास पूरा होने के बाद हम 12 मिलियन यात्रियों की क्षमता प्रदान करेंगे। उत्तर प्रदेश सरकार एवं भारत सरकार के साथ साझेदारी में ज्यूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भारतीय वायु परिवहन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने के लिए शामिल है। यह यात्रियों व लॉजिस्टिक पार्टनर्स के लिए असान इस्तेमाल ( ईज ऑफ यूज ) का एक मापदंड होगा। हम भारत के विकास में एक भरोसेमंद साथी बनने के लिए प्रतिबद्ध हैं   और भारत के एविएशन उद्योग के विकास में निवेश व भाग लेने के अपार अवसर देख रहे हैं।

मुख्य कार्यपालक अधिकारी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड डा0 अरुणवीर सिंह ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर काम शुरू करने के लिए यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राईवट लिमिटेड वाईएमएल के साथ कसेशन एग्रीमेंट करने की खुशी है यह विश्वस्तरीय एयरपोर्ट में केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र को अन्य घरेलू व अंतर्राष्ट्रीय स्थानों से जोड़ेगा। साथ ही दिल्ली.एनसीआर क्षेत्र में अतिरिक्त क्षमता भी प्रदान करेगा। हम मिलकर भारत के इस अग्रणी एयरपोर्ट का निर्माण करने के लिए उत्साहित हैं, जो गुणवत्ता, प्रमाणन, प्रौद्योगिकी व सततता का उदाहरण स्थापित करेगा। हम इस विश्वस्तर की सुविधा का निर्माण कार्य मिलकर शुरू करने के लिए बहुत उत्साहित है। पिछले साल नवंबर में ज्यूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट  एजी ( जैडएआईए ) ने ग्रेटर नोएडा में 40 साल की अवधि के लिए एयरपोर्ट बनाने व संचालित करने का कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया था। ज्यूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट  एजी को इस साल मई में जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का विकास करने के लिए गृह मामलों के केंद्रीय मंत्रालय से सिक्योरिटी क्लियरेंस प्रदान किया गया था।


ज्यूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट  ए.जी. के बारे में

फ्लुगाफेन जुरिक एजी एक सूचीबद्ध कंपनी है, जो स्विस कॉन्फेडरेशन के विविधीकृत व्यवसाय एवं लाईसेंसी के रूप में जुरिक एयरपोर्ट का संचालन करती है। 1700 कर्मचारियों के कार्यबल के साथ कंपनी ने 2019 में 1210.1 मिलियन सीएचएफ का टर्नओवर निर्मित किया। इसके 33. 3 प्रतिशत शेयर कैंटन के पास तथा 5 प्रतिशत शेयर जुरिक शहर के पास है। जुरिक एयरपोर्ट दुनिया के लिए स्विट्जरलैंड का द्वार है। 2019 में इस एयरपोर्ट से होकर 31 मिलियन से ज्यादा लोगों ने आवागमन किया। यह इस क्षेत्र का न केवल सबसे महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र, अपितु प्रमुख भेंट स्थल भी है लगभग 27000 लोगों को रोजगार देने वाली 280 कंपनियों के साथ इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था का मुख्या चालक जुरिक एयरपोर्ट है।

 जनिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड का गठन 28-08-2018 को उत्तर प्रदेश नागरिक उड्डयन विभाग उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नोएडा, ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी( यीडा ) के बीच 37.537.512.512.5ः के अनुपात में संयुक्त उपक्रम के रूप में किया गया। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले में एक ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट स्थापित करना एवं एविएशन से संबंधित अन्य गतिविधियों को बढ़ावा देना है। कंपनी की मौजूदा अधिकृत पूंजी 10.000 करोड़ रूपये है। कंपनी के व्यवसाय व संचालन का प्रबंधन बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स करते हैं, जिनमें शामिल हैं, चेयरमैन के रूप में मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश, जब कि डायरेक्टरों के रूप में सीईओ नोएडा, सीईओ ग्रेटर नोएडा, सीईओ यमुना एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी, सचिव या उनके द्वारा नमित अधिकारी इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं औद्योगिक विकास विभाग उत्तर प्रदेश, सेक्रेटरी या उनके द्वारा नमित अधिकारी वित विभाग उत्तर प्रदेश सरकार और डायरेक्टर नागरिक उड्डयन उत्तर प्रदेश सकार हैं।

 

हर वर्ष 12 मिलियन यात्रियों के साथ संचालन शुरू होगा

जेवर एयरपोर्ट का पहला चरण 1334 हेक्टेयर में मूर्त रूप लेगा। यहां से वर्ष 2024 में उड़ान शुरू हो जाएंगी। प्रति वर्ष 12 मिलियन यात्रियों के साथ यहां संचालन होगा। शुरुआत में एक रनवे बनाकर संचालन किया जाएगा। इस पर करीब 4500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। आखिरी चरण का काम पूरा करते समय इस एयरपोर्ट की क्षमता 70 मिलियन यात्री प्रति वर्ष होगी। जेवर एयरपोर्ट से उत्तर प्रदेश में रोजगार के लाखों अवसर मिलेंगे। यह उत्तर प्रदेश की ही नहीं, बल्कि पूरे देश की आर्थिक क्षमता में बढ़ोतरी करेगा। यह प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। साथ ही यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में  7 गुना आर्थिक गतिविधियां बढ़ जाएंगी। इसके चलते यहां करीब 5 लाख लोगों को रोजगार मिल सकेगा। एक लाख लोगों को एयरपोर्ट में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही यहां पर 5 लाख करोड़ के निवेश की उम्मीद हैं।