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UPITS 2026: वैश्विक कारोबार के महामंच के लिए ग्रेटर नोएडा तैयार



पांच लाख आगंतुकों की संभावित आमद से बढ़ेगी शहर की रफ्तार, RWA से लेकर प्रशासन और ट्रैफिक विभाग तक ने कसी कमर
72 देशों के विदेशी खरीदारों का पंजीकरण; रूस, ऑस्ट्रिया, जापान, सिंगापुर और वियतनाम की भागीदारी से अंतरराष्ट्रीय कारोबार को मिलेगा नया आयाम
पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन, ट्रैफिक डायवर्जन, VIP मूवमेंट और संभावित जलभराव पर विशेष फोकस; UPITS ऐप से खरीदार और प्रदर्शक पहले से तय कर सकेंगे B2B मीटिंग
     मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और कारोबारी क्षमता को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने वाले उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2026) के चौथे संस्करण की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच रही हैं। 25 से 29 सितंबर 2026 तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में होने जा रहा यह पांच दिवसीय आयोजन इस बार कई मायनों में पहले से बड़ा और व्यापक दिखाई दे रहा है।
आयोजन में लगभग 5 लाख आगंतुकों के पहुंचने की संभावना है। इनमें देश-विदेश के खरीदार, निवेशक, कारोबारी प्रतिनिधि, प्रदर्शक और आम नागरिक शामिल होंगे। इसके साथ ही अब तक 72 देशों से विदेशी खरीदारों के पंजीकरण की जानकारी सामने आने से UPITS के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय प्रभाव का अंदाजा लगाया जा सकता है।
यही वजह है कि इस बार आयोजन की तैयारियां केवल एक्सपो परिसर तक सीमित नहीं हैं। आयोजन स्थल के आसपास की सड़कें, पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन, ट्रैफिक प्रबंधन, VIP मूवमेंट, स्थानीय नागरिकों की आवाजाही और संभावित जलभराव जैसे विषय भी प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल हो गए हैं।
इसी व्यापक तैयारी को लेकर गौतम बुद्ध नगर के एडीएम मंगलेंश दुबे की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें इंडिया एक्सपोजिशन मार्ट लिमिटेड (IEML) के ईडी (कॉरपोरेट) एवं सीईओ सुदीप सरकार, RWA प्रतिनिधियों, उद्योग एवं व्यापार संगठनों, जिला प्रशासन तथा यातायात विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक का मूल उद्देश्य साफ था—UPITS 2026 को ऐसा आयोजन बनाया जाए, जहां कारोबार के बड़े अवसरों के साथ आगंतुकों को बेहतर सुविधाएं और स्थानीय नागरिकों को सुगम आवागमन मिल सके।
पांच लाख लोगों की संभावित आमद, इसलिए तैयारी भी व्यापक
UPITS 2026 में B2B और B2C दोनों स्तरों पर बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। लगभग पांच लाख आगंतुकों का अनुमान अपने आप में बताता है कि आयोजन के दौरान ग्रेटर नोएडा की सड़कों और सार्वजनिक सुविधाओं पर कितना अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
ऐसे में प्रशासन के सामने केवल आयोजन को सफल बनाने की चुनौती नहीं है, बल्कि सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ने वाली अतिरिक्त आवाजाही को भी व्यवस्थित रखना महत्वपूर्ण है।
बैठक में इसी विषय को ध्यान में रखते हुए पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन और आयोजन स्थल तक पहुंचने के रास्तों से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
स्थानीय RWAs की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण माना गया, क्योंकि आयोजन के दौरान सबसे प्रत्यक्ष प्रभाव आयोजन स्थल के आसपास रहने वाले नागरिकों पर पड़ सकता है।
RWA प्रतिनिधियों ने उठाए स्थानीय सुविधाओं से जुड़े मुद्दे
बैठक में नोएडा और ग्रेटर नोएडा की विभिन्न रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों ने आगंतुक सुविधाओं और स्थानीय नागरिकों की आवाजाही से संबंधित सुझाव रखे।
इनमें प्रमुख रूप से पार्किंग व्यवस्था, सार्वजनिक परिवहन, आयोजन स्थल तक आने-जाने की सुविधा और आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक के दबाव को नियंत्रित करने जैसे विषय शामिल रहे।
RWA प्रतिनिधियों के सुझावों को आयोजन की सामूहिक तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया। इससे यह संकेत मिलता है कि UPITS 2026 को केवल कारोबारी आयोजन के रूप में नहीं, बल्कि स्थानीय शहर व्यवस्था के साथ तालमेल बनाकर संचालित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
ट्रैफिक मैनेजमेंट बनेगा बड़ी चुनौती
UPITS 2026 के दौरान सबसे महत्वपूर्ण परिचालन चुनौतियों में से एक यातायात प्रबंधन रहने वाला है।
देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले खरीदारों और व्यापारिक प्रतिनिधियों के साथ विदेशी मेहमानों की आवाजाही भी रहेगी। इसके अलावा आम नागरिकों और B2C आगंतुकों की बड़ी संख्या आयोजन स्थल तक पहुंचेगी।
इसी को देखते हुए जिला प्रशासन एवं यातायात पुलिस के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में—
ट्रैफिक डायवर्जन,
VIP मूवमेंट,
पार्किंग प्रबंधन,
सार्वजनिक परिवहन,
आयोजन स्थल के आसपास यातायात प्रवाह,
आगंतुकों की आवाजाही,
प्रमुख सड़कों की स्थिति
जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
प्रशासन का प्रयास है कि आयोजन के दौरान यातायात व्यवस्था ऐसी रहे कि एक्सपो आने वाले लोगों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों की दैनिक आवाजाही भी प्रभावित न हो।
संभावित जलभराव को लेकर भी सतर्कता
सितंबर के अंत में बारिश की संभावना को देखते हुए बैठक में सड़कों की स्थिति और संभावित जलभराव का मुद्दा भी महत्वपूर्ण रहा।
आयोजन के दौरान यदि किसी प्रमुख मार्ग पर जलभराव होता है तो इसका सीधा असर यातायात, पार्किंग और आगंतुकों की आवाजाही पर पड़ सकता है। इसलिए संभावित संवेदनशील स्थानों की पहचान कर समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई।
यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि UPITS जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन में देश-विदेश से आने वाले आगंतुकों के लिए शहर की पहली छवि उसकी सड़क और यातायात व्यवस्था से ही बनती है।
पांच देशों की भागीदारी से बढ़ेगा अंतरराष्ट्रीय कारोबारी दायरा
UPITS 2026 का अंतरराष्ट्रीय स्वरूप इस बार और मजबूत दिखाई दे रहा है।
आयोजन में रूस, ऑस्ट्रिया, जापान, सिंगापुर और वियतनाम सहित पांच देशों की भागीदारी रहेगी।
इन देशों की भागीदारी उत्तर प्रदेश के कारोबारियों के लिए केवल प्रदर्शनी देखने का अवसर नहीं होगी, बल्कि संभावित व्यापारिक साझेदारियों, सोर्सिंग, निवेश और नए बाजारों तक पहुंच का माध्यम भी बन सकती है।
विशेष रूप से MSME और निर्यात क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों के लिए अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधे संवाद का अवसर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
72 देशों से खरीदार—UPITS की बढ़ती वैश्विक पहुंच
UPITS 2026 के अंतरराष्ट्रीय प्रभाव का एक बड़ा संकेत यह है कि अब तक 72 देशों से विदेशी खरीदारों के पंजीकरण प्राप्त हो चुके हैं।
आयोजन की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है, विदेशी खरीदारों की संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई गई है।
IEML के ईडी (कॉरपोरेट) एवं सीईओ सुदीप सरकार ने बैठक में बताया कि अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की भागीदारी के साथ पार्टनर देशों और वैश्विक कारोबारी संगठनों की उपस्थिति भी बढ़ रही है।
इससे UPITS को उत्तर प्रदेश के उत्पादों और उद्यमों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने वाले मंच के रूप में नई पहचान मिल रही है।
अब कारोबार केवल स्टॉल तक सीमित नहीं—डिजिटल B2B नेटवर्किंग भी
UPITS 2026 में तकनीक का इस्तेमाल कारोबारी संवाद को अधिक प्रभावी बनाने के लिए किया जा रहा है।
UPITS 2026 ऐप के माध्यम से खरीदार और प्रदर्शक अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप संभावित कारोबारी साझेदारों की पहचान कर सकते हैं तथा पहले से B2B मीटिंग निर्धारित कर सकते हैं।
इस व्यवस्था का बड़ा फायदा यह होगा कि कारोबारी प्रतिनिधियों को आयोजन के दौरान संभावित खरीदार या साझेदार तलाशने में समय कम लगेगा और वे पहले से तय बैठकों के माध्यम से अधिक केंद्रित तरीके से बातचीत कर सकेंगे।
इस प्रकार UPITS एक ऐसी व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है जहां फिजिकल प्रदर्शनी और डिजिटल बिजनेस नेटवर्किंग एक साथ काम करेंगे।
ODOP की ताकत के साथ ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन कुज़ीन’ का स्वाद
UPITS 2026 में उत्तर प्रदेश की आर्थिक पहचान के साथ-साथ प्रदेश की सांस्कृतिक और खाद्य विविधता को भी प्रमुखता मिलने की उम्मीद है।
एडीएम मंगलेंश दुबे के अनुसार, ODOP के साथ इस बार उत्तर प्रदेश सरकार की पहल ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन कुज़ीन’ (ODOC) भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी।
उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों की पारंपरिक खाद्य पहचान, स्थानीय व्यंजन और स्वाद इस मंच के माध्यम से व्यापक दर्शकों तक पहुंचेंगे।
इससे ट्रेड शो का दायरा केवल औद्योगिक उत्पादों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रदेश की खान-पान परंपरा, स्थानीय पहचान और सांस्कृतिक विविधता भी वैश्विक आगंतुकों के सामने आएगी।
पूरे उत्तर प्रदेश का मार्केटप्लेस’ बन रहा UPITS
UPITS की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक इसका व्यापक राज्यव्यापी स्वरूप है।
उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले निर्माता, निर्यातक, MSME इकाइयां, हस्तशिल्पी, कृषि एवं खाद्य क्षेत्र से जुड़े उद्यम, टेक्सटाइल व्यवसाय, नवाचार आधारित कंपनियां और अन्य कारोबारी इस मंच पर अपनी क्षमता प्रदर्शित करते हैं।
यही वजह है कि UPITS को केवल एक सामान्य ट्रेड फेयर के बजाय ‘पूरे उत्तर प्रदेश का मार्केटप्लेस’ कहा जा सकता है।
यहां प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है।
स्थानीय उद्यमियों के लिए वैश्विक बाजार का दरवाजा
उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में छोटे और मध्यम उद्यम ऐसे हैं जिनके उत्पाद स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर तो पहचान रखते हैं, लेकिन उन्हें वैश्विक बाजार तक पहुंच बनाने में कठिनाई होती है।
UPITS ऐसे उद्यमियों के लिए एक बड़ा मंच उपलब्ध कराता है।
यदि किसी छोटे उद्यमी की मुलाकात किसी विदेशी खरीदार से होती है और वह कारोबारी साझेदारी में बदलती है, तो इसका प्रभाव केवल उस एक इकाई तक सीमित नहीं रहता। इससे उत्पादन, रोजगार, आपूर्ति श्रृंखला और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
इसी दृष्टि से UPITS 2026 को उत्तर प्रदेश के निर्यात और वैश्विक कारोबारी नेटवर्क को मजबूत करने वाले मंच के रूप में देखा जा रहा है।
प्रशासन के सामने दोहरी जिम्मेदारी
UPITS 2026 की तैयारियों के बीच जिला प्रशासन के सामने एक तरह से दोहरी जिम्मेदारी है।
एक ओर उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रेटर नोएडा के सामान्य जनजीवन को भी सुचारु बनाए रखना है।
पांच लाख तक आगंतुकों की संभावित आमद के बीच पार्किंग, यातायात, सार्वजनिक परिवहन और सड़क व्यवस्था का दबाव बढ़ना स्वाभाविक है।
इसलिए आयोजन से पहले विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को लगातार मजबूत करना महत्वपूर्ण है।
स्थानीय नागरिक भी होंगे आयोजन की सफलता के महत्वपूर्ण हिस्सेदार
UPITS की सफलता केवल आयोजकों या प्रशासन की सफलता नहीं होगी। जिस शहर में यह अंतरराष्ट्रीय आयोजन हो रहा है, वहां के स्थानीय नागरिक भी इसके अनुभव का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे।
इसीलिए RWA प्रतिनिधियों को तैयारियों में शामिल करना एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
स्थानीय निवासियों से प्राप्त सुझाव प्रशासन को यह समझने में मदद कर सकते हैं कि आयोजन के दौरान किस क्षेत्र में यातायात का दबाव बढ़ सकता है, कहां पार्किंग की जरूरत अधिक होगी और किन रास्तों पर वैकल्पिक व्यवस्था आवश्यक हो सकती है।
व्यापार से आगे—उत्तर प्रदेश की ब्रांडिंग का मंच
UPITS का महत्व केवल खरीदार और विक्रेता के बीच व्यापारिक समझौते तक सीमित नहीं है।
यह उत्तर प्रदेश की एक व्यापक ब्रांडिंग एक्सरसाइज भी है।
प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, पारंपरिक शिल्प, आधुनिक विनिर्माण, कृषि उत्पाद, खाद्य उद्योग, टेक्सटाइल, MSME सेक्टर, नवाचार और नई उद्यमशीलता को एक ही मंच पर प्रस्तुत करना उत्तर प्रदेश की आर्थिक पहचान को मजबूत करता है।
अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए यह आयोजन प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के उत्पादों को एक साथ देखने और संभावित कारोबारी साझेदार तलाशने का अवसर देता है।
चौथे संस्करण में बढ़ता दायरा
UPITS अपने चौथे संस्करण तक पहुंच चुका है और प्रत्येक संस्करण के साथ इसके स्वरूप एवं प्रभाव में विस्तार देखने को मिल रहा है।
इस बार पांच देशों की भागीदारी, 72 देशों से विदेशी खरीदारों का पंजीकरण और लगभग पांच लाख संभावित आगंतुक इस विस्तार को रेखांकित करते हैं।
अब चुनौती केवल यह नहीं है कि कितने लोग ट्रेड शो में पहुंचे, बल्कि यह भी है कि वहां आने वाला प्रत्येक कारोबारी, खरीदार और आगंतुक आयोजन से किस तरह का अनुभव लेकर लौटता है।
यही कारण है कि इस बार तैयारियों में व्यवस्था और अनुभव, दोनों को समान महत्व दिया जा रहा है।
25 सितंबर से शुरू होगा पांच दिवसीय कारोबारी महाआयोजन
25 सितंबर से इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में शुरू होने वाला UPITS 2026 पांच दिनों तक उत्तर प्रदेश के कारोबार और उद्यमिता को वैश्विक मंच प्रदान करेगा।
25 से 29 सितंबर तक चलने वाले इस आयोजन में कारोबारियों, निर्माताओं, निर्यातकों, खरीदारों, निवेशकों और आम उपभोक्ताओं की मौजूदगी रहेगी।
एक ओर जहां B2B गतिविधियां कारोबार और निवेश के नए अवसर तलाशेंगी, वहीं B2C गतिविधियां आम उपभोक्ताओं को उत्तर प्रदेश के उत्पादों से सीधे जोड़ेंगी।
एडीएम की अपील—अवसर को पहचानें, वैश्विक बाजार से जुड़ें
एडीएम मंगलेंश दुबे ने लोगों से UPITS 2026 में खरीदारों और आगंतुकों के रूप में भाग लेने की अपील की।
उन्होंने कहा कि यह आयोजन उत्तर प्रदेश की क्षमताओं और संभावनाओं को समझने का अवसर है। प्रदेश के कारोबारियों को चाहिए कि वे अपने ही प्रदेश में उपलब्ध इस अंतरराष्ट्रीय मंच का लाभ उठाएं और अपने व्यवसाय को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ें।
VisionLive का विश्लेषण : ग्रेटर नोएडा में दिखेगी उत्तर प्रदेश की वैश्विक कारोबारी तस्वीर
UPITS 2026 की तैयारियों को लेकर हुई बैठक से एक बात स्पष्ट है कि इस आयोजन को केवल पांच दिनों की प्रदर्शनी के रूप में नहीं देखा जा रहा है।
यह उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, स्थानीय उत्पाद, MSME शक्ति, निर्यात संभावनाओं, सांस्कृतिक विविधता और वैश्विक कारोबारी महत्वाकांक्षा को एक साथ प्रदर्शित करने का मंच बन चुका है।
एक तरफ जहां 72 देशों से विदेशी खरीदारों का पंजीकरण और पांच देशों की भागीदारी इसके अंतरराष्ट्रीय स्वरूप को मजबूत करती है, वहीं लगभग पांच लाख आगंतुकों की संभावित आमद इसकी घरेलू लोकप्रियता और व्यापक पहुंच का संकेत देती है।
अब प्रशासन के सामने चुनौती है कि इस बड़े आयोजन को यातायात, पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन और नागरिक सुविधाओं के लिहाज से भी उतना ही व्यवस्थित बनाया जाए।
यदि कारोबारी अवसरों के साथ आगंतुक सुविधा और प्रशासनिक व्यवस्था भी प्रभावी रहती है, तो UPITS 2026 न केवल उत्तर प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने वाला मंच बनेगा, बल्कि ग्रेटर नोएडा को अंतरराष्ट्रीय व्यापार और प्रदर्शनी गतिविधियों के एक प्रमुख केंद्र के रूप में और मजबूत करने में भी भूमिका निभा सकता है।
UPITS 2026 एक नजर में
आयोजन: उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026
संस्करण: चौथा
तिथि: 25 से 29 सितंबर 2026
स्थान: इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा
संभावित आगंतुक: लगभग 5 लाख
विदेशी खरीदार: 72 देशों से पंजीकरण प्राप्त
पार्टनर/भागीदारी वाले देश: रूस, ऑस्ट्रिया, जापान, सिंगापुर और वियतनाम
प्रमुख कारोबारी सुविधा: UPITS ऐप आधारित B2B मीटिंग
विशेष आकर्षण: ODOP और ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन कुज़ीन’
मुख्य फोकस: व्यापार, निवेश, सोर्सिंग, निर्यात और वैश्विक साझेदारी
मुख्य प्रशासनिक तैयारी: ट्रैफिक, पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन, VIP मूवमेंट और संभावित जलभराव प्रबंधन


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