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ग्रेटर नोएडा में बाउमा कॉनएक्सपो इंडिया 2026 का आठवां संस्करण शुरू

ग्रेटर नोएडा में शुरू हुआ बाउमा कॉनएक्सपो इंडिया 2026, दुनिया भर की आधुनिक मशीनरी और तकनीक का बना केंद्र
 मौहम्मद इल्यास- ‘दनकौरी’/ इंडिया एक्सपो सेंटर, ग्रेटर नोएडा
इंडिया एक्सपो सेंटर, ग्रेटर नोएडा में मंगलवार से बाउमा कॉनएक्सपो इंडिया 2026 का आठवां संस्करण शुरू हो गया। चार दिवसीय यह अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी कंस्ट्रक्शन, इंफ्रास्ट्रक्चर और माइनिंग इक्विपमेंट क्षेत्र की अत्याधुनिक मशीनरी, तकनीक और समाधानों को एक मंच पर लेकर आई है। उद्घाटन अवसर पर सरकार, उद्योग जगत, विभिन्न देशों के राजनयिक मिशनों, इंफ्रास्ट्रक्चर संगठनों और रिसर्च संस्थानों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की मौजूदगी रही।
उद्घाटन समारोह में स्टीफन रुमेल, सीईओ, मेस्से मुएनचेन ग्रुप, लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह, एवीएसएम, वीएसएम, डायरेक्टर जनरल, बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन, एंटोनियो बार्टोली, भारत में इटली के राजदूत और जॉर्ज एंजवाइलर, डिप्टी हेड ऑफ मिशन, जर्मनी के संघीय गणराज्य के दूतावास सहित कई प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हुए।
इसके अलावा इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों, कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशनों, इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों और रिसर्च संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी प्रदर्शनी में भाग लिया।
14.5 लाख वर्ग फुट में सजा वैश्विक बाजार
बाउमा कॉनएक्सपो इंडिया 2026 का यह संस्करण पूरी तरह बुक हो चुका है। करीब 14.5 लाख वर्ग फुट प्रदर्शनी क्षेत्र में 1,100 से अधिक प्रदर्शक अपनी मशीनरी, उपकरण और तकनीकी समाधान प्रदर्शित कर रहे हैं। आयोजकों को उम्मीद है कि 18 सितंबर तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में 100 से अधिक देशों से 75,000 से ज्यादा विजिटर्स पहुंचेंगे।
यह आंकड़े बताते हैं कि भारत का कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर इक्विपमेंट बाजार घरेलू स्तर के साथ-साथ वैश्विक कंपनियों के लिए भी महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है।
उद्योग जगत ने बदलती जरूरतों को बताया प्रदर्शनी का केंद्र
भूपिंदर सिंह, प्रेसिडेंट–आईएमईए, मेस्से मुएनचेन और सीईओ, मेस्से मुएनचेन इंडिया ने कहा कि प्रदर्शनी को मिल रही प्रतिक्रिया इस बात का संकेत है कि बाजार नए निवेश के लिए तैयार है। उनके अनुसार कंपनियां विकास की योजनाओं के साथ प्रदर्शनी में पहुंची हैं, जबकि खरीदार अपनी परियोजनाओं की समयसीमा और वास्तविक जरूरतों के अनुरूप मशीनों का मूल्यांकन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी का उद्देश्य निर्माताओं और खरीदारों को एक मंच पर लाना तथा जानकारी हासिल करने से लेकर निवेश संबंधी निर्णय तक की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाना है।
आधुनिक मशीनों में उत्पादकता, तकनीक और पर्यावरण पर जोर
इंडियन कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट दीपक शेट्टी ने कहा कि भारत का कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट उद्योग तेजी से बदल रहा है। ग्राहकों की बदलती जरूरतों के चलते बेहतर प्रदर्शन, आधुनिक तकनीक और पर्यावरण के अनुकूल मशीनों की मांग बढ़ रही है।
उन्होंने बताया कि ग्राहक ऐसी मशीनों की तलाश में हैं जो अधिक उत्पादक और कुशल हों, कठिन परिस्थितियों में भरोसेमंद प्रदर्शन करें, डिजिटल तकनीक से लैस हों और सुरक्षा तथा पर्यावरण से जुड़े मानकों को बेहतर बनाएं।
भारतीय निर्माता इन जरूरतों को पूरा करने के लिए इनोवेशन, मजबूत इंजीनियरिंग और देश में ही अधिक निर्माण क्षमता विकसित करने पर जोर दे रहे हैं। ऐसे में बाउमा कॉनएक्सपो इंडिया भारतीय निर्माताओं के आधुनिक समाधानों को वैश्विक और घरेलू खरीदारों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण मंच बन गया है।
मशीन खरीदने से पहले हर पहलू पर नजर
प्रदर्शनी के पहले दिन मशीनों को देखने पहुंचे कॉन्ट्रैक्टर्स और फ्लीट मालिकों का फोकस केवल मशीन की कीमत या तकनीकी खूबियों तक सीमित नहीं रहा। खरीदार यह समझने में जुटे रहे कि कोई मशीन वास्तविक परियोजना में कितनी उपयोगी साबित होगी।
बिल्डर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट रविंद्र त्यागी के अनुसार कॉन्ट्रैक्टर्स मशीन का मूल्यांकन कई व्यावहारिक सवालों के आधार पर करते हैं—एक शिफ्ट में मशीन कितना काम कर सकती है, लगातार कितनी भरोसेमंद तरीके से चल सकती है, स्पेयर पार्ट्स कितनी जल्दी उपलब्ध होंगे और जरूरत पड़ने पर सर्विस टीम कितनी तेजी से सहायता देगी।
प्रदर्शनी में खरीदारों को मैन्युफैक्चरर्स से सीधे बातचीत कर अपनी साइट की जरूरतों के अनुसार मशीनों की तुलना करने का अवसर मिल रहा है।
मशीन से आगे बढ़कर सर्विस नेटवर्क भी बना निर्णायक मुद्दा
कंस्ट्रक्शन सेक्टर में किसी मशीन की उपयोगिता केवल उसके प्रदर्शन से तय नहीं होती। लंबे समय तक चलने वाली परियोजनाओं में मशीन का डाउनटाइम सीधे लागत और काम की समयसीमा को प्रभावित करता है। यही वजह है कि कॉन्ट्रैक्टर्स और फ्लीट मालिक मशीन की उत्पादकता के साथ मेंटेनेंस, सर्विस नेटवर्क, स्पेयर पार्ट्स और तकनीकी सहायता को भी महत्वपूर्ण मान रहे हैं।
प्रदर्शनी में निर्माता कंपनियों के साथ बातचीत के दौरान खरीदार यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों और कठिन कार्य परिस्थितियों में मशीनों को किस प्रकार सपोर्ट दिया जा सकता है।
वास्तविक साइट की परिस्थितियों पर खरीदारों की नजर
भारत में सड़क, मेट्रो, रेलवे, औद्योगिक परियोजनाओं, खनन और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर गतिविधियों के विस्तार के साथ ऐसी मशीनों की जरूरत बढ़ रही है, जो लंबे समय तक कठिन परिस्थितियों में काम कर सकें।
यही वजह है कि प्रदर्शनी में मशीन की हॉर्सपावर और क्षमता के साथ ईंधन खपत, उत्पादकता, ऑपरेटर सुरक्षा, मेंटेनेंस लागत और लगातार संचालन जैसे मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में हैं।
एक ही परिसर में विभिन्न कंपनियों की मशीनें उपलब्ध होने से प्रोजेक्ट और खरीद टीमों को तुलना करने का अवसर मिल रहा है। वे सीधे निर्माताओं से बातचीत कर यह समझ सकती हैं कि कौन-सा उपकरण उनके प्रोजेक्ट के क्षेत्र, काम की परिस्थितियों और निर्धारित समयसीमा के लिए अधिक उपयुक्त होगा।
बिहार ने निवेशकों के सामने खोले नए अवसर
बाउमा कॉनएक्सपो इंडिया 2026 में बिहार स्टेट पार्टनर के रूप में हिस्सा ले रहा है। राज्य सरकार प्रदर्शनी के माध्यम से कंस्ट्रक्शन, इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक क्षेत्र में उपलब्ध निवेश एवं परियोजना अवसरों को मशीनरी निर्माताओं और निवेशकों के सामने प्रस्तुत कर रही है।
चार दिनों के दौरान 15 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से खरीदार प्रतिनिधिमंडलों के पहुंचने की उम्मीद है। इनमें नई परियोजनाओं, फ्लीट विस्तार, तकनीकी अपग्रेड और पुराने उपकरणों को बदलने से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हैं।
इन प्रतिनिधिमंडलों की मौजूदगी से निर्माताओं को अलग-अलग राज्यों और भौगोलिक क्षेत्रों की जरूरतों को समझने का अवसर मिल रहा है।
ग्रेटर नोएडा बना कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी का ग्लोबल प्लेटफॉर्म
बाउमा कॉनएक्सपो इंडिया 2026 का आयोजन ग्रेटर नोएडा को केवल एक प्रदर्शनी स्थल के रूप में नहीं, बल्कि कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी, भारी मशीनरी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के अंतरराष्ट्रीय संवाद के केंद्र के रूप में स्थापित करता नजर आ रहा है।
प्रदर्शनी में एक तरफ दुनिया की प्रमुख कंपनियां अपनी नई तकनीक और मशीनरी पेश कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर भारतीय निर्माता देश की बदलती जरूरतों के अनुरूप विकसित किए गए समाधान सामने रख रहे हैं।
पहले दिन की गतिविधियों से स्पष्ट है कि यह आयोजन केवल मशीनों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं है। यहां मैन्युफैक्चरर्स, कॉन्ट्रैक्टर्स, फ्लीट मालिकों, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स और संस्थागत खरीदारों के बीच सीधे संवाद के जरिए भविष्य की खरीद और साझेदारी की संभावनाएं भी तैयार हो रही हैं।

 
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