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दुजाना के लाल जय कुमार नागर का दादरी में भव्य स्वागत, एशियन गेम्स में दो पदक जीतकर बढ़ाया देश का मान


रजत और कांस्य पदक विजेता का नागर क्लब ने निकाला विजय काफिला, विधायक तेजपाल नागर ने किया सम्मानित
 मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ दादरी (गौतमबुद्धनगर)
जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए रजत और कांस्य पदक जीतकर लौटे दुजाना गांव के अंतरराष्ट्रीय एथलीट जय कुमार नागर का दादरी में भव्य स्वागत एवं नागरिक अभिनंदन किया गया। उनकी उपलब्धि पर क्षेत्र में खुशी का माहौल रहा और खेल प्रेमियों सहित ग्रामीणों ने उन्हें बधाई देते हुए भविष्य में देश के लिए और बड़ी उपलब्धियां हासिल करने की शुभकामनाएं दीं।
नागर क्लब के नेतृत्व में दादी सत्ती मंदिर से दादरी तक विजय काफिला निकाला गया। काफिले के दौरान बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और जय कुमार नागर का उत्साहवर्धन किया। इसके बाद जीटी रोड स्थित मुखिया फार्म हाउस में नागरिक अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया, जहां जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, ग्रामीणों और खेल प्रेमियों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया।
दो पदक जीतकर देश का बढ़ाया गौरव
जय कुमार नागर ने एशियन गेम्स में 400 मीटर मिक्स्ड रिले में रजत पदक और 4×400 मीटर पुरुष रिले में कांस्य पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया।
उनकी इस उपलब्धि को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि ग्रामीण परिवेश से निकलकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर ओमीक्रॉन-3 स्थित द एथलेटिक्स फ्यूचर अकादमी में कोच सोनू भाटी के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेकर जय कुमार ने यह उपलब्धि हासिल की।
विधायक तेजपाल नागर ने किया सम्मानित
समारोह में दादरी विधायक तेजपाल नागर ने जय कुमार नागर को सम्मानित करते हुए उन्हें इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र के लिए गौरव का अवसर है और जय कुमार की सफलता से उनके माता-पिता, गांव और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन हुआ है।
विधायक ने खिलाड़ियों के जीवन में गुरु की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कबीर के प्रसिद्ध दोहे—
“गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पाय।
बलिहारी गुरु आपनो, गोविंद दियो बताय।”
का उल्लेख किया।
उन्होंने जय कुमार नागर के माता-पिता और उनके प्रशिक्षकों को भी बधाई दी। विधायक ने कहा कि जय कुमार अब केवल दुजाना गांव के नहीं, बल्कि पूरे देश के बेटे हैं।
माता-पिता की खुशी बनी समारोह का आकर्षण
जय कुमार नागर के पिता राकेश सिंह नागर और माता रमेश देवी नागर अपने बेटे की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि पर बेहद खुश नजर आए। समारोह में मौजूद लोगों ने दोनों को भी बधाई दी।
ग्रामीण परिवेश से निकलकर अंतरराष्ट्रीय खेल मंच तक पहुंचे जय कुमार की सफलता को वक्ताओं ने क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया। वक्ताओं ने कहा कि मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के बल पर गांवों के युवा भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
खेल सुविधाओं और स्टेडियम की जरूरत पर चर्चा
समारोह में जिला क्रीड़ा अधिकारी परवेज अली ने भी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने की आवश्यकता पर चर्चा की।
इस दौरान चिटहेरा में भव्य स्टेडियम के निर्माण की आवश्यकता का मुद्दा भी उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र में बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध होने से ग्रामीण प्रतिभाओं को प्रशिक्षण के लिए बेहतर मंच मिल सकता है।
समारोह में खिलाड़ियों के लिए स्टेडियम की 210 रुपये फीस का भी उल्लेख किया गया। इसके साथ ही पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दिए जाने से जुड़े विषय पर भी चर्चा हुई।
कोच और प्रशिक्षकों का भी सम्मान
जय कुमार नागर की सफलता में उनके प्रशिक्षकों की भूमिका को भी समारोह में प्रमुखता से रेखांकित किया गया। उनके कोच सोनू भाटी, कोच सक्सेना और उनकी पत्नी भी समारोह में मौजूद रहीं।
वक्ताओं ने कहा कि किसी खिलाड़ी की सफलता के पीछे उसकी मेहनत के साथ-साथ परिवार, गुरु और प्रशिक्षकों का निरंतर सहयोग महत्वपूर्ण होता है।
क्षेत्र के गणमान्य लोग रहे मौजूद
समारोह में फकीर चंद नागर, बलराज नागर, रामशरण नागर एडवोकेट (पूर्व बार अध्यक्ष, गौतमबुद्ध नगर), महाराज सिंह नागर, मांगे राम नागर, राजकुमार आर्य, ओमवीर आर्य एडवोकेट, जितेंद्र नागर बबलू, रामे प्रधान, हरेन्द्र नागर, सुखबीर नागर एडवोकेट, अतुल भाटी, हरीश भाटिया, संजीव नागर, रमेश बंशल, राजपाल नागर एडवोकेट, महेंद्र सिंह एडवोकेट, रिसी नागर, तिलक नागर, राजू नागर, ओमकार नागर, गजे सिंह फौजी, रविंद्र शर्मा, प्रताप नागर, ब्रह्मपाल नागर, अनिल कप्तान और आदित्य शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
अजीत नागर और मास्टर भूपेंद्र नागर ने किया संचालन
कार्यक्रम का संचालन अजीत नागर और मास्टर भूपेंद्र नागर ने किया। समारोह के दौरान वक्ताओं ने जय कुमार नागर की उपलब्धि को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
वक्ताओं ने उम्मीद जताई कि जय कुमार आने वाले अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में और बेहतर प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल कर देश का नाम रोशन करेंगे।
गांव से एशियन गेम्स तक का सफर
जय कुमार नागर की कहानी ग्रामीण युवाओं के लिए इस मायने में भी खास है कि उन्होंने स्थानीय परिवेश से निकलकर अंतरराष्ट्रीय खेल मंच तक अपनी जगह बनाई। एशियन गेम्स में दो पदक हासिल करने के बाद दादरी में हुआ नागरिक अभिनंदन केवल एक खिलाड़ी के सम्मान का कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का संदेश भी बनकर सामने आया।
दुजाना के जय कुमार नागर ने ट्रैक पर अपनी रफ्तार से देश का मान बढ़ाया है। अब क्षेत्र को उम्मीद है कि आने वाले मुकाबलों में उनकी रफ्तार और तेज होगी और पदकों का रंग भी बदलेगा।


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