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किसान यूनियन की मासिक बैठक में बड़ा ऐलान




22 अक्टूबर को यमुना प्राधिकरण पर होगी बड़ी महापंचायत, 10% विकसित भूखंड समेत कई मांगों को लेकर आंदोलन की रणनीति तैयार
 मौहम्मद इल्यास- ‘दनकौरी’/ ग्रेटर नोएडा
 भारतीय किसान यूनियन (कृषक) की मासिक बैठक राष्ट्रीय सचिव ऋषिपाल कसाना की अध्यक्षता में संगठन के कैंप कार्यालय पर आयोजित की गई। बैठक का संचालन प्रदेश प्रवक्ता अरविंद पहलवान ने किया। बैठक में किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करते हुए संगठन ने आगामी आंदोलन को लेकर बड़ा ऐलान किया।
बैठक में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण नागर ने घोषणा की कि किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर आगामी 22 अक्टूबर को यमुना प्राधिकरण पर बड़ी महापंचायत आयोजित की जाएगी। संगठन के अनुसार महापंचायत में किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को प्रमुखता से उठाया जाएगा और आगे के आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
10 प्रतिशत विकसित भूखंड समेत कई मांगें रहेंगी प्रमुख
राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण नागर ने कहा कि महापंचायत में 10 प्रतिशत विकसित भूखंड, आबादी की बैकलीज, यमुना एक्सप्रेसवे से प्रभावित किसानों को भूखंड, इंटरचेंज से प्रभावित किसानों को भूखंड तथा 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजे से संबंधित मांगों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
इसके साथ ही गांवों के विकास, क्षेत्रीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने तथा किसानों और स्थानीय नागरिकों से जुड़े अन्य मुद्दों को भी महापंचायत में रखा जाएगा।
संगठन का कहना है कि इन मांगों को लेकर किसानों के बीच लगातार संवाद किया जाएगा और आंदोलन की आगामी दिशा महापंचायत में तय की जाएगी।
गांव-गांव चलेगा जनजागरण अभियान
भारतीय किसान यूनियन (कृषक) ने आंदोलन को व्यापक स्तर पर पहुंचाने के लिए गांव-गांव जनजागरण अभियान चलाने का भी निर्णय लिया है। संगठन के पदाधिकारियों के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर किसानों को उनकी मांगों और प्रस्तावित महापंचायत के संबंध में जानकारी दी जाएगी।
संगठन का प्रयास है कि अधिक से अधिक किसान आगामी 22 अक्टूबर की महापंचायत में शामिल हों और किसानों से जुड़े मुद्दों को एकजुट होकर प्राधिकरण के समक्ष रखा जा सके।
संगठन को गांव स्तर पर मजबूत करने पर जोर
बैठक के दौरान संगठन के राष्ट्रीय महासचिव हरेंद्र नागर ने बताया कि बैठक में करीब आधा दर्जन लोगों ने भारतीय किसान यूनियन (कृषक) की सदस्यता ग्रहण की। उन्होंने कहा कि संगठन को गांव स्तर तक मजबूत करने और अधिक से अधिक किसानों को संगठन से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
हरेंद्र नागर के मुताबिक संगठन की मजबूती के लिए ग्रामीण स्तर पर कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियां बढ़ाई जाएंगी तथा किसानों के बीच संगठन की गतिविधियों को लगातार आगे बढ़ाया जाएगा।
किसानों के मुद्दों को लेकर आगे की रणनीति पर मंथन
मासिक बैठक में किसान हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अपने विचार रखे। बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि आगामी दिनों में किसानों के बीच जनसंपर्क अभियान को किस तरह प्रभावी बनाया जाए और 22 अक्टूबर की प्रस्तावित महापंचायत में अधिक से अधिक किसानों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
संगठन ने स्पष्ट किया कि किसान समस्याओं को लेकर गांव स्तर पर संवाद और जनजागरण अभियान को गति दी जाएगी। इसके साथ ही यमुना प्राधिकरण क्षेत्र से जुड़े किसानों की मांगों को लेकर आगामी दिनों में आंदोलनात्मक गतिविधियों को विस्तार देने की तैयारी की जाएगी।
ये पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
बैठक में ऋषिपाल कसाना, सतपाल नागर, एडवोकेट जीतू गुर्जर, विकास नागर, सरजीत नागर, अरविंद पहलवान, राकेश अवाना, जितेंद्र नागर, जितेंद्र मास्टर, रविंद्र भाटी, दिनेश बसल, मनोज झुप्पा, सौरभ प्रधान, प्रमोद तोगड़, राजेश मिश्रा, इंदर रोहिला, सतवीर कपासिया, राजकुमार, आकाश, दीपक कुमार, मनीष रायपुर और नागेंद्र जेवर सहित संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बैठक के अंत में संगठन ने किसानों से आगामी महापंचायत को सफल बनाने के लिए गांव-गांव संपर्क अभियान चलाने और अधिक से अधिक किसानों को संगठन से जोड़ने का आह्वान किया।


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