BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts

IEA प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी मेधा रूपम से मुलाकात कर औद्योगिक समस्याएं उठाईं


इकोटेक-2 में ट्रकों की अव्यवस्थित पार्किंग और बिना जल कनेक्शन पानी के बिल का मुद्दा उठाया

  मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा

 इंडस्ट्रियल एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन (IEA) के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी गौतमबुद्ध नगर मेधा रूपम से मुलाकात कर ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को उनके समक्ष रखा। प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से इकोटेक-2 में बड़े ट्रकों की अव्यवस्थित पार्किंग, यातायात व्यवस्था तथा बिना जल कनेक्शन के औद्योगिक इकाइयों को भेजे जा रहे पानी के बिल का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।

इकोटेक-2 में ट्रकों की अव्यवस्थित पार्किंग से यातायात प्रभावित होने का दावा

IEA प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को बताया कि इकोटेक-2 औद्योगिक क्षेत्र में LG Electronics एवं Sheela Foam Factory से संबंधित बड़े ट्रक पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़क किनारे और अन्य औद्योगिक इकाइयों के बाहर खड़े रहते हैं। एसोसिएशन के अनुसार इससे औद्योगिक क्षेत्र में यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है और कई स्थानों पर जाम जैसी स्थिति उत्पन्न होती है।

इकोटेक-2 स्थित एक फैक्ट्री के उद्यमी वेंकटरमन ने बैठक में बताया कि ट्रकों के सड़क किनारे खड़े रहने के कारण अन्य औद्योगिक इकाइयों के कर्मचारियों एवं वाहनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कुछ ट्रक चालकों द्वारा उद्योग मालिकों तथा विशेष रूप से शाम के समय महिला कर्मचारियों के साथ कथित अभद्र व्यवहार की शिकायतों का भी उल्लेख किया।

IEA पदाधिकारियों ने कहा कि समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभागों से संपर्क किया जाता रहा है, लेकिन उनके अनुसार अभी तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर ट्रकों के लिए व्यवस्थित पार्किंग और औद्योगिक क्षेत्र में सुचारु यातायात व्यवस्था सुनिश्चित कराने का अनुरोध किया।

बिना जल कनेक्शन के पानी के बिल का मुद्दा भी उठाया

बैठक के दौरान IEA ने ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) द्वारा ऐसी औद्योगिक इकाइयों को पानी के बिल भेजे जाने का मुद्दा भी उठाया, जिनके पास जल कनेक्शन नहीं होने का एसोसिएशन का दावा है। IEA के अनुसार कुछ क्षेत्रों में जलापूर्ति की पाइपलाइन तक उपलब्ध नहीं है, इसके बावजूद संबंधित इकाइयों को पानी के बिल प्राप्त हो रहे हैं।

एसोसिएशन ने बताया कि इस मुद्दे को उद्योग बंधु की बैठकों तथा GNIDA की विभिन्न बैठकों में पहले भी उठाया जा चुका है, लेकिन अभी तक अपेक्षित समाधान नहीं हुआ है।

IEA अध्यक्ष संजीव शर्मा ने जिलाधिकारी को बताया कि कुछ वर्ष पहले संस्था द्वारा यह मामला उठाए जाने के बाद GNIDA की ओर से केवल 38 औद्योगिक इकाइयों के पानी के बिल माफ किए गए थे। उनका कहना है कि वर्तमान में भी बड़ी संख्या में ऐसी औद्योगिक इकाइयों को पानी के बिल प्राप्त हो रहे हैं, जिनके पास जल कनेक्शन नहीं है।

NOC और अन्य अनुमतियों के लिए बिल जमा करने की मजबूरी का दावा

संजीव शर्मा ने बताया कि कई बार किसी उद्योग को प्राधिकरण से NOC अथवा अन्य आवश्यक अनुमति तत्काल प्राप्त करनी होती है। ऐसे मामलों में प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए उद्यमियों को कथित तौर पर बिना जल कनेक्शन के जारी किए गए पानी के बिलों की बड़ी राशि जमा करनी पड़ती है।

IEA के पूर्व अध्यक्ष पीके तिवारी ने जिलाधिकारी से मांग की कि जिन औद्योगिक इकाइयों के पास जल कनेक्शन नहीं है और जिन क्षेत्रों में जलापूर्ति की पाइपलाइन उपलब्ध नहीं है, उनके पुराने पानी के बिलों की जांच कराई जाए। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र में विशेष कैंप लगाकर पात्र मामलों का निस्तारण करने तथा भविष्य में ऐसे बिल जारी नहीं किए जाने की व्यवस्था करने की मांग की।

एक माह में समाधान की मांग

IEA अध्यक्ष संजीव शर्मा ने जिलाधिकारी से मांग की कि GNIDA को एक माह के भीतर इस मामले में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं। उन्होंने कहा कि जिन उद्यमियों ने बिना जल कनेक्शन के पानी के बिल मजबूरी में जमा किए हैं, उनकी जमा राशि को अन्य देनदारियों में समायोजित करने की व्यवस्था की जानी चाहिए।

संस्था ने कहा कि यदि निर्धारित अवधि में समस्या का समाधान नहीं होता है तो IEA अपने सदस्यों के हितों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं संगठनात्मक स्तर पर आगे आवश्यक कदम उठाएगा।

IEA प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी मेधा रूपम द्वारा समय देने, समस्याओं को सुनने तथा संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर कार्रवाई का आश्वासन देने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

एसोसिएशन का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुचारु यातायात, सुरक्षित कार्य वातावरण और उद्यमियों पर अनुचित वित्तीय भार से राहत औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है।

प्रतिनिधिमंडल में IEA अध्यक्ष संजीव शर्मा, पूर्व अध्यक्ष पीके तिवारी, विवेक चौहान, महिपाल सिंह, कमल सिंह, एमएम शर्मा एवं वेंकटरमन सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

.header-ads img { height:300px !important; max-height:300px !important; width:150% !important; object-fit:cover; }