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350 फीट लंबे बहुमंजिला मंच पर गूंजेगा प्रभु श्रीराम का जयघोष, 100 से अधिक कलाकार रचेंगे रामलीला का भव्य संसार

श्री धार्मिक रामलीला 2026 : भव्य भूमि पूजन से शुरू हुआ दिव्य मंचन का सफर
सेक्टर पाई-1 ऐछर-बिरौंडा में श्री धार्मिक रामलीला का भव्य भूमि पूजन संपन्न
11 से 20 अक्टूबर तक चलेगा रामलीला मंचन, जोधपुर और बीकानेर के कलाकार देंगे प्रस्तुतियां
आधुनिक तकनीक, तीन विशाल एलईडी स्क्रीन, भव्य प्रकाश एवं ध्वनि व्यवस्था बनेगी आकर्षण का केंद्र
 मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
 मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों, सनातन संस्कृति और भारतीय जीवन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के संकल्प के साथ श्री धार्मिक रामलीला कमेटी, सेक्टर पाई-1 ऐछर-बिरौंडा, ग्रेटर नोएडा की ओर से आयोजित होने वाली वर्ष 2026 की भव्य रामलीला का शुभारंभ रविवार, 13 सितंबर को भूमि पूजन के साथ हो गया।
पूरे धार्मिक वातावरण और श्रद्धा के बीच संपन्न हुए भूमि पूजन कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों, गणमान्य नागरिकों तथा श्री धार्मिक रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। भूमि पूजन के साथ ही आगामी 11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले रामलीला मंचन की तैयारियों को औपचारिक रूप से गति मिल गई है।
आयोजकों के अनुसार इस बार की रामलीला केवल पारंपरिक मंचन तक सीमित नहीं रहने वाली है। इसे आधुनिक तकनीक, विशाल मंच, भव्य प्रकाश एवं ध्वनि व्यवस्था, डिजिटल ग्राफिक्स और अनुभवी कलाकारों के माध्यम से एक बड़े सांस्कृतिक आयोजन का स्वरूप देने की तैयारी की गई है।
भूमि पूजन के साथ शुरू हुआ भव्य आयोजन का सफर
श्री धार्मिक रामलीला कमेटी के तत्वावधान और गोस्वामी सुशील महाराज के दिशा-निर्देशन में होने वाली रामलीला को लेकर क्षेत्र में अभी से उत्साह का वातावरण दिखाई देने लगा है।
भूमि पूजन कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने आयोजन की तैयारियों को लेकर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
आयोजकों का कहना है कि बदलते समय में रामलीला के मंचन के स्वरूप में आधुनिकता जरूर आई है, लेकिन इसका मूल संदेश आज भी वही है—सत्य की विजय, धर्म की स्थापना, कर्तव्य का पालन, माता-पिता का सम्मान, परिवार के प्रति जिम्मेदारी और समाज के प्रति उत्तरदायित्व।
इन्हीं मूल्यों को आधुनिक प्रस्तुति के साथ दर्शकों तक पहुंचाने की तैयारी इस बार की गई है।
11 से 20 अक्टूबर तक चलेगा रामलीला मंचन
श्री धार्मिक रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित रामलीला का मंचन 11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा। इस दौरान भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रमुख प्रसंगों का मंचन किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार रामलीला की प्रस्तुतियों को प्रभावशाली बनाने के लिए राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर के अनुभवी कलाकारों को मंचन से जोड़ा गया है।
इन कलाकारों की अभिनय क्षमता, संवाद अदायगी, मंचीय प्रस्तुति और पारंपरिक रामलीला की शैली को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़े जाने की तैयारी है।
इसका उद्देश्य यह है कि बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी वर्ग के दर्शक रामलीला के धार्मिक एवं सांस्कृतिक संदेश से जुड़ सकें।
अध्यक्ष आनंद भाटी ने बताया—नई पीढ़ी को चरित्र देना सबसे बड़ी जिम्मेदारी
श्री धार्मिक रामलीला कमेटी के अध्यक्ष आनंद भाटी ने रामलीला के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ी को केवल धन और संपत्ति देना ही पर्याप्त नहीं है। उनके अनुसार समाज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह है कि बच्चों को अच्छे संस्कार और मजबूत चरित्र दिया जाए।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का चरित्र मानव जीवन के लिए आदर्श है। मर्यादा, त्याग, सत्य, कर्तव्य, परिवार के प्रति सम्मान और समाज के प्रति जिम्मेदारी जैसे गुण श्रीराम के जीवन से सीखने को मिलते हैं।
उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति ने रामलीला और दशहरा महोत्सव के माध्यम से समाज को सदियों से भगवान श्रीराम के जीवन और उनके आदर्शों से जोड़ने का काम किया है।
श्री धार्मिक रामलीला कमेटी भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए ऐसी रामलीला प्रस्तुत करने का प्रयास कर रही है, जिसे पूरा परिवार एक साथ देख सके और जिससे बच्चों को मनोरंजन के साथ संस्कार भी मिलें।
60 वर्षों के अनुभव वाला निर्देशन बनेगा आयोजन की बड़ी ताकत
महासचिव ममता तिवारी ने बताया कि इस बार रामलीला के निर्देशन की जिम्मेदारी ऐसे अनुभवी निर्देशक के पास है, जिनके पास लगभग 60 वर्षों का अनुभव है।
उन्होंने कहा कि इतने लंबे अनुभव के कारण मंचन की बारीकियों, कलाकारों की प्रस्तुति, संवाद, दृश्य संयोजन और दर्शकों की रुचि को समझने का व्यापक अनुभव आयोजन को मिलेगा।
ममता तिवारी के अनुसार आज की पीढ़ी का मनोरंजन और देखने का नजरिया तेजी से बदल रहा है। ऐसे में धार्मिक एवं पारंपरिक आयोजनों को भी ऐसी प्रस्तुति देनी होगी, जो बच्चों और युवाओं को आकर्षित कर सके।
इसी सोच के साथ इस बार रामलीला में पारंपरिक कथा और आधुनिक प्रस्तुति का संतुलन बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
350 फीट लंबा और 80 फीट चौड़ा बहुमंजिला मंच
इस बार रामलीला का सबसे बड़ा आकर्षण उसका विशाल मंच रहने वाला है।
संस्थापक राजकुमार नागर के अनुसार रामलीला के लिए लगभग 350 फीट लंबा और 80 फीट चौड़ा बहुमंजिला मंच तैयार किया जा रहा है।
इतने विशाल मंच पर 100 से अधिक कलाकारों द्वारा विभिन्न प्रसंगों को प्रस्तुत किया जाएगा। विशाल मंच के कारण युद्ध, राजदरबार, वनगमन, लंका सहित रामायण के अलग-अलग प्रसंगों को बड़े स्तर पर प्रस्तुत करने की संभावना होगी।
मंच की संरचना और उसके विभिन्न स्तरों का उपयोग दृश्यों को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए किया जाएगा।
आयोजकों का कहना है कि मंच की भव्यता का उद्देश्य केवल दर्शकों को आकर्षित करना नहीं, बल्कि रामलीला के प्रसंगों को अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना भी है।
तीन विशाल एलईडी स्क्रीन देंगी आधुनिक दृश्य अनुभव
संस्थापक प्रदीप शर्मा पंडित ने बताया कि इस बार मंच के विशाल बैकग्राउंड में तीन विशाल एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी।
इन स्क्रीन के माध्यम से ग्राफिक्स और विभिन्न दृश्यों का डिजिटल नियंत्रण किया जाएगा। इससे अलग-अलग प्रसंगों के अनुरूप मंच की पृष्ठभूमि को बदला जा सकेगा।
आयोजकों के अनुसार आधुनिक ग्राफिक्स और डिजिटल स्क्रीन का उपयोग दर्शकों के लिए ऐसा दृश्य अनुभव तैयार करने के उद्देश्य से किया जा रहा है, जिससे उन्हें लगे कि वे किसी बड़े थिएटर या भव्य मंचीय प्रस्तुति का हिस्सा हैं।
यह प्रयोग विशेष रूप से बच्चों और युवाओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनने की उम्मीद है।
प्रकाश और ध्वनि व्यवस्था भी होगी खास
रामलीला के मंचन में प्रकाश एवं ध्वनि की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। अलग-अलग प्रसंगों के अनुसार प्रकाश व्यवस्था, ध्वनि प्रभाव और मंचीय संगीत का इस्तेमाल किया जाएगा।
भगवान श्रीराम के वनगमन से लेकर लंका युद्ध तक विभिन्न दृश्यों में अलग-अलग प्रकाश एवं ध्वनि प्रभावों के माध्यम से वातावरण को जीवंत बनाने का प्रयास किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल पारंपरिक रामलीला की आत्मा को बदलने के लिए नहीं, बल्कि उसके प्रभाव को बढ़ाने के लिए किया जा रहा है।
शेर सिंह भाटी बोले—दशहरा महोत्सव तक चलेगा भव्यता का सिलसिला
संस्थापक शेर सिंह भाटी ने कहा कि भूमि पूजन से लेकर दशहरा महोत्सव तक रामलीला आयोजन को भव्य स्वरूप देने की तैयारियां की जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि इस बार मंचन में आधुनिक तकनीक के विभिन्न साधनों का इस्तेमाल किया जाएगा। रामलीला के साथ-साथ दशहरा महोत्सव को भी विशेष रूप देने की तैयारी है।
उन्होंने कहा कि इस बार आयोजन में भगवान श्रीराम की लीला के साथ देश की कई प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी भी देखने को मिल सकती है।
आयोजकों के अनुसार धार्मिक आयोजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, आधुनिक तकनीक और बड़े स्तर की मंचीय प्रस्तुति इस पूरे आयोजन के प्रमुख आकर्षण होंगे।
केवल मनोरंजन नहीं, संस्कारों की पाठशाला बनेगी रामलीला
श्री धार्मिक रामलीला कमेटी का कहना है कि आज के डिजिटल दौर में बच्चों का जुड़ाव मोबाइल फोन, इंटरनेट और डिजिटल मनोरंजन से बढ़ता जा रहा है। ऐसे समय में रामलीला जैसे पारंपरिक आयोजनों को नई पीढ़ी से जोड़ना एक महत्वपूर्ण सामाजिक जिम्मेदारी भी है।
रामलीला के माध्यम से बच्चों को यह समझाने का प्रयास किया जाएगा कि भगवान श्रीराम का जीवन केवल धार्मिक कथा नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक आदर्श पद्धति भी है।
रामलीला में परिवार, समाज, मित्रता, भाईचारा, त्याग, कर्तव्य, नारी सम्मान, गुरु का महत्व और सत्य के प्रति प्रतिबद्धता जैसे अनेक संदेश छिपे हुए हैं।
आयोजकों का मानना है कि यदि आधुनिक प्रस्तुति के माध्यम से इन संदेशों को बच्चों और युवाओं तक पहुंचाया जाए तो रामलीला आज भी उतनी ही प्रासंगिक रह सकती है, जितनी सदियों पहले थी।
भूमि पूजन में उमड़ा गणमान्य लोगों का हुजूम
भूमि पूजन कार्यक्रम में दादरी विधायक मास्टर तेजपाल नागर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में ईश्वर दयाल ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में भाजपा गौतम बुद्ध नगर अध्यक्ष अभिषेक शर्मा, भाजपा वरिष्ठ नेता बिजेंद्र भाटी, राजे कसाना, योगेंद्र भाटी (देवटा), पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं पूर्व जिला महासचिव बसपा गौतम बुद्ध नगर, रामप्रकाश मावी, दादरी चेयरमैन गीता पंडित, पंकज रोसा, सुनील चावड़ा, दीपक भाटी, वीरेंद्र रोसा, प्रमोद भाटी, मुकेश नागर, नरेंद्र नागर, इलम सिंह नागर, राजेश भाटी तथा सरदार गुरु दीप सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
भूमि पूजन के अवसर पर लोगों ने रामलीला आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं और आयोजकों की तैयारियों की सराहना की।
आयोजन को सफल बनाने में जुटी पूरी टीम
रामलीला जैसे बड़े आयोजन को सफल बनाने के लिए कमेटी के पदाधिकारी और सदस्य लगातार तैयारियों में जुटे हैं।
कार्यक्रम में संस्थापक गोस्वामी सुशील महाराज, राजकुमार नागर, प्रदीप शर्मा, शेर सिंह भाटी, संरक्षक हरवीर मावी, सुशील नागर, बालकिशन सफीपुर, धीरेंद्र भाटी, पवन नागर, दिनेश गुप्ता, अध्यक्ष आनंद भाटी, महासचिव ममता तिवारी, कोषाध्यक्ष अजय नागर, मीडिया प्रभारी अतुल आनंद, वरिष्ठ उपाध्यक्ष उमेश गौतम, महेश शर्मा बदोली, रोशनी सिंह, चेनपाल प्रधान, सत्यवीर मुखिया, जितेंद्र भाटी, महेश कमांडो, फिरे प्रधान, पीपी शर्मा, यशपाल नागर, श्याम सुंदर फौजी, सचिव बीरपाल मावी, गीता सागर, ज्योति सिंह, पवन भाटी, तेजकुमार, भगवत भाटी, राकेश भाटी, राकेश बसोया, विनीता, गीता भाटी सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
ग्रेटर नोएडा में सांस्कृतिक उत्सव का नया केंद्र बनने की तैयारी
ग्रेटर नोएडा तेजी से विकसित होते महानगर के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। यहां बड़ी संख्या में नए परिवार बस रहे हैं और अलग-अलग क्षेत्रों से लोग आकर निवास कर रहे हैं। ऐसे माहौल में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन सामाजिक जुड़ाव का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं।
सेक्टर पाई-1 ऐछर-बिरौंडा में आयोजित होने वाली श्री धार्मिक रामलीला इसी सामाजिक जुड़ाव को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है।
आयोजकों का प्रयास है कि रामलीला देखने के लिए लोग अपने परिवार के साथ आएं, बच्चे और युवा भारतीय संस्कृति से जुड़ें तथा समाज के विभिन्न वर्गों के लोग एक मंच पर एकत्रित हों।
भव्य मंचन के साथ दशहरा महोत्सव की तैयारियां
रामलीला मंचन के साथ दशहरा महोत्सव भी आयोजन का प्रमुख हिस्सा रहेगा। आयोजकों के अनुसार पूरे कार्यक्रम को चरणबद्ध तरीके से भव्य स्वरूप देने की तैयारी की जा रही है।
विशाल मंच, एलईडी स्क्रीन, प्रकाश व्यवस्था, ध्वनि प्रभाव, अनुभवी कलाकार और आधुनिक ग्राफिक्स इस आयोजन को अलग पहचान देने वाले प्रमुख तत्व होंगे।
अब नजर 11 अक्टूबर पर
13 सितंबर को भूमि पूजन के साथ शुरू हुआ श्री धार्मिक रामलीला 2026 का सफर अब 11 अक्टूबर के भव्य मंचन की ओर बढ़ रहा है।
11 से 20 अक्टूबर 2026 तक सेक्टर पाई-1 ऐछर-बिरौंडा में होने वाली यह रामलीला धार्मिक आस्था के साथ-साथ संस्कृति, तकनीक और मनोरंजन के अनूठे संगम के रूप में सामने आने की तैयारी में है।
350 फीट लंबे और 80 फीट चौड़े बहुमंजिला मंच पर 100 से अधिक कलाकारों की प्रस्तुतियां, तीन विशाल एलईडी स्क्रीन, आधुनिक प्रकाश एवं ध्वनि व्यवस्था और राजस्थान के अनुभवी कलाकारों की मौजूदगी इसे विशेष बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
भूमि पूजन के साथ आयोजकों ने जिस भव्य आयोजन की नींव रखी है, अब उसकी वास्तविक तस्वीर अक्टूबर में मंच पर दिखाई देगी। उम्मीद है कि यह आयोजन क्षेत्र के लोगों को धार्मिक आस्था, पारिवारिक एकजुटता और भारतीय संस्कृति से जोड़ने के साथ-साथ नई पीढ़ी के लिए राम के आदर्श चरित्र और मर्यादा का संदेश भी लेकर आएगा।


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