BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts

आइडिया से इन्वेस्टमेंट तक: ग्रेटर नोएडा में स्टार्टअप और उद्यमिता को नई दिशा



नवरचना फाउंडेशन एवं आई.टी.एस. इंजीनियरिंग कॉलेज ने इनोवेशन हब, AKTU के सहयोग से आयोजित किया दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम
रिपोर्ट:- मौहम्मद इल्यास- ‘दनकौरी’
Vision Live News | ग्रेटर नोएडा
नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप को निवेश के लिए तैयार करने की दिशा में ग्रेटर नोएडा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई। आई.टी.एस. इंजीनियरिंग कॉलेज, ग्रेटर नोएडा के इन्क्यूबेशन सेंटर नवरचना फाउंडेशन फॉर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट ने इनोवेशन हब, AKTU के सहयोग से 19 एवं 20 सितंबर 2026 को दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया।
कार्यक्रम की थीम “आइडिया वैलिडेशन से इन्वेस्टमेंट रेडीनेस तक” रही। इसमें लगभग 150 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें उभरते उद्यमी, नवप्रवर्तक, विद्यार्थी और स्टार्टअप क्षेत्र में रुचि रखने वाले प्रतिभागी शामिल रहे।
स्टार्टअप के हर महत्वपूर्ण पड़ाव पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन
कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को स्टार्टअप की परिकल्पना से लेकर उसके बाजार विस्तार और निवेश प्राप्त करने की तैयारी तक की प्रक्रिया की व्यावहारिक समझ उपलब्ध कराना रहा। दो दिनों के दौरान विशेषज्ञों ने आइडिया वैलिडेशन, कस्टमर डिस्कवरी, बिजनेस मॉडलिंग, बाजार रणनीति, बौद्धिक संपदा अधिकार, वित्तीय योजना और फंडरेजिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में उद्योग और स्टार्टअप क्षेत्र से जुड़े छह विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों के साथ अपने अनुभव और व्यावहारिक सुझाव साझा किए।
छह विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम में सौरभ जैन, संस्थापक, Fun2Do Labs, सलाहकार एवं Paytm के पूर्व अध्यक्ष; मनवीन चड्ढा, अतिरिक्त निदेशक, स्टार्टअप्स एवं इनोवेशन, ASSOCHAM; ईशा शर्मा, संस्थापक, Trayambak Overseas Pvt. Ltd.; अमित सिंघल, पार्टनर, Easy Knowledge Club; अभिषेक कक्कड़, वाइस प्रेसिडेंट, इन्वेस्टमेंट, IAN Group तथा उमेश शरभा, मैनेजर, EY ने विभिन्न सत्रों में प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।
आइडिया से बिजनेस मॉडल और बाजार तक की समझ
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि स्टार्टअप के व्यावहारिक पक्षों पर भी चर्चा हुई। इसमें मार्केट-नीड असेसमेंट, बिजनेस मॉडल कैनवास, रेवेन्यू स्ट्रैटेजी, गो-टू-मार्केट स्ट्रैटेजी, कस्टमर एक्विजिशन, स्केलेबल ऑपरेशंस, प्राइसिंग और यूनिट इकोनॉमिक्स जैसे विषय शामिल रहे।
इसके साथ ही प्रतिभागियों को IPR एवं IP स्ट्रैटेजी, वित्तीय योजना, फंडिंग रेडीनेस, स्टार्टअप वैल्यूएशन और पिच-डेक तैयार करने से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी भी दी गई।
विशेषज्ञों से सीधे संवाद का मिला अवसर
दो दिवसीय कार्यक्रम की खासियत यह रही कि प्रतिभागियों को विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद करने और अपने सवालों पर मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिला। संवादात्मक एवं व्यावहारिक सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों ने यह समझने का प्रयास किया कि किसी नवाचार आधारित विचार को किस प्रकार बाजार की वास्तविक जरूरतों से जोड़ा जा सकता है और उसे एक व्यवहार्य एवं निवेश के लिए तैयार व्यवसाय में विकसित किया जा सकता है।
सत्रों में टिकाऊ व्यवसाय मॉडल तैयार करने, ग्राहक तक पहुंच बनाने, व्यवसाय को स्केल करने तथा निवेशकों के सामने स्टार्टअप को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा हुई।
नेतृत्व ने बताया क्षमता निर्माण को महत्वपूर्ण कड़ी
इस अवसर पर नवरचना फाउंडेशन फॉर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट एवं आई.टी.एस. इंजीनियरिंग कॉलेज, ग्रेटर नोएडा के नेतृत्व ने कहा कि नवाचार आधारित विचारों और उनके सफल व्यावसायीकरण के बीच मौजूद अंतर को कम करने में इस प्रकार की क्षमता निर्माण पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
संस्थान की ओर से इनोवेशन हब, AKTU तथा सभी विशेषज्ञ वक्ताओं के प्रति उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया गया। संस्थान ने कहा कि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से विद्यार्थियों और उभरते उद्यमियों को स्टार्टअप के विभिन्न चरणों को समझने तथा अपने विचारों को अधिक व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में पहल
दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन नवरचना फाउंडेशन फॉर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट, आई.टी.एस. इंजीनियरिंग कॉलेज, ग्रेटर नोएडा और इनोवेशन हब, AKTU की नवाचार को बढ़ावा देने, उद्यमशील क्षमताओं के विकास और नई पीढ़ी के संस्थापकों को तेजी से विकसित हो रहे स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए तैयार करने की साझा पहल के रूप में सामने आया।
यह पहल स्टार्टअप इंडिया, StartInUP, आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत @2047 जैसी व्यापक पहलों के अनुरूप उद्यमिता एवं नवाचार के लिए क्षमता निर्माण, मार्गदर्शन और मेंटरशिप के महत्व को रेखांकित करती है।
कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को यह समझने का अवसर मिला कि किसी स्टार्टअप की सफलता केवल एक अच्छे विचार पर निर्भर नहीं करती, बल्कि बाजार की वास्तविक जरूरत की पहचान, मजबूत बिजनेस मॉडल, ग्राहक समझ, वित्तीय अनुशासन, बौद्धिक संपदा संरक्षण और निवेश के लिए प्रभावी प्रस्तुति जैसे कई पहलुओं के समन्वय से एक विचार को टिकाऊ उद्यम का रूप दिया जा सकता है।


.header-ads img { height:300px !important; max-height:300px !important; width:150% !important; object-fit:cover; }