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श्री धार्मिक रामलीला में नारद मोह लीला, रावण दरबार और देवासुर संग्राम का भव्य मंचन


बच्चू सिंह गुर्जर (बैंसला) रहे मुख्य अतिथि, दर्शकों ने लिया मनमोहक लीलाओं का आनंद; 20 अक्टूबर तक चलेगा रामलीला मंचन
मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ श्री धार्मिक रामलीला कमेटी, ग्रेटर नोएडा
 श्री धार्मिक रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित भव्य रामलीला एवं दशहरा महोत्सव-2026 के दूसरे दिन 12 अक्टूबर को भगवान नारद की मोह लीला, रावण दरबार और देवासुर संग्राम का मनमोहक मंचन किया गया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बच्चू सिंह गुर्जर (बैंसला) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मंचन देखने पहुंचे दर्शकों ने भगवान श्रीराम की लीलाओं के साथ-साथ रावण दरबार और देवताओं एवं असुरों के बीच हुए युद्ध का अद्भुत आनंद लिया।
परम श्रद्धेय गोस्वामी सुशील महाराज के दिशा-निर्देशन तथा युवा अध्यक्ष आनंद भाटी के मार्गदर्शन में आयोजित रामलीला में धार्मिक प्रसंगों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। रामलीला का मंचन 11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक प्रतिदिन शाम सात बजे किया जा रहा है।
नारद मोह लीला ने दिया अहंकार त्यागने का संदेश
संस्था के अध्यक्ष आनंद भाटी ने बताया कि दूसरे दिन की प्रमुख लीला में भगवान नारद की तपस्या, कामदेव के प्रयास और भगवान विष्णु की दिव्य लीला का मंचन किया गया। कथा के अनुसार, भगवान इंद्र के कहने पर स्वर्ग की अप्सराओं ने नारद की तपस्या भंग करने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हुईं। कामदेव भी अपने सभी प्रयासों के बावजूद उनकी तपस्या भंग नहीं कर पाए।
इसके बाद नारद मुनि के मन में अपनी विजय को लेकर अहंकार उत्पन्न हो गया। वे भगवान ब्रह्मा और भगवान शिव के समक्ष भी अपनी उपलब्धि का बखान करने लगे। अंततः भगवान विष्णु के पास पहुंचकर उन्होंने कामदेव पर विजय प्राप्त करने की बात कही।
भगवान विष्णु ने नारद मुनि को अहंकार से मुक्त करने के लिए एक दिव्य लीला रची। उन्होंने एक सुंदर नगरी का निर्माण किया, जहां एक राजकुमारी के विवाह की तैयारियां चल रही थीं। राजकुमारी को देखकर नारद मुनि मोहित हो गए और उन्होंने भगवान विष्णु से उनके समान सुंदर स्वरूप प्रदान करने का अनुरोध किया, ताकि राजकुमारी उन्हें अपने वर के रूप में चुन सके।
भगवान विष्णु ने उन्हें वानर का मुख प्रदान कर दिया। स्वयंवर में नारद मुनि की स्थिति हास्य और उपहास का कारण बनी। जब उन्हें इस बात का पता चला तो वे दुखी और क्रोधित हो गए। इस प्रसंग के माध्यम से दर्शाया गया कि अहंकार व्यक्ति की विवेकशक्ति को प्रभावित कर सकता है, जबकि विनम्रता और आत्मबोध ही उसे सही मार्ग पर ले जाते हैं।
रावण दरबार और देवासुर संग्राम का रोमांचक मंचन
रामलीला के दूसरे प्रमुख प्रसंग में रावण दरबार का दृश्य प्रस्तुत किया गया। इसमें रावण को तीनों लोकों पर विजय प्राप्त करने की योजना बनाते हुए दिखाया गया। राक्षसों की सभा में देवताओं पर आक्रमण करने की रणनीति तैयार की गई, जिसके बाद देवताओं और असुरों के बीच भीषण देवासुर संग्राम का मंचन हुआ।
युद्ध के दृश्यों, संवादों और पात्रों के अभिनय ने दर्शकों को आकर्षित किया। तीनों प्रमुख लीलाओं को देखने के लिए मौजूद दर्शकों ने कलाकारों के अभिनय और मंचन की सराहना की।
20 अक्टूबर तक होंगे रामायण के प्रमुख प्रसंग
श्री धार्मिक रामलीला कमेटी की ओर से आगामी दिनों में रामायण के विभिन्न प्रमुख प्रसंगों का मंचन किया जाएगा।
13 अक्टूबर: राम जन्म, सीता जन्म, बाल लीला और विद्या अभ्यास।
14 अक्टूबर: ताड़का वध, सीता स्वयंवर और राम बारात।
15 अक्टूबर: कैकेयी-मंथरा संवाद, राम वनवास और चित्रकूट प्रसंग।
16 अक्टूबर: ऋषि मिलन, पंचवटी, शूर्पणखा प्रसंग, सीता हरण और जटायु वध।
17 अक्टूबर: राम-भरत मिलाप, शबरी प्रसंग, राम-हनुमान मिलन, किष्किंधा, बाली वध और अशोक वाटिका।
18 अक्टूबर: लंका दहन, सेतु निर्माण और रावण-अंगद संवाद।
19 अक्टूबर: लक्ष्मण-मेघनाद युद्ध तथा राम-कुंभकरण और रावण युद्ध।
रामलीला कमेटी के अनुसार, इस बार का दशहरा महोत्सव क्षेत्रवासियों के लिए मनोरंजन के साथ धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति और पारिवारिक संस्कारों से जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर बन रहा है। आयोजकों का उद्देश्य नई पीढ़ी को रामायण के आदर्शों, मर्यादा, त्याग, कर्तव्य और धर्म की महत्ता से परिचित कराना है।
कमेटी के पदाधिकारी एवं सदस्य रहे उपस्थित
इस अवसर पर संस्था के संस्थापक गोस्वामी सुशील महाराज, संस्थापक राजकुमार नागर, प्रदीप शर्मा, शेर सिंह भाटी, हरवीर मावी, मुख्य संरक्षक नरेश गुप्ता, संरक्षक सुशील नागर, धीरेंद्र भाटी, धीरज शर्मा, बालकिशन सफीपुर, दिनेश गुप्ता, पवन नागर, मनोज गुप्ता, सतीश भाटी, अध्यक्ष आनंद भाटी, महासचिव ममता तिवारी, कोषाध्यक्ष अजय नागर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेश शर्मा बदौली, उमेश गौतम, सत्यवीर मुखिया, रोशनी सिंह, महेश कमांडो, चैन पाल प्रधान, जितेंद्र भाटी, सुभाष भाटी, मनीष डाबर, मीडिया प्रभारी अतुल आनंद, उपाध्यक्ष फिरे प्रधान, पीपी शर्मा, श्याम सुंदर फौजी, यशपाल नागर, सचिव ज्योति सिंह, गीता शागर, राकेश भाटी, भगवत भाटी, तेज कुमार भाटी, सुंदर भाटी, पवन भाटी, वीरपाल मावी और जय शर्मा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
श्री धार्मिक रामलीला कमेटी की ओर से क्षेत्रवासियों से अपील की गई है कि वे रामलीला मंचन में पहुंचकर धार्मिक प्रसंगों का आनंद लें और भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से जुड़ें।


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