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बच्चों की सुरक्षा को लेकर शारदा स्कूल ऑफ लॉ की विशेष पहल


“जानें, सुरक्षित रहें और आवाज़ उठाएं” अभियान के जरिए बच्चों को किया जागरूक
क्लासरूम से समुदाय तक पहुंची कानूनी शिक्षा, गुड टच-बैड टच, व्यक्तिगत सुरक्षा और POCSO कानून की दी जानकारी
रिपोर्ट:- मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
बच्चों को उनकी सुरक्षा के प्रति जागरूक करने और उन्हें असुरक्षित परिस्थितियों को पहचानने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर आवाज उठाने के लिए सशक्त बनाने के उद्देश्य से शारदा यूनिवर्सिटी के शारदा स्कूल ऑफ लॉ द्वारा ग्रेटर नोएडा के कासना स्थित डायमंड पब्लिक स्कूल में विशेष “कम्युनिटी कनेक्ट” कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य विषय “जानें, सुरक्षित रहें और आवाज़ उठाएं” – POCSO एवं बच्चों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता रहा। पहल के माध्यम से स्कूली बच्चों को उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा, अधिकारों और असुरक्षित व्यवहार को पहचानने से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां सरल एवं संवादात्मक तरीके से दी गईं।
कार्यक्रम के दौरान कम्युनिटी कनेक्ट से जुड़े छात्रों ने स्कूली बच्चों के साथ संवाद करते हुए गुड टच और बैड टच, शरीर पर अपने अधिकार, व्यक्तिगत सुरक्षा, अनुचित व्यवहार की पहचान तथा असुरक्षित परिस्थितियों में सहायता लेने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। बच्चों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि किसी भी असहज या गलत व्यवहार की स्थिति में वे चुप न रहें और किसी भरोसेमंद बड़े व्यक्ति से मदद मांगें।
बच्चों को यह भी बताया गया कि अपनी सुरक्षा के लिए जागरूक रहना और आवश्यकता पड़ने पर अपनी बात स्पष्ट रूप से रखना महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के भीतर सुरक्षा को लेकर आत्मविश्वास विकसित करना और उन्हें संभावित जोखिमों के प्रति सजग बनाना रहा।
प्री और पोस्ट असेसमेंट से परखा जागरूकता का प्रभाव
कार्यक्रम के प्रभाव का आकलन करने के लिए बच्चों के बीच व्यवस्थित रूप से प्री-असेसमेंट और पोस्ट-असेसमेंट गतिविधियां भी आयोजित की गईं। कार्यक्रम से पहले और बाद में प्राप्त प्रतिक्रियाओं की तुलना के माध्यम से बच्चों की जागरूकता में आए बदलाव को समझने का प्रयास किया गया।
आयोजकों के अनुसार, इन तुलनात्मक निष्कर्षों से बच्चों की सुरक्षा संबंधी समझ को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई, जो आगे चलकर “कम्युनिटी कनेक्ट” पहल के रिसर्च आधारित कार्य में भी योगदान देगी।
कानूनी शिक्षा को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने की पहल
इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) ऋषिकेश दवे ने कहा कि यह पहल केवल जागरूकता कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों को ज्ञान, आत्मविश्वास और अपनी सुरक्षा के लिए आवाज उठाने का साहस देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि कानूनी शिक्षा को कम्युनिटी आउटरीच से जोड़कर शारदा स्कूल ऑफ लॉ ने यह दिखाने का प्रयास किया है कि शैक्षणिक संस्थान समाज और विशेष रूप से बच्चों की सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी कैसे निभा सकते हैं।
कार्यक्रम का आयोजन शारदा स्कूल ऑफ लॉ के डीन प्रो. (डॉ.) ऋषिकेश दवे और डिपार्टमेंट हेड प्रो. (डॉ.) तारकेश मोलिया के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम का समन्वय SSOL के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मनवेंद्र सिंह ने किया, जबकि उन्हें “कम्युनिटी कनेक्ट” के डायरेक्टर भरत सिंह का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
क्लासरूम से समुदाय तक कानूनी जागरूकता
शारदा यूनिवर्सिटी की इस पहल के माध्यम से कानूनी शिक्षा को पारंपरिक क्लासरूम से बाहर निकालकर सीधे समुदाय से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। बच्चों की सुरक्षा, कानूनी जागरूकता, व्यक्तिगत अधिकारों और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों पर इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव देने के साथ-साथ समाज में जागरूकता फैलाने का माध्यम भी बन रहे हैं।
कार्यक्रम के आयोजकों ने कहा कि बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक करना सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे प्रयास बच्चों में जागरूकता बढ़ाने के साथ उन्हें अपनी सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों के प्रति अधिक सजग बनाने में सहायक हो सकते हैं।



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