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आईएचजीएफ दिल्ली मेला-ऑटम 2026 के दूसरे दिन विदेशी खरीदारों की बढ़ी रौनक, भारतीय हस्तशिल्प और होम लाइफस्टाइल उत्पादों की वैश्विक मांग पर जोर


ग्लोबल बायर ट्रेंड्स 2027 और एआई आधारित उत्पादन-सोर्सिंग पर सेमिनार आयोजित, निर्यातकों और सोर्सिंग विशेषज्ञों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर
  मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
 इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में आयोजित 62वें आईएचजीएफ दिल्ली फेयर-ऑटम 2026 के दूसरे दिन विदेशी खरीदारों की सक्रिय भागीदारी, उत्पादों की विविधता और मजबूत सोर्सिंग गतिविधियों ने भारतीय हस्तशिल्प उद्योग की वैश्विक पहचान को एक बार फिर रेखांकित किया। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) द्वारा 13 से 17 अक्टूबर तक आयोजित इस पांच दिवसीय मेले में यूरोप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों से आए खरीदारों ने भारतीय उत्पादों में रुचि दिखाई। वहीं, वैश्विक बाजार के बदलते रुझानों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के व्यावसायिक उपयोग पर आयोजित सेमिनारों में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
मेले में होम डेकोर, होमवेयर, फर्नीचर, फैशन, फर्निशिंग, गिफ्टवेयर और हस्तशिल्प की विभिन्न श्रेणियों के उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं। प्रदर्शकों के स्टॉल पर खरीदारों की आवाजाही और कारोबारी बातचीत के बीच नए उत्पाद संग्रहों, डिजाइन और संभावित ऑर्डर को लेकर गतिविधियां जारी रहीं।
विदेशी खरीदारों की सक्रियता से उत्साहित ईपीसीएच
ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने मेले के दूसरे दिन की गतिविधियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों से आए खरीदारों की अच्छी भागीदारी देखने को मिली, जिसमें यूरोप से विशेष रूप से उत्साहजनक प्रतिक्रिया रही। प्रदर्शकों के स्टॉल पर पूरे दिन खरीदार नए संग्रहों और नवाचारपूर्ण उत्पाद श्रेणियों को देखने पहुंचे तथा कई कारोबारी चर्चाएं और ऑर्डर से संबंधित बातचीत हुई।
उन्होंने बताया कि हैंडलूम, हस्तशिल्प और होम लाइफस्टाइल उत्पादों की थीम आधारित प्रस्तुतियां आगंतुकों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। मेले की व्यवस्थाओं और सुविधाओं की भी सराहना की गई। पहली बार पहुंचे कई व्यापारिक आगंतुकों ने माना कि भारतीय हस्तशिल्प उद्योग की व्यापकता, विविधता और रचनात्मक क्षमता को समझने के लिए इस मेले का प्रत्यक्ष अनुभव महत्वपूर्ण है।
भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता और डिजाइन में आया बदलाव
ईपीसीएच के महानिदेशक की भूमिका में मुख्य संरक्षक तथा इंडिया एक्सपोजिशन मार्ट लिमिटेड (आईईएमएल) के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि भारत से लंबे समय से खरीदारी कर रहे अंतरराष्ट्रीय खरीदार भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता, विविधता और उद्यमियों के व्यावसायिक कौशल की सराहना करते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्षों के दौरान हस्तशिल्प क्षेत्र, विशेष रूप से होम एवं लाइफस्टाइल उत्पादों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। डिजाइन, उत्पादन, विपणन और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हुए बदलावों ने भारतीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने में मदद की है।
डॉ. राकेश कुमार के अनुसार, लंबे समय से भारत से सोर्सिंग कर रहे खरीदार इस परिवर्तन के प्रत्यक्ष गवाह हैं। निर्माण से लेकर निर्यात तक गुणवत्ता और बारीकियों पर दिया जा रहा ध्यान भारतीय उत्पादों की विश्वसनीयता और वैश्विक आकर्षण को बढ़ा रहा है।
सैयद जफर इस्लाम ने किया मेले का दौरा
मेले के दूसरे दिन राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व राज्यसभा सांसद सैयद जफर इस्लाम ने भी इंडिया एक्सपो सेंटर में आयोजित प्रदर्शनी का दौरा किया। उन्होंने विभिन्न प्रदर्शनी हॉल का भ्रमण कर भाग ले रहे निर्यातकों से बातचीत की और भारतीय हस्तशिल्प, होम, लाइफस्टाइल, फैशन, फर्निशिंग तथा फर्नीचर उत्पादों की विविधता के बारे में जानकारी प्राप्त की।
इस दौरान उन्हें बताया गया कि आईएचजीएफ दिल्ली मेला भारतीय निर्माताओं, निर्यातकों और कारीगरों को दुनिया भर के खरीदारों तथा सोर्सिंग पेशेवरों से जोड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण कारोबारी मंच है।
निर्यातकों और सोर्सिंग विशेषज्ञों के बीच रणनीतिक सहयोग
मेले के दौरान एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स और सोर्सिंग प्रोफेशनल्स एलायंस के बीच रणनीतिक सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस साझेदारी का उद्देश्य निर्यातकों और सोर्सिंग पेशेवरों के बीच संपर्क मजबूत करना, बायर-सेलर मीट और बिजनेस नेटवर्किंग को प्रोत्साहित करना तथा व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों में भागीदारी के अवसर बढ़ाना है। इसके अतिरिक्त, ज्ञान साझा करने, क्षमता निर्माण, जिम्मेदार सोर्सिंग और बाजार संबंधी जानकारी के आदान-प्रदान पर भी सहयोग किया जाएगा।
इस पहल से भारतीय हस्तशिल्प निर्यातकों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नए कारोबारी अवसर तलाशने तथा बाजार तक अपनी पहुंच मजबूत करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
विदेशी खरीदारों ने भारतीय उत्पादों की विविधता को सराहा
मेले में आए अंतरराष्ट्रीय खरीदारों ने अपने अनुभव साझा करते हुए भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता, डिजाइन, कारीगरी और कीमतों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
जर्मनी से पहली बार मेले में पहुंचे खरीदार जैन फिलिप ने होम डेकोर उत्पादों, विशेष रूप से कैंडल होल्डर में रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि वे मेले में उत्पादों की और अधिक विविध श्रेणियां देखना चाहते हैं तथा भविष्य के संस्करणों में भी शामिल होने की उम्मीद रखते हैं।
अमेरिका से आईं रिटेल खरीदार स्टेवी बोस्कोविच दूसरी बार मेले में पहुंचीं। उन्होंने होमवेयर और बैग सहित विभिन्न उत्पाद श्रेणियों को देखा। उनके अनुसार, उत्पादों की कीमतें प्रतिस्पर्धी हैं और गुणवत्ता के अनुरूप हैं। उन्होंने प्रदर्शकों के सहयोगपूर्ण व्यवहार और मेले की सुविधाओं की भी सराहना की।
ऑस्ट्रेलिया से आईं जूडिथ मेज़ोन और केट मालवेनन वर्ष 2024 के बाद दोबारा मेले में पहुंचीं। होम डेकोर और फर्नीचर में रुचि रखने वाली इन खरीदारों ने अपने कारोबार की जरूरतों के अनुरूप विशेष डिजाइन और गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की तलाश की। उन्होंने भारतीय कारीगरों की बारीकी, कौशल और पारंपरिक कारीगरी की प्रशंसा की तथा संभावित सोर्सिंग साझेदारियों में रुचि दिखाई।
न्यूजीलैंड स्थित एक लाइफस्टाइल ब्रांड से जुड़ी वनेसा ब्रैमली लगभग तीन दशकों से आईएचजीएफ दिल्ली मेले में भाग ले रही हैं। उन्होंने मेले को शुरुआती संस्करणों से लेकर वर्तमान स्वरूप तक विकसित होते देखा है। उनकी कंपनी लाइटिंग, गिफ्टवेयर, क्रिसमस सजावट और अन्य उत्पादों की सोर्सिंग करती है। उन्होंने सभी उत्पाद श्रेणियों में गुणवत्ता में हुए सुधार की सराहना करते हुए मेले को कारोबार और सोर्सिंग के लिए महत्वपूर्ण मंच बताया।
भारतीय कारीगरी और अनुकूलित उत्पादों पर जोर
ईपीसीएच के उपाध्यक्ष सागर मेहता ने कहा कि मेले का विस्तार और नए प्रदर्शकों की भागीदारी होम, हॉस्पिटैलिटी तथा व्यावसायिक क्षेत्रों से जुड़े आयातकों, रिटेलरों और विदेशी आगंतुकों को नए उत्पादों तथा डिजाइन से परिचित होने का अवसर देती है।
उन्होंने कहा कि भारत की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता यहां की हस्तशिल्प परंपराओं में दिखाई देती है। समृद्ध कारीगरी, उपलब्ध कच्चे माल और आधुनिक डिजाइन का संयोजन भारतीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में अलग पहचान देता है।
मेले के माध्यम से खरीदार सीधे निर्माताओं से जुड़ सकते हैं, नए विचारों की तलाश कर सकते हैं और अपनी व्यावसायिक जरूरतों के अनुसार उत्पादों को अनुकूलित कराने के विकल्प तलाश सकते हैं।
वैश्विक खरीदारों के रुझान और एआई पर सेमिनार
आईएचजीएफ दिल्ली फेयर-ऑटम 2026 की स्वागत समिति के अध्यक्ष अवधेश अग्रवाल ने बताया कि मेले के साथ आयोजित सहायक कार्यक्रमों से प्रदर्शकों और प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण व्यावसायिक जानकारी मिल रही है।
‘ग्लोबल बायर ट्रेंड्स 2027 – व्हाट विल सेल इन होम, लाइफस्टाइल, फैशन एंड इंटीरियर्स?’ विषय पर आयोजित सेमिनार में बदलती खरीदार प्राथमिकताओं, उभरते बाजार अवसरों, उत्पाद और बाजार के बीच अनुकूलता, सामग्री, डिजाइन तथा सस्टेनेबिलिटी जैसे विषयों पर चर्चा हुई। इसका उद्देश्य निर्यातकों को ऐसे उत्पाद संग्रह विकसित करने में मदद करना है, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग के अनुरूप हों।
दूसरे सेमिनार में विशेषज्ञों ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई उत्पादन योजना, उत्पाद विकास, सोर्सिंग, गुणवत्ता नियंत्रण और सप्लाई चेन प्रबंधन को किस तरह प्रभावित कर रही है। प्रतिभागियों को एआई के जिम्मेदार उपयोग के माध्यम से कार्यक्षमता बढ़ाने, लागत प्रबंधन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में लाभ प्राप्त करने के तरीकों से अवगत कराया गया।
आगामी दिनों में और कारोबारी अवसरों की उम्मीद
ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राजेश रावत ने कहा कि तीन दशकों से अधिक समय से अंतरराष्ट्रीय खरीदारों का आईएचजीएफ दिल्ली मेले में लगातार भाग लेना इस आयोजन के प्रति उनके विश्वास को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि इस संस्करण की शुरुआत सक्रिय खरीदार पंजीकरण और प्रदर्शनी स्थल पर उत्साहपूर्ण माहौल के साथ हुई है। व्यस्त प्रदर्शनी हॉल और कारोबार से जुड़ी बातचीत आने वाले दिनों में भी खरीदारों तथा प्रदर्शकों के बीच संपर्क और व्यापारिक अवसरों को मजबूत करने की संभावना दिखाती है।
हस्तशिल्प निर्यात में भारत की मजबूत भूमिका
ईपीसीएच देश से दुनिया के विभिन्न बाजारों तक हस्तशिल्प निर्यात को बढ़ावा देने और भारत को उच्च गुणवत्ता वाले हस्तशिल्प के विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित करने के लिए कार्यरत प्रमुख संस्थानों में से एक है।
ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राजेश रावत के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान भारतीय हस्तशिल्प का कुल निर्यात 33,168 करोड़ रुपये, यानी लगभग 3,754 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।
62वां आईएचजीएफ दिल्ली फेयर-ऑटम 2026 भारतीय निर्माताओं और निर्यातकों को वैश्विक खरीदारों से जोड़ने, बदलते बाजार रुझानों को समझने तथा भारतीय कारीगरी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रहा है। 17 अक्टूबर तक चलने वाले इस मेले के आगामी दिनों में भी कारोबारी गतिविधियों, उत्पाद प्रदर्शन और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्किंग पर ध्यान केंद्रित रहने की उम्मीद है।


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