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EPFO की नई गाइडलाइंस और योजनाओं पर IBA की बड़ी पहल


100 से अधिक उद्यमियों, HR और कम्प्लायंस अधिकारियों ने जाना नियमों, योजनाओं और डिजिटल सेवाओं का रोडमैप
    मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
उद्योगों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO से जुड़े नियमों और वैधानिक प्रावधानों का सही समय पर अनुपालन करना बेहद महत्वपूर्ण है। नियमों में होने वाले बदलाव, डिजिटल प्रक्रियाओं का विस्तार, कर्मचारियों के नामांकन, UAN, ई-नॉमिनेशन तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जानकारी का अभाव कई बार उद्योगों के सामने व्यावहारिक कठिनाइयां खड़ी कर सकता है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (IBA), गौतम बुद्ध नगर ने EPFO के क्षेत्रीय कार्यालय, ग्रेटर नोएडा के सहयोग से उद्योग जगत के लिए एक व्यापक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया।
“EPFO Latest Guidelines & Scheme Awareness Program” नाम से आयोजित यह कार्यशाला EXEDY India Limited, प्लॉट नंबर-9, उद्यम केंद्र, इकोटेक-3, ग्रेटर नोएडा में आयोजित हुई। कार्यक्रम में 100 से अधिक उद्यमियों के साथ HR प्रमुखों, अकाउंट्स, पेरोल और कम्प्लायंस से जुड़े अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यशाला केवल EPFO की योजनाओं की जानकारी तक सीमित नहीं रही, बल्कि उद्योगों और विभागीय अधिकारियों के बीच सीधे संवाद का मंच भी बनी। कार्यक्रम में उद्यमियों ने अपनी वास्तविक और व्यावहारिक समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं तथा अधिकारियों ने उनके समाधान के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन दिया।
बदलते नियमों के बीच जागरूकता को बनाया आधार
कार्यशाला का मूल उद्देश्य उद्योगों को EPFO की नवीनतम गाइडलाइंस, हालिया बदलावों, ऑनलाइन सेवाओं और नई योजनाओं के बारे में व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना था।
IBA की पहल का फोकस इस बात पर रहा कि उद्योगों को नियमों की जानकारी केवल नोटिस या अनुपालन की स्थिति उत्पन्न होने के बाद न मिले, बल्कि उन्हें पहले से ही आवश्यक प्रावधानों की जानकारी उपलब्ध हो, ताकि वे अपने संस्थानों में प्रक्रियाओं को व्यवस्थित कर सकें।
इससे एक ओर कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा अधिकारों को मजबूत करने में मदद मिल सकती है, वहीं दूसरी ओर नियोक्ताओं को भी अपने वैधानिक दायित्वों को समय पर पूरा करने में सुविधा मिल सकती है।
EPFO अधिकारियों ने सीधे उद्यमियों से किया संवाद
कार्यक्रम में क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-1 वैभव सिंह मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ प्रवर्तन अधिकारी रमाकांत यादव ने भी उद्यमियों को विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।
दोनों अधिकारियों ने EPFO से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं को उद्योगों के संदर्भ में समझाया। कार्यक्रम में यह भी स्पष्ट किया गया कि डिजिटल सुविधाओं के विस्तार के साथ EPFO से संबंधित अनेक प्रक्रियाएं ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध हैं और उद्योग इन सेवाओं का उपयोग करके अपने अनुपालन को अधिक व्यवस्थित कर सकते हैं।
Employees' Enrolment Campaign–2026 पर विशेष चर्चा
कार्यशाला में Employees' Enrolment Campaign–2026 महत्वपूर्ण विषय रहा। उद्यमियों को इस अभियान के उद्देश्य और इससे संबंधित प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में इस बात पर जोर रहा कि पात्र कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने के लिए संबंधित प्रतिष्ठानों को उपलब्ध प्रावधानों और विभागीय प्रक्रियाओं की सही जानकारी होना आवश्यक है।
Vishwas Scheme–2026 भी रहा प्रमुख विषय
कार्यशाला में Vishwas Scheme–2026 को लेकर भी उद्यमियों के बीच जागरूकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। EPFO अधिकारियों ने योजना से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं को समझाया और उद्योग प्रतिनिधियों को इससे जुड़े प्रश्न पूछने का अवसर दिया।
इस दौरान उद्यमियों ने योजना के व्यावहारिक पहलुओं को समझने के लिए सवाल किए, जिनका अधिकारियों ने उपलब्ध प्रावधानों के अनुरूप जवाब दिया।
UAN और e-Nomination से लेकर डिजिटल सेवाओं तक जानकारी
कार्यशाला में UAN एवं e-Nomination भी प्रमुख विषय रहे। इसके अलावा EPFO की ऑनलाइन सेवाओं और डिजिटल सुविधाओं के बारे में जानकारी साझा की गई।
उद्योगों में HR और पेरोल से जुड़े अधिकारियों के लिए यह जानकारी विशेष रूप से उपयोगी रही, क्योंकि कर्मचारियों के PF से जुड़े रिकॉर्ड और प्रक्रियाओं में डिजिटल माध्यम की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण हो रही है।
कार्यशाला में EPF, EPS और EDLI जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के संबंध में भी जानकारी दी गई। इससे प्रतिभागियों को EPFO की विभिन्न व्यवस्थाओं और उनके व्यापक उद्देश्य को समझने का अवसर मिला।
Employers Compliance पर विशेष जोर
कार्यशाला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा Employers Compliance एवं वैधानिक दायित्व रहा। उद्योगों के लिए समय पर अनुपालन सुनिश्चित करने के महत्व पर चर्चा की गई।
IBA की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य भी यही रहा कि उद्यमियों और उनके संबंधित अधिकारियों को अनुपालन से जुड़े विषयों की जानकारी पहले से उपलब्ध हो, जिससे प्रक्रियाओं को व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा सके।
कार्यशाला में उद्योगों से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी माना कि विभागीय अधिकारियों के साथ सीधे संवाद से कई ऐसे व्यावहारिक प्रश्नों का समाधान मिल जाता है, जो सामान्य परिस्थितियों में समझने में कठिन हो सकते हैं।
प्रश्नोत्तर सत्र बना कार्यशाला का मुख्य आकर्षण
कार्यक्रम का सबसे प्रभावी और संवादात्मक हिस्सा इंटरएक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र रहा।
इस दौरान विभिन्न उद्योगों से आए प्रतिनिधियों ने PF से संबंधित अपनी जिज्ञासाएं, कर्मचारियों से जुड़े प्रश्न, अनुपालन संबंधी व्यावहारिक समस्याएं और ऑनलाइन प्रक्रियाओं से संबंधित विषय अधिकारियों के सामने रखे।
वैभव सिंह और रमाकांत यादव ने प्रश्नों का सरल, स्पष्ट और व्यावहारिक तरीके से जवाब दिया। इससे प्रतिभागियों को अपनी वास्तविक परिस्थितियों के संदर्भ में नियमों और प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिला।
प्रश्नोत्तर सत्र की खास बात यह रही कि इसमें केवल एकतरफा जानकारी देने के बजाय उद्योग प्रतिनिधियों को सीधे अधिकारियों से संवाद करने का अवसर मिला।
अमित कुमार उपाध्याय बोले—समस्याओं के समाधान के लिए संवाद जरूरी
IBA अध्यक्ष अमित कुमार उपाध्याय ने कहा कि इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन का उद्देश्य केवल उद्योगों की समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाना नहीं, बल्कि उनके समाधान के लिए संवाद का प्रभावी मंच उपलब्ध कराना भी है।
उन्होंने कहा कि उद्योगों को समय-समय पर नियमों और नई योजनाओं की सही जानकारी उपलब्ध होती रहे, तो वे अपने वैधानिक दायित्वों को बेहतर तरीके से पूरा कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि जागरूकता और समय पर जानकारी उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण है। IBA भविष्य में भी विभिन्न सरकारी विभागों के सहयोग से ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा, जिससे उद्योग और शासन के बीच संवाद और सहयोग को और मजबूत किया जा सके।
वैभव सिंह ने सामाजिक सुरक्षा को बताया EPFO का प्रमुख उद्देश्य
क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-1 वैभव सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि EPFO का उद्देश्य केवल कानून का अनुपालन सुनिश्चित कराना नहीं, बल्कि प्रत्येक कर्मचारी को सामाजिक सुरक्षा का अधिकार उपलब्ध कराना भी है।
उन्होंने कहा कि विभाग उद्योगों के साथ सहयोगात्मक तरीके से काम करता है और प्रतिष्ठानों को उपलब्ध योजनाओं तथा सुविधाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ उठाना चाहिए।
उन्होंने Employees' Enrolment Campaign–2026 और Vishwas Scheme–2026 को उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए इनके संबंध में उपलब्ध प्रावधानों को समझने और आवश्यक कार्रवाई करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर उद्योग EPFO कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। EPFO का प्रयास उद्योगों को सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित सेवाएं उपलब्ध कराना है।
EXEDY India Limited ने की प्रभावी मेजबानी
कार्यशाला की मेजबानी EXEDY India Limited ने की। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर Hidetaka Endo और AGM (HR) प्रदीप कुमार शर्मा ने अतिथियों, EPFO अधिकारियों और उद्योग प्रतिनिधियों का आत्मीय स्वागत किया।
कार्यक्रम के आयोजन में EXEDY India Limited की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभागार की व्यवस्था से लेकर प्रतिभागियों के स्वागत और आतिथ्य तक कंपनी की टीम की सक्रिय भागीदारी रही।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित उद्यमियों के लिए जलपान की भी व्यवस्था की गई, जिसकी प्रतिभागियों ने सराहना की।
उद्योग जगत ने IBA की पहल को बताया उपयोगी
कार्यशाला में शामिल उद्यमियों और उद्योग प्रतिनिधियों ने इसे उपयोगी और ज्ञानवर्धक पहल बताया। प्रतिभागियों के अनुसार, जब संबंधित विभाग के अधिकारी स्वयं उद्योगों के बीच आकर नियमों और योजनाओं की जानकारी देते हैं, तो कई व्यावहारिक विषयों को समझना आसान हो जाता है।
उद्यमियों ने ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने की आवश्यकता जताई, ताकि नियमों और प्रक्रियाओं में होने वाले बदलावों की जानकारी समय पर मिलती रहे।
IBA की पूरी टीम रही सक्रिय
कार्यक्रम में IBA महासचिव सुनील दत्त शर्मा, कोषाध्यक्ष राकेश अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कृष्ण शर्मा, उपाध्यक्ष सुधीर त्यागी, राजेश खन्ना, अजय राना, डॉ. खुशबू सिंह, युवा कार्यकारिणी सदस्य हर्ष तोमर, कार्यकारिणी सदस्य अरविंद भाटी, संजय पांचाल, सिमरन खत्री, महिला उद्यमी पूनम यादव, डॉ. चंचल वार्ष्णेय, पूरन जोशी, अखिल सक्सेना, अनुपम जैन, राहुल त्यागी, सिमरजीत सिंह सहित 100 से अधिक उद्यमी एवं उद्योग प्रतिनिधि मौजूद रहे।
आयोजन के लिए EXEDY टीम का विशेष आभार
समापन अवसर पर IBA अध्यक्ष अमित कुमार उपाध्याय एवं एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने EXEDY India Limited के मैनेजिंग डायरेक्टर Hidetaka Endo, AGM (HR) प्रदीप कुमार शर्मा और उनकी पूरी टीम का विशेष आभार व्यक्त किया।
IBA की ओर से कार्यक्रम के सफल आयोजन, बेहतर सभागार व्यवस्था, आत्मीय आतिथ्य और अतिथियों एवं उद्यमियों के लिए की गई जलपान व्यवस्था के लिए EXEDY टीम को धन्यवाद दिया गया।
उद्योग और शासन के बीच संवाद को मजबूत करने की दिशा में पहल
यह कार्यशाला उद्योगों और सरकारी विभागों के बीच संवाद को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई। एक ओर जहां उद्यमियों को EPFO की योजनाओं और नियमों की जानकारी मिली, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों को उद्योगों की व्यावहारिक जिज्ञासाओं और समस्याओं को सीधे सुनने का अवसर मिला।
ऐसे कार्यक्रमों का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि उद्योगों के लिए वैधानिक अनुपालन एक निरंतर प्रक्रिया है। नियमों और प्रक्रियाओं की सही जानकारी समय पर उपलब्ध होने से प्रतिष्ठानों को अपने आंतरिक सिस्टम और प्रक्रियाओं को उसके अनुरूप व्यवस्थित करने में सुविधा मिल सकती है।
आगे भी जारी रहेगा जागरूकता कार्यक्रमों का सिलसिला
IBA की ओर से संकेत दिया गया कि भविष्य में भी विभिन्न सरकारी विभागों के सहयोग से उद्योगों के लिए जागरूकता और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से उद्योगों को विभागीय योजनाओं, नियमों और प्रक्रियाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ उद्योगों और प्रशासन के बीच संवाद को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यशाला के अंत में उपस्थित उद्यमियों ने भी एक स्वर में कहा कि EPFO जैसे महत्वपूर्ण विभागों के साथ इस प्रकार के प्रत्यक्ष संवाद कार्यक्रम उद्योगों के लिए उपयोगी हैं। प्रतिभागियों ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने की आवश्यकता जताई, ताकि उद्यमियों को समय पर सही जानकारी मिलती रहे, कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा प्रावधानों का प्रभावी अनुपालन हो और उद्योगों की व्यावहारिक समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से किया जा सके।
कुल मिलाकर, IBA की यह पहल उद्योगों को केवल EPFO की नई गाइडलाइंस और योजनाओं से परिचित कराने तक सीमित नहीं रही, बल्कि उद्योग प्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों के बीच सीधे संवाद का ऐसा मंच बनी, जहां नियमों, डिजिटल सेवाओं और अनुपालन से जुड़े विषयों पर जानकारी के साथ-साथ व्यावहारिक सवालों पर भी चर्चा हुई।


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