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टीओआरएसए मशीनें पांच वर्षों में ₹500 करोड़ का कारोबार हासिल करने की दिशा में अग्रसर


तकनीक, मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और बाजार विस्तार के जरिए विकास का रोडमैप तैयार
 मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ इंडिया एक्सपोजिशन मार्ट ग्रेटर नोएडा 
क्रशिंग और स्क्रीनिंग उपकरणों के भारतीय निर्माता TORSA Machines Limited ने अगले पांच वर्षों में ₹500 करोड़ के कारोबार तक पहुंचने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। कंपनी के मुताबिक यह लक्ष्य केवल राजस्व का आंकड़ा हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीक, उत्पादन क्षमता, नए बाजारों और ग्राहकों के साथ दीर्घकालिक संबंधों को मजबूत करते हुए एक बड़े भारतीय इंजीनियरिंग उद्यम के रूप में विकसित होने की रणनीति का हिस्सा है।
कंपनी इन दिनों bauma CONEXPO INDIA 2026 में अपनी विस्तारित मशीनरी और नई पीढ़ी के कंस्ट्रक्शन एवं मटेरियल-प्रोसेसिंग समाधान प्रदर्शित कर रही है। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर में 15 से 18 सितंबर तक आयोजित हो रहे इस अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में कंपनी ने क्रशिंग, स्क्रीनिंग और सैंड-वॉशिंग सेगमेंट में कई नए उत्पाद पेश किए हैं।
पांच प्रमुख क्षेत्रों पर कंपनी का फोकस
TORSA के विकास रोडमैप में पांच प्रमुख क्षेत्रों को आधार बनाया गया है। इनमें स्वदेशी तकनीक का लगातार विकास, उच्च मूल्य वाले क्रशिंग एवं मटेरियल-प्रोसेसिंग समाधान, एकीकृत समाधान उपलब्ध कराना, देश-विदेश के बाजारों में विस्तार तथा आफ्टरमार्केट सर्विस, स्पेयर पार्ट्स और अपग्रेड सेवाओं को मजबूत करना शामिल है।
कंपनी का लक्ष्य केवल अलग-अलग मशीनें उपलब्ध कराने के बजाय ग्राहकों की पूरी मटेरियल-प्रोसेसिंग जरूरतों के लिए एकीकृत समाधान उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही भारत में अपनी पहुंच और मजबूत करने के साथ चयनित अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी विस्तार की योजना है।
मशीन निर्माता से मटेरियल-प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी कंपनी बनने की दिशा
TORSA के मुताबिक अगले पांच वर्षों की योजना कंपनी की पहचान को भी एक नए स्तर पर ले जाने वाली है। कंपनी खुद को केवल क्रशिंग और स्क्रीनिंग उपकरण निर्माता के रूप में नहीं, बल्कि इंडियन मटेरियल-प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी और लाइफसाइकल सॉल्यूशंस एंटरप्राइज के रूप में स्थापित करना चाहती है।
इसमें एप्लीकेशन इंजीनियरिंग, मशीन चयन, क्रशिंग, शेपिंग, स्क्रीनिंग, वॉशिंग, ऑटोमेशन, स्पेयर पार्ट्स, सर्विस और लाइफसाइकल सपोर्ट जैसे क्षेत्रों को एक साथ जोड़ने की योजना है।
TORSA के प्रबंध निदेशक गोपी कृष्ण मोरे ने कहा कि ₹500 करोड़ का लक्ष्य जानबूझकर चुनौतीपूर्ण रखा गया है। उनके अनुसार भविष्य की TORSA मौजूदा कंपनी का केवल बड़ा संस्करण नहीं होगी, बल्कि नई तकनीक, नए उत्पाद एवं एप्लीकेशन सेगमेंट, नए बाजार, मजबूत मैन्युफैक्चरिंग और ग्राहकों के साथ गहरे संबंधों के जरिए कंपनी को नई ऊंचाई तक ले जाने का प्रयास किया जाएगा।
बाॅमा CONEXPO INDIA 2026 में नई पीढ़ी के उत्पादों का प्रदर्शन
प्रदर्शनी में TORSA द्वारा TEC 10 और TEC 11 Cone Crushers, TSH 10, VORTEX Vertical Shaft Impactor और EcoCycle Sand-Washing Plant प्रदर्शित किए जा रहे हैं।
इनके अलावा कंपनी की स्थापित उत्पाद श्रृंखला में TJC Jaw Crusher Series, Sievex Dry और AquaPro Wet Screening Equipment, PulseGrizzlyPro, GirzzlyPro और ScalpPro Feeder Lines तथा Nomad Compact Plant शामिल हैं।
कंपनी का कहना है कि इन उत्पादों को केवल नए मशीन मॉडल के तौर पर नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में कंपनी के विस्तार के लिए तैयार किए गए व्यापक प्लेटफॉर्म के रूप में देखा जाना चाहिए।
Built for Every Terrain’ की सोच
TORSA ने अपने उत्पादों के लिए “Built for Every Terrain” की सोच को प्रमुखता दी है। कंपनी के अनुसार भारतीय परिस्थितियों में काम करने वाली मशीनों को पहाड़ी और दुर्गम परियोजना स्थलों से लेकर रेगिस्तानी और मैदानी इलाकों तक विभिन्न परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।
प्रबंध निदेशक गोपी कृष्ण मोरे ने ग्राहकों के साथ कंपनी के संबंधों की नीति बताते हुए कहा कि “ग्राहक से ऐसा वादा कभी नहीं करना चाहिए जिसे पूरा न किया जा सके।”
तीन दशक की यात्रा और भरोसे की विरासत
TORSA की स्थापना वर्ष 1999 में हुई थी। कंपनी के पास कोलकाता और गुवाहाटी में मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस हैं और भारत तथा पड़ोसी देशों में इसके 2,500 से अधिक इंस्टॉलेशन बताए गए हैं। गोपी मोरे वर्ष 2007 से कंपनी के प्रबंध निदेशक के रूप में नेतृत्व कर रहे हैं।
कंपनी की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंस्ट्रक्शन-इक्विपमेंट प्रदर्शनियों में भागीदारी दो दशक से अधिक पुरानी है। कंपनी के अनुसार उसने वर्ष 2000 में India Road Congress और 2005 में Excon में भी भाग लिया था और उस समय से ही क्रशिंग, स्क्रीनिंग और वॉशिंग को एकीकृत समाधान के रूप में देखने की दिशा में काम किया।
कंपनी के चेयरमैन एमेरिटस राजकुमार मोरे ने कहा कि शुरुआत में उद्देश्य भारतीय परिस्थितियों में टिकने वाले उपकरण तैयार करना और ग्राहकों का विश्वास हासिल करना था। उनके मुताबिक तीन दशक बाद नई पीढ़ी की तकनीक में उसी सोच को आगे बढ़ते देखना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण क्षण है।
उद्घाटन समारोह में प्रमुख लोग रहे मौजूद
15 सितंबर को TORSA के स्टॉल पर आयोजित उद्घाटन एवं मीडिया संवाद कार्यक्रम में चेयरमैन एमेरिटस राजकुमार मोरे, प्रबंध निदेशक गोपी कृष्ण मोरे, Build India Foundation के संस्थापक वैभव डांगे तथा कंपनी की नेतृत्व टीम के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान क्रशिंग, शेपिंग और सैंड-प्रोसेसिंग से जुड़े पांच नई पीढ़ी के TORSA उत्पादों का अनावरण किया गया। साथ ही कंपनी की आगामी विकास योजनाओं और विस्तारित उत्पाद श्रृंखला को लेकर चर्चा हुई।
Build India Foundation के संस्थापक वैभव डांगे ने कहा कि भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए ऐसी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां महत्वपूर्ण हैं, जो केवल कागज पर तकनीक नहीं बल्कि जमीन पर काम करने वाली परिस्थितियों को समझती हैं।
₹500 करोड़ का लक्ष्य, विस्तार की बड़ी रणनीति
TORSA का पांच वर्षीय लक्ष्य नए उपकरणों की बिक्री के साथ-साथ नए बाजारों, उच्च मूल्य वाले एप्लीकेशन, आफ्टरमार्केट सर्विस, स्पेयर पार्ट्स, मशीन अपग्रेड और ग्राहकों के साथ लंबे समय के संबंधों को मजबूत करने पर केंद्रित है।
कंपनी के अनुसार उसकी आगे की रणनीति का उद्देश्य बेहतर तकनीक, अधिक एप्लीकेशन, नए बाजार, मजबूत ग्राहक संबंध और अधिक मैन्युफैक्चरिंग क्षमता के माध्यम से TORSA को ₹500 करोड़ की भारतीय इंजीनियरिंग कंपनी के रूप में स्थापित करना है।


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