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ओबीसी अधिकारों की राष्ट्रीय मुहिम में डॉ. शशि यादव को मिली बड़ी जिम्मेदारी


OBC Federation of India की राष्ट्रीय महिला विंग की उपाध्यक्ष नियुक्त; नई दिल्ली की बैठक में जाति जनगणना, सामाजिक न्याय और रोजगार के मुद्दों पर बनी आंदोलन की रणनीति

 मौहम्मद इल्यास- ‘दनकौरी’/ नई दिल्ली / गौतमबुद्धनगर

ओबीसी समाज के अधिकारों, सामाजिक न्याय, रोजगार और जाति जनगणना जैसे मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। इसी क्रम में नई दिल्ली में 13 सितंबर को ओबीसी संगठनों की अखिल भारतीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें पिछड़ा वर्ग समाज से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में जाति जनगणना, सामाजिक न्याय, रोजगार तथा ओबीसी समाज के अधिकारों को प्रमुखता से उठाया गया। बैठक में शामिल संगठनों ने इन मुद्दों को व्यापक स्तर पर उठाने तथा जनजागरूकता बढ़ाने को लेकर आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया। बैठक के दौरान आंदोलन की प्रस्तावित रूपरेखा पर चर्चा के बाद उपस्थित संगठनों की सहमति से उसे आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।


17 सितंबर और 19 सितंबर को कार्यक्रमों का ऐलान

बैठक में प्रथम चरण के कार्यक्रमों के तहत 17 सितंबर को ‘ओबीसी धोखा दिवस एवं बेरोजगारी दिवस’ तथा 19 सितंबर को ‘ब्लैक डे/काला दिवस’ मनाने पर सहमति बनने की बात सामने आई है।

आयोजकों के अनुसार इन कार्यक्रमों का उद्देश्य ओबीसी समाज से जुड़े अधिकारों, रोजगार, सामाजिक न्याय और जाति जनगणना जैसे विषयों को सार्वजनिक विमर्श में प्रमुखता से उठाना है। हालांकि इन कार्यक्रमों के स्वरूप और स्थानीय स्तर पर उनकी गतिविधियों का विस्तृत कार्यक्रम संबंधित संगठनों द्वारा आगे जारी किया जाना है।


डॉ. शशि यादव को राष्ट्रीय स्तर पर नई जिम्मेदारी

इसी बीच गौतम बुद्ध नगर की समाजवादी पार्टी जिलाध्यक्ष डॉ. शशि यादव को OBC Federation of India की राष्ट्रीय महिला विंग का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। संगठन की ओर से बताया गया कि संस्थापक अध्यक्ष जे. एनजीयरप्पा ने उन्हें नियुक्ति पत्र प्रदान कर नई जिम्मेदारी सौंपी।

डॉ. शशि यादव लंबे समय से सामाजिक एवं राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ी हुई हैं। उन्हें मिली इस नई जिम्मेदारी को संगठन की महिला इकाई को मजबूत करने और ओबीसी समाज की महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

संगठन के पदाधिकारियों ने उनकी नियुक्ति पर उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि उनके अनुभव और सक्रियता से राष्ट्रीय महिला विंग को मजबूती मिलेगी तथा ओबीसी समाज की महिलाओं से जुड़े सामाजिक मुद्दों को व्यापक स्तर पर उठाने में मदद मिलेगी।


महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर

नई जिम्मेदारी मिलने के बाद डॉ. शशि यादव ने संगठन के शीर्ष नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वह संगठन की नीतियों और उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने के साथ ही महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करने के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करेंगी।

उनके मुताबिक ओबीसी समाज के सामाजिक और अधिकार संबंधी मुद्दों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। महिलाओं को संगठित कर उन्हें सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूक करना और उनकी आवाज को प्रभावी मंच उपलब्ध कराना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।


गौतम बुद्ध नगर से राष्ट्रीय मंच तक पहुंचा ओबीसी मुद्दा

डॉ. शशि यादव की राष्ट्रीय महिला विंग में नियुक्ति के साथ गौतम बुद्ध नगर का नाम भी ओबीसी अधिकारों से जुड़े राष्ट्रीय स्तर के संगठनात्मक प्रयासों के संदर्भ में सामने आया है। वह वर्तमान में समाजवादी पार्टी की गौतम बुद्ध नगर जिलाध्यक्ष तथा अखिल भारतीय यादववंशी महासभा, उत्तर प्रदेश की प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं।


नई जिम्मेदारी के बाद उनके सामने संगठनात्मक स्तर पर राष्ट्रीय महिला विंग को सक्रिय करने, महिलाओं को जोड़ने और ओबीसी समाज से जुड़े मुद्दों को विभिन्न मंचों तक पहुंचाने की चुनौती भी होगी।


जाति जनगणना और सामाजिक न्याय बना प्रमुख मुद्दा

नई दिल्ली की बैठक में जाति जनगणना को लेकर चर्चा विशेष रूप से महत्वपूर्ण रही। ओबीसी संगठनों का मानना है कि सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति से जुड़े आंकड़ों के आधार पर नीतियों और योजनाओं को अधिक प्रभावी तरीके से तैयार किया जा सकता है। इसके साथ ही रोजगार और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को भी बैठक में प्रमुखता से उठाया गया।

बैठक में तय किए गए प्रस्तावित कार्यक्रमों के जरिए इन मुद्दों को जनता के बीच ले जाने की रणनीति बनाई गई है। अब आगामी 17 और 19 सितंबर को होने वाले कार्यक्रमों पर राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों की नजर रहेगी।


आगे बढ़ेगा राष्ट्रीय अभियान

नई दिल्ली की बैठक और डॉ. शशि यादव की राष्ट्रीय महिला विंग में नियुक्ति, दोनों घटनाक्रम ओबीसी समाज से जुड़े मुद्दों के राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते विमर्श की ओर संकेत करते हैं। आने वाले दिनों में जाति जनगणना, सामाजिक न्याय, रोजगार और ओबीसी अधिकारों को लेकर विभिन्न संगठनों की गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

गौतम बुद्ध नगर में भी डॉ. शशि यादव की नई राष्ट्रीय जिम्मेदारी के बाद ओबीसी समाज की महिलाओं को संगठनात्मक रूप से जोड़ने और इन मुद्दों को स्थानीय स्तर से राष्ट्रीय मंच तक ले जाने की दिशा में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।


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