2 से 8 अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ मनाएगी समाजवादी पार्टी, SIR और मतदाता सूची को लेकर उठाए सवाल
 मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर समाजवादी पार्टी ने मोर्चा खोलने का ऐलान किया है। शुक्रवार को स्वर्ण नगरी स्थित प्रेस क्लब में समाजवादी पार्टी की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी नेताओं ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची के पुनरीक्षण और SIR से जुड़े फैसलों को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए।
प्रेस वार्ता में सपा जिलाध्यक्ष इन्दर प्रधान ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को राजनीतिक लाभ पहुंचाने की नीयत से मतदाता सूची से जुड़े फैसले लिए जा रहे हैं। हालांकि ये आरोप समाजवादी पार्टी की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।
SIR को लेकर सपा ने जताई आपत्ति
इन्दर प्रधान ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान लिए गए फैसलों को लेकर आपत्ति जताते हुए कहा कि मतदाता सूची में होने वाली किसी भी प्रक्रिया का सीधा संबंध नागरिकों के मतदान के अधिकार से है। उनके मुताबिक, इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का मानना है कि मतदाता सूची में किसी भी पात्र नागरिक का नाम प्रभावित नहीं होना चाहिए और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों का भी उठाया मुद्दा
प्रेस वार्ता में सपा जिलाध्यक्ष ने दावा किया कि पिछले करीब 10 महीनों के दौरान चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने निर्वाचन आयोग के कई फैसलों पर आपत्ति दर्ज की थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ फैसलों के बारे में दोनों चुनाव आयुक्तों को पूरी जानकारी नहीं दी गई।
चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार वर्तमान में ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त, जबकि सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी चुनाव आयुक्त हैं। ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी 2025 को मुख्य चुनाव आयुक्त का पद संभाला था।
सपा नेताओं ने प्रेस वार्ता के दौरान इन्हीं मुद्दों को लोकतांत्रिक संस्थाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही से जोड़ते हुए निर्वाचन आयोग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ का ऐलान
सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भाटी ने कहा कि पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल बर्खास्त करने, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग को लेकर 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ मनाएगी।
उन्होंने कहा कि इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों द्वारा SIR, मतदाता सूची और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच उठाया जाएगा।
प्रदीप भाटी ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यशैली भारतीय लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इस पूरे मामले को लेकर जनजागरण अभियान चलाएगी और लोगों को मतदाता सूची से जुड़े अधिकारों के प्रति जागरूक करेगी।
पुतला दहन और विरोध प्रदर्शन की तैयारी
सपा नेताओं ने बताया कि ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ के दौरान अलग-अलग स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। पार्टी की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराने की भी घोषणा की गई।
पार्टी नेताओं का कहना है कि अभियान के दौरान मतदाता सूची में नाम, SIR प्रक्रिया और मतदान के अधिकार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। सपा इस अभियान के माध्यम से अपने कार्यकर्ताओं और आम मतदाताओं के बीच निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर जागरूकता पैदा करने की बात कह रही है।
देशभर में SIR को लेकर राजनीतिक बहस
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR को लेकर यह विवाद केवल गौतमबुद्धनगर तक सीमित नहीं है। हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में विपक्षी दलों और अन्य संगठनों ने SIR तथा निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। 2 अक्टूबर को दिल्ली और मुंबई सहित विभिन्न स्थानों पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन की खबरें सामने आई हैं।
दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रिया को कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताया है। हाल ही में आयोग ने मतदाता सूची में हुए बदलावों से जुड़े अपने सॉफ्टवेयर की समीक्षा के लिए एक समिति गठित करने की घोषणा भी की थी।
आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर SIR-2026 से संबंधित मतदाता सूची और मतदाता सेवाओं की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से मतदाता अपने नाम और निर्वाचन संबंधी विवरण की जांच कर सकते हैं।
सपा ने आंदोलन को जनस्तर तक ले जाने के दिए संकेत
ग्रेटर नोएडा में आयोजित प्रेस वार्ता से साफ है कि समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को केवल प्रेस वार्ता तक सीमित रखने के बजाय इसे आंदोलन का रूप देने की तैयारी में है। 2 अक्टूबर से शुरू होने वाले ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ के दौरान पार्टी की ओर से विरोध प्रदर्शन, पुतला दहन और जनजागरण जैसे कार्यक्रम किए जाने की बात कही गई है।
सपा नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है और इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या पात्र मतदाता के अधिकार प्रभावित होने की आशंका को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। पार्टी ने निर्वाचन आयोग से SIR से जुड़े फैसलों और प्रक्रिया को लेकर अधिक पारदर्शिता तथा जवाबदेही की मांग की है।
प्रेस वार्ता में ये नेता रहे मौजूद
प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश सचिव विनय पाल प्रमुख, फकीर चंद नागर, सुधीर भाटी, परमेन्द्र भाटी, विनोद लोहिया, विक्रम टाइगर, रामशरण नागर, मिंटी खारी, दीपक शर्मा, अकबर खान, अवनीश भाटी, विकास जतन भाटी, विकास भनौता, कुलदीप भाटी, प्रशांत भाटी, सुभाष भाटी, अजय चौधरी, सुमित शर्मा, वकील सिद्दीकी, रूबी नागर, शिमला सागर, हारून सैफी, सत्यप्रकाश नागर आदि मौजूद रहे।