BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts

27 वर्षीय गर्भवती महिला के दिल की जटिल बीमारी का यथार्थ अस्पताल में सफल इलाज

7.9 सेंटीमीटर के बड़े एओर्टिक एन्यूरिज्म और गंभीर एओर्टिक रिगर्जिटेशन का सफल ऑपरेशन, पहले कराई गई सुरक्षित डिलीवरी और अगले दिन हुई जटिल कार्डियक सर्जरी
  मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी" / ग्रेटर नोएडा
 गर्भावस्था के अंतिम चरण में दिल और महाधमनी से जुड़ी गंभीर बीमारी से जूझ रही 27 वर्षीय महिला का यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, ग्रेटर नोएडा में जटिल उपचार सफलतापूर्वक किया गया। अस्पताल के अनुसार, मरीज की ascending aorta में करीब 7.9 सेंटीमीटर का बड़ा एओर्टिक एन्यूरिज्म पाया गया था। इसके साथ ही एओर्टिक वाल्व के ठीक से बंद न होने के कारण गंभीर एओर्टिक रिगर्जिटेशन की समस्या भी थी।
मरीज 37 सप्ताह की गर्भवती थीं और उन्हें सीने में दर्द, दोनों हाथों तक फैलने वाला दर्द तथा कमजोरी की शिकायत थी। विस्तृत जांच के बाद सामने आया कि दिल से निकलने वाली मुख्य रक्त वाहिका का एक हिस्सा काफी फैल चुका था। Sinus of Valsalva में भी करीब 5.9 सेंटीमीटर का फैलाव पाया गया। जांच में हृदय के बाएं हिस्से के कुछ बढ़ने की बात सामने आई, हालांकि एओर्टा के फटने या उसमें दरार पड़ने यानी aortic dissection के संकेत नहीं मिले।
मां और बच्चे की सुरक्षा बनी सबसे बड़ी चुनौती
अस्पताल के अनुसार, गर्भावस्था के अंतिम चरण में इतनी बड़ी एओर्टिक समस्या और गंभीर वाल्व संबंधी बीमारी का उपचार अत्यंत जटिल था। ऐसे में कार्डियक सर्जरी, प्रसूति एवं अन्य विशेषज्ञ टीमों के बीच समन्वय के साथ उपचार की रणनीति तैयार की गई।
चिकित्सकीय योजना के तहत 23 जुलाई 2026 को सीजेरियन डिलीवरी (LSCS) कराई गई। अधिक रक्तस्राव के जोखिम को कम करने के लिए दोनों तरफ की internal iliac arteries को बांधने की प्रक्रिया भी की गई।
मरीज की स्थिति स्थिर होने के बाद अगले दिन 24 जुलाई 2026 को जटिल हृदय सर्जरी की गई।
Bentall Procedure के जरिए एओर्टिक वाल्व और महाधमनी की सर्जरी
कार्डियक सर्जरी के दौरान Bentall Procedure किया गया। अस्पताल की जानकारी के अनुसार, इस प्रक्रिया में खराब एओर्टिक वाल्व को कृत्रिम वाल्व से बदला गया और फैली हुई ascending aorta के प्रभावित हिस्से को ग्राफ्ट की मदद से बदला गया।
मरीज में 23-mm On-X एओर्टिक वाल्व लगाया गया तथा 24-mm ग्राफ्ट का इस्तेमाल किया गया। इसके साथ हृदय की कोरोनरी धमनियों को भी नए ग्राफ्ट से जोड़ा गया।
सर्जरी के बाद मरीज को कुछ समय तक वेंटिलेटर और रक्तचाप नियंत्रित करने वाली दवाओं की आवश्यकता पड़ी। अस्पताल के अनुसार, उपचार के दौरान जरूरत के मुताबिक रक्त के विभिन्न घटक, एंटीबायोटिक्स, दर्द नियंत्रित करने वाली दवाएं और अन्य आवश्यक चिकित्सा सहायता दी गई।
उपचार के बाद मरीज की हालत में धीरे-धीरे सुधार हुआ और 25 जुलाई को उन्हें वेंटिलेटर से हटा दिया गया। इसके बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनकी स्थिति स्थिर हुई और आवश्यक दवाओं के साथ उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
विशेषज्ञों ने बताया—समय पर जांच और बहु-विषयक उपचार महत्वपूर्ण
डॉ. वेद प्रकाश, डायरेक्टर एवं HOD-CTVS, यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, ने बताया कि मरीज की स्थिति इसलिए चुनौतीपूर्ण थी क्योंकि वह गर्भावस्था के अंतिम चरण में थीं और उन्हें गंभीर वाल्व संबंधी समस्या के साथ एओर्टा में बड़ा एन्यूरिज्म था। उनके अनुसार, ऐसे मामले में मां और बच्चे दोनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उपचार की योजना बनाना आवश्यक होता है। पहले सुरक्षित डिलीवरी और उसके बाद हृदय की सर्जरी विशेषज्ञ टीमों के आपसी समन्वय से संभव हुई।
डॉ. नीलम बनर्जी, सीनियर कंसल्टेंट एवं रोबोटिक सर्जन तथा HOD-IVF एवं फर्टिलिटी, यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, ने कहा कि गर्भावस्था के दौरान हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। यदि किसी महिला को पहले से हृदय या वाल्व से जुड़ी समस्या हो तो विशेष सावधानी की आवश्यकता होती है। समय पर जांच और विभिन्न विशेषज्ञों की संयुक्त टीम द्वारा उपचार जटिल मामलों के प्रबंधन में मदद कर सकता है।
डॉ. सुनील कुमार बालियान, COO एवं फैसिलिटी डायरेक्टर, यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, ने कहा कि यह मामला इस बात की ओर ध्यान दिलाता है कि विशेषकर हृदय या वाल्व संबंधी समस्या वाली महिलाओं के लिए समय पर जांच और चिकित्सकीय सलाह महत्वपूर्ण है।
विश्व हृदय दिवस के अवसर पर विशेष हेल्थ पैकेज
अस्पताल की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, 21 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक ₹999 का विशेष हार्ट चेक-अप पैकेज उपलब्ध कराया जा रहा है। इसमें डॉक्टर की सलाह, ECG, ब्लड प्रेशर, लिपिड प्रोफाइल, कम्प्लीट हीमोग्राम और फास्टिंग ब्लड शुगर की जांच शामिल है।
अस्पताल के अनुसार, इस अवधि में एंजियोग्राफी ₹7,999 में तथा ECHO और TMT पर 50 प्रतिशत की छूट भी उपलब्ध कराई जा रही है।
गर्भावस्था में इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
यह मामला गर्भावस्था के दौरान हृदय संबंधी लक्षणों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता की ओर भी ध्यान आकर्षित करता है। लगातार सीने में दर्द, सांस फूलना, असामान्य कमजोरी अथवा अन्य गंभीर लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। विशेष रूप से पहले से हृदय या वाल्व संबंधी बीमारी वाली महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान नियमित चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता हो सकती है।
.header-ads img { height:300px !important; max-height:300px !important; width:150% !important; object-fit:cover; }