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गणेश चतुर्थी पर भक्तिमय हुआ श्री द्रोणाचार्य महाविद्यालय परिसर



विधिवत पूजा-अर्चना और आरती के साथ विद्यार्थियों ने मांगा ज्ञान, विवेक, सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन का आशीर्वाद
    Vision Live / दनकौर
श्री गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर श्री द्रोणाचार्य पी.जी. कॉलेज, दनकौर का वातावरण श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया। महाविद्यालय की प्रार्थना सभा के दौरान भगवान श्री गणेश की विधिवत पूजा-अर्चना, आरती एवं जयघोष के साथ गणेश चतुर्थी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय परिवार के शिक्षकों, स्टाफ सदस्यों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश से ज्ञान, विवेक, सुख-समृद्धि और जीवन में सफलता की कामना की।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स एवं उप-प्राचार्या डॉ. रश्मि गुप्ता की उपस्थिति में भगवान श्री गणेश की प्रतिमा के समक्ष विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती के साथ हुआ। पूजा के दौरान महाविद्यालय परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भगवान श्री गणेश के समक्ष श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए सभी के जीवन से विघ्न-बाधाओं को दूर करने और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने की प्रार्थना की।
भगवान गणेश के जीवन-मूल्यों से प्रेरणा लेने का संदेश
कार्यक्रम का आयोजन गृह विज्ञान विभाग की डॉ. निशा शर्मा द्वारा किया गया। उन्होंने भगवान श्री गणेश के प्रथम पूज्य होने से जुड़ी पौराणिक कथा का रोचक एवं भावपूर्ण वर्णन किया। इसके साथ ही उन्होंने भगवान गणेश के स्वरूप और व्यक्तित्व में निहित विभिन्न जीवन-मूल्यों को विद्यार्थियों के सामने प्रस्तुत किया।
डॉ. निशा शर्मा ने कहा कि भगवान श्री गणेश केवल विघ्नहर्ता और प्रथम पूज्य देव के रूप में ही पूजनीय नहीं हैं, बल्कि उनका जीवन ज्ञान, विवेक, धैर्य, विनम्रता, आज्ञापालन और कर्तव्यनिष्ठा जैसे महत्वपूर्ण मानवीय मूल्यों की भी प्रेरणा देता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे इन गुणों को अपने जीवन में अपनाकर शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और नैतिक मूल्यों को भी महत्व दें।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार, संवेदनशील और विवेकशील नागरिक का निर्माण करना भी है। भगवान श्री गणेश का जीवन विद्यार्थियों को कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने और बुद्धि-विवेक से निर्णय लेने की प्रेरणा देता है।
गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष से गूंजा परिसर
कार्यक्रम के दौरान समाजशास्त्र विभाग के डॉ. राजीव पिंटू ने विद्यार्थियों के साथ भगवान श्री गणेश के जयकारे लगवाए। जैसे ही विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से “गणपति बप्पा मोरया” का जयघोष किया, पूरा महाविद्यालय परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला और कार्यक्रम में आध्यात्मिक उमंग का माहौल बना रहा।
इस दौरान शिक्षकों और विद्यार्थियों ने एक-दूसरे को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं भी दीं। कार्यक्रम ने महाविद्यालय परिवार के बीच आपसी एकता, सद्भाव और सकारात्मक सोच को मजबूत करने का संदेश दिया।
लड्डुओं का भोग लगाकर वितरित किया प्रसाद
पूजा-अर्चना एवं आरती के उपरांत भगवान श्री गणेश को लड्डुओं का भोग अर्पित किया गया। इसके बाद महाविद्यालय के शिक्षकगण, स्टाफ सदस्यों और विद्यार्थियों को प्रसाद वितरित किया गया। प्रसाद ग्रहण करते हुए विद्यार्थियों में भी उत्साह और उल्लास देखने को मिला।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर महाविद्यालय परिवार ने भगवान श्री गणेश से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सफलता की कामना की। साथ ही महाविद्यालय की निरंतर प्रगति, विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य तथा समाज में ज्ञान, संस्कार और सद्भाव के प्रकाश के विस्तार की प्रार्थना की गई।
गणेश चतुर्थी के इस आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और जीवन-मूल्यों से जोड़ने का भी संदेश दिया। महाविद्यालय परिसर में आयोजित यह कार्यक्रम श्रद्धा, संस्कार, शिक्षा और सामाजिक सद्भाव का सुंदर संगम बनकर सामने आया।


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