BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts

दवा खोज से लेकर व्यक्तिगत चिकित्सा तक AI का बढ़ता दखल


एक्यूरेट कॉलेज ऑफ फार्मेसी में अंतरराष्ट्रीय हाइब्रिड सम्मेलन, 170 विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं के साथ 100 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
  मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
दवा खोज की पारंपरिक प्रक्रिया से लेकर व्यक्तिगत चिकित्सा और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं तक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और संगणकीय तकनीकें स्वास्थ्य एवं फार्मास्युटिकल विज्ञान के क्षेत्र में नई संभावनाओं का आधार बन रही हैं। इसी बदलते तकनीकी परिदृश्य पर मंथन के लिए एक्यूरेट कॉलेज ऑफ फार्मेसी, ग्रेटर नोएडा द्वारा “अगली पीढ़ी के औषधि विज्ञान, दवा खोज एवं स्वास्थ्य सेवाओं में जनरेटिव एआई और संगणकीय नवाचार” विषय पर एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय हाइब्रिड सम्मेलन का आयोजन किया गया।
सम्मेलन में देश-विदेश के 170 प्रतिष्ठित विशेषज्ञों, शिक्षाविदों एवं शोधकर्ताओं तथा 100 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में फार्मास्युटिकल विज्ञान, जनरेटिव AI, कम्प्यूटेशनल तकनीक, औषधि विकास, व्यक्तिगत चिकित्सा और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के बदलते स्वरूप पर शोधपरक विचार-विमर्श हुआ।
सम्मेलन की विशेषता यह रही कि इसमें AI को केवल भविष्य की तकनीक के रूप में देखने के बजाय दवा खोज, औषधि पुनर्प्रयोजन, व्यक्तिगत दवा निर्माण और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक रोगी-केंद्रित बनाने में इसके संभावित उपयोगों पर शोध पत्रों और प्रस्तुतियों के माध्यम से चर्चा की गई।
170 शोध पत्रों में दिखी AI आधारित दवा खोज की नई दिशा
सम्मेलन के दौरान लगभग 170 शोध पत्रों के माध्यम से कम्प्यूटेशनल एवं जनरेटिव AI तकनीकों के विभिन्न पहलुओं पर प्रस्तुतियां दी गईं। शोधकर्ताओं ने यह समझाने का प्रयास किया कि आधुनिक कम्प्यूटेशनल तकनीकों की सहायता से दवा खोज एवं औषधि अनुसंधान की प्रक्रिया में किस प्रकार नए दृष्टिकोण विकसित किए जा सकते हैं।
शोध प्रस्तुतियों में AI आधारित तकनीकों के माध्यम से नई औषधियों की पहचान, संभावित चिकित्सीय विकल्पों की तलाश, दवा अनुसंधान की गति बढ़ाने तथा रोगियों की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाओं को विकसित करने जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
विशेषज्ञों के विचार-विमर्श में यह पहलू भी सामने आया कि AI आधारित तकनीकों का उपयोग स्वास्थ्य सेवाओं में तभी अधिक प्रभावी हो सकता है, जब तकनीकी क्षमता के साथ वैज्ञानिक सत्यापन, शोध की गुणवत्ता और जिम्मेदार उपयोग पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाए।
व्यक्तिगत चिकित्सा की दिशा में AI की संभावनाएं
सम्मेलन का एक प्रमुख विषय Personalized Medicine यानी व्यक्तिगत चिकित्सा रहा। विशेषज्ञों ने चर्चा की कि आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में प्रत्येक मरीज की परिस्थितियों और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उपचार संबंधी दृष्टिकोण विकसित करने में तकनीक की भूमिका बढ़ रही है।
AI और कम्प्यूटेशनल तकनीकों के संभावित उपयोग से स्वास्थ्य संबंधी बड़े स्तर के डेटा का विश्लेषण करने और शोधकर्ताओं को नए पैटर्न समझने में सहायता मिल सकती है। इससे भविष्य में रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं के विकास के लिए नए रास्ते तलाशे जा सकते हैं।
हालांकि विशेषज्ञों ने तकनीकी संभावनाओं के साथ वैज्ञानिक विश्वसनीयता, डेटा की गुणवत्ता और जिम्मेदार उपयोग की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने पर विद्यार्थियों ने दिखाया नवाचार
सम्मेलन का एक आकर्षक हिस्सा विद्यार्थियों का पोस्टर प्रेजेंटेशन रहा। विद्यार्थियों ने AI, स्वास्थ्य सेवाओं, फार्मास्युटिकल विज्ञान और तकनीकी नवाचार से जुड़े अपने विचारों एवं शोध कार्यों को पोस्टर के माध्यम से प्रस्तुत किया।
इन प्रस्तुतियों में इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया कि आधुनिक तकनीकों की सहायता से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक लोगों तक पहुंचाने और उन्हें जरूरत के अनुरूप विकसित करने की संभावनाएं कैसे तलाश की जा सकती हैं।
विद्यार्थियों की पोस्टर प्रस्तुतियों को विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों ने देखा और उनके साथ अकादमिक चर्चा की। आयोजन से जुड़े लोगों के अनुसार, विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में शोध के साथ नवाचार और समस्या-समाधान की सोच भी दिखाई दी।
सरस्वती वंदना और दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ
सम्मेलन का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर संस्थान की चेयरपर्सन पूनम शर्मा, निदेशक डॉ. ए. के. राय सहित अन्य सम्मानित अतिथिगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया गया तथा सम्मेलन के उद्देश्य और विषय की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला गया।
डॉ. ए. के. राय ने तकनीक और फार्मेसी शिक्षा के तालमेल पर दिया जोर
संस्थान के निदेशक डॉ. ए. के. राय ने कहा कि स्वास्थ्य और औषधि विज्ञान के क्षेत्र में तकनीकी बदलाव तेजी से हो रहे हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और संगणकीय तकनीकों ने दवा खोज, औषधि अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए इन तकनीकों को समझना तथा उनका जिम्मेदारीपूर्ण और प्रभावी उपयोग सीखना महत्वपूर्ण है।
डॉ. राय ने कहा कि ऐसे अकादमिक सम्मेलन विद्यार्थियों को पारंपरिक फार्मास्युटिकल ज्ञान और आधुनिक तकनीक के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने का अवसर देते हैं। इससे उनमें शोध, नवाचार और नई तकनीकों को सीखने की रुचि विकसित हो सकती है।
ओमान से डॉ. शाह आलम खान ने बताई जनरेटिव AI की भूमिका
सम्मेलन में ओमान से डॉ. शाह आलम खान ने दवा खोज के क्षेत्र में जनरेटिव AI की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जनरेटिव AI आधारित तकनीकें नई पीढ़ी की औषधियों के विकास और दवा अनुसंधान की प्रक्रियाओं में नई संभावनाएं तलाशने में सहायक हो सकती हैं।
उन्होंने AI आधारित दृष्टिकोणों के माध्यम से दवा अनुसंधान के विभिन्न चरणों में तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।
मालदीव से डॉ. मोनिका अरोड़ा ने व्यक्तिगत चिकित्सा पर रखे विचार
मालदीव से डॉ. मोनिका अरोड़ा ने व्यक्तिगत चिकित्सा एवं सटीक स्वास्थ्य सेवाओं में AI की भूमिका पर चर्चा की।
उन्होंने रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं के विकास में तकनीक की संभावित भूमिका को रेखांकित किया और बताया कि उभरती तकनीकों के प्रभावी उपयोग से भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक आवश्यकता-आधारित बनाने की संभावनाओं पर शोध किया जा रहा है।
AI आधारित औषधि पुनर्प्रयोजन पर डॉ. सोकिंद्र कुमार की प्रस्तुति
डॉ. सोकिंद्र कुमार ने AI आधारित औषधि पुनर्प्रयोजन (Drug Repurposing) पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि पहले से उपलब्ध औषधियों के संभावित नए चिकित्सीय उपयोगों की पहचान करने में AI और कम्प्यूटेशनल तकनीकों की भूमिका पर शोध किया जा रहा है।
इस क्षेत्र को दवा अनुसंधान के एक महत्वपूर्ण उभरते आयाम के रूप में सम्मेलन में चर्चा का विषय बनाया गया।
व्यक्तिगत दवा निर्माण और स्मार्ट हेल्थकेयर पर डॉ. राजेश अग्रवाल
डॉ. राजेश अग्रवाल (भारत) ने व्यक्तिगत दवा निर्माण और स्मार्ट स्वास्थ्य सेवाओं में जनरेटिव AI की बढ़ती भूमिका पर अपने विचार साझा किए।
उन्होंने तकनीक से जुड़ी संभावनाओं के साथ उन चुनौतियों पर भी चर्चा की, जिन पर शोधकर्ताओं और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों को ध्यान देना आवश्यक है।
पोस्टर प्रेजेंटेशन में विद्यार्थियों ने दिखाई शोध और नवाचार की सोच
सम्मेलन के दौरान आयोजित पोस्टर प्रेजेंटेशन विद्यार्थियों के लिए अपने शोध एवं नवीन विचारों को विशेषज्ञों के सामने रखने का महत्वपूर्ण मंच बना।
विद्यार्थियों ने अपने विषयों को पोस्टर के माध्यम से प्रस्तुत किया और विशेषज्ञों के साथ चर्चा की। इस प्रक्रिया ने उन्हें शोध कार्य को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने, प्रश्नों का उत्तर देने और अपने विचारों पर अकादमिक प्रतिक्रिया प्राप्त करने का अवसर दिया।
उत्कृष्ट शोध कार्य एवं प्रभावी पोस्टर प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया। इससे विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं में शोध एवं नवाचार के प्रति उत्साह को बढ़ावा मिला।
फार्मेसी शिक्षा में अब बहुविषयक समझ की जरूरत
सम्मेलन में हुई चर्चाओं का एक महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह रहा कि आधुनिक फार्मेसी शिक्षा तेजी से बहुविषयक स्वरूप ग्रहण कर रही है। आज फार्मेसी के विद्यार्थियों के लिए केवल पारंपरिक विषय ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें शोध, कम्प्यूटेशनल तकनीक, डेटा की समझ, नवाचार और समस्या-समाधान की क्षमता से भी परिचित होना आवश्यक हो रहा है।
AI और फार्मास्युटिकल विज्ञान के बीच बढ़ते संबंध ने विद्यार्थियों के सामने शोध और करियर के नए क्षेत्र भी खोले हैं। ऐसे सम्मेलन विद्यार्थियों को विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने और उभरते क्षेत्रों को समझने का अवसर प्रदान करते हैं।
फार्मेसी, कंप्यूटिंग और स्वास्थ्य विज्ञान के बीच सहयोग पर जोर
सम्मेलन में फार्मास्युटिकल विज्ञान, संगणकीय तकनीक और स्वास्थ्य सेवाओं के बीच अंतर्विषयक सहयोग की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
विशेषज्ञों ने इस बात पर चर्चा की कि आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी जटिल समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग विषयों के विशेषज्ञों को मिलकर काम करने की आवश्यकता बढ़ रही है।
फार्मेसी के साथ AI, डेटा साइंस, कम्प्यूटेशनल मॉडलिंग और अन्य तकनीकी क्षेत्रों के ज्ञान का समन्वय भविष्य के अनुसंधान के लिए नए अवसर उपलब्ध करा सकता है।
विद्यार्थियों के लिए शोध से करियर तक नई संभावनाएं
सम्मेलन ने विद्यार्थियों के सामने यह पहलू भी रखा कि AI और कम्प्यूटेशनल तकनीकों का ज्ञान फार्मास्युटिकल क्षेत्र में शोध और रोजगार की बदलती आवश्यकताओं के संदर्भ में महत्वपूर्ण हो सकता है।
विशेषज्ञों के साथ संवाद के दौरान विद्यार्थियों को दवा खोज, औषधि विकास, व्यक्तिगत चिकित्सा, स्मार्ट हेल्थकेयर और तकनीक आधारित अनुसंधान जैसे उभरते क्षेत्रों को समझने का अवसर मिला।
डॉ. अजीत किरण कौर के समन्वय में सफल आयोजन
सम्मेलन का सफल संचालन एवं समन्वय डॉ. अजीत किरण कौर, संयोजक के मार्गदर्शन में किया गया। उनके समन्वय में आयोजित इस सम्मेलन ने फार्मास्युटिकल विज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न विषयों को एक साझा अकादमिक मंच पर लाने का कार्य किया।
विभिन्न सत्रों, शोध प्रस्तुतियों और संवादों के माध्यम से प्रतिभागियों को विशेषज्ञों के विचार सुनने और उभरती तकनीकों के संभावित उपयोगों पर चर्चा करने का अवसर मिला।
पूनम शर्मा ने आयोजन टीम और प्रतिभागियों का जताया आभार
कार्यक्रम के सफल समापन पर संस्थान की चेयरपर्सन पूनम शर्मा ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञ वक्ताओं, शोधकर्ताओं, शिक्षकों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने सम्मेलन में सहभागिता करने वाले विशेषज्ञों और प्रतिभागियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि ज्ञान, शोध और नवाचार पर आधारित अकादमिक आयोजन विद्यार्थियों के शैक्षणिक और व्यावसायिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने आयोजन टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, फार्मास्युटिकल विज्ञान और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में हो रहे नवीनतम विकास से परिचित कराने के लिए ऐसे मंच निरंतर आयोजित किए जाने चाहिए।
AI के साथ जिम्मेदार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण जरूरी
सम्मेलन की चर्चाओं में AI की संभावनाओं के साथ उसके जिम्मेदार और वैज्ञानिक उपयोग की आवश्यकता भी सामने आई। विशेषज्ञों के अनुसार, तकनीक स्वास्थ्य एवं दवा अनुसंधान में नई संभावनाएं पैदा कर सकती है, लेकिन इसके उपयोग में वैज्ञानिक सत्यापन, शोध की गुणवत्ता और जिम्मेदार निर्णय प्रक्रिया का महत्व बना रहेगा।
इस दृष्टिकोण से सम्मेलन ने केवल तकनीक की संभावनाओं पर चर्चा नहीं की, बल्कि फार्मास्युटिकल अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक के सार्थक उपयोग की दिशा पर भी विचार-विमर्श किया।
अकादमिक मंच से निकला भविष्य की फार्मेसी का संदेश
एक्यूरेट कॉलेज ऑफ फार्मेसी में आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन इस व्यापक बदलाव को रेखांकित करता है कि फार्मास्युटिकल विज्ञान और स्वास्थ्य सेवाओं का भविष्य तेजी से तकनीक, शोध और अंतर्विषयक सहयोग से जुड़ रहा है।
दवा खोज में जनरेटिव AI, औषधि पुनर्प्रयोजन में कम्प्यूटेशनल तकनीक, व्यक्तिगत चिकित्सा में डेटा आधारित दृष्टिकोण और स्मार्ट स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी नवाचार जैसे विषयों पर हुई चर्चाओं ने विद्यार्थियों एवं शोधकर्ताओं को भविष्य की शोध दिशाओं से परिचित कराया।
सम्मेलन का समापन ज्ञान, शोध, नवाचार और उभरती तकनीकों के जिम्मेदार एवं सार्थक उपयोग के माध्यम से फार्मास्युटिकल विज्ञान और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास करने के संदेश के साथ हुआ।


.header-ads img { height:300px !important; max-height:300px !important; width:150% !important; object-fit:cover; }