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आई.टी.एस. इंजीनियरिंग कॉलेज में Outcome-Based Education पर कार्यशाला, OBE के प्रभावी क्रियान्वयन पर हुआ मंथन


NBA विशेषज्ञों ने संकाय सदस्यों को Course Outcomes, CO–PO/PSO Mapping, Assessment और Documentation की दी व्यावहारिक जानकारी
    मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
आई.टी.एस. इंजीनियरिंग कॉलेज, ग्रेटर नोएडा के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग द्वारा शनिवार को भाभा हॉल में संकाय सदस्यों के लिए Outcome-Based Education (OBE) विषय पर एक महत्वपूर्ण एवं ज्ञानवर्धक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षण प्रक्रिया को विद्यार्थियों के अपेक्षित Learning Outcomes से जोड़ने तथा Outcome-Based Teaching & Learning Practices को अधिक प्रभावी बनाने के लिए संकाय सदस्यों को व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना रहा।
कार्यशाला का आयोजन कॉलेज के निदेशक डॉ. मयंक गर्ग एवं डीन अकादमिक्स डॉ. विष्णु शर्मा के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में NBA विशेषज्ञों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए OBE से जुड़े विभिन्न तकनीकी एवं अकादमिक पहलुओं पर संकाय सदस्यों का मार्गदर्शन किया।
OBE के प्रमुख पहलुओं पर हुई विस्तृत चर्चा
कार्यशाला के दौरान Outcome-Based Education की अवधारणा, उसके उद्देश्य तथा उच्च शिक्षा में इसके महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने संकाय सदस्यों को बताया कि OBE का मुख्य उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद विद्यार्थी अपेक्षित ज्ञान, कौशल और दक्षताएं हासिल कर सकें।
कार्यशाला में विशेष रूप से निम्नलिखित विषयों पर चर्चा हुई—
Course Outcomes (COs)
Program Outcomes (POs)
Program Specific Outcomes (PSOs)
CO–PO/PSO Mapping
Outcome Attainment
Assessment Practices
NBA Documentation
Continuous Improvement
विशेषज्ञों ने इन सभी प्रक्रियाओं को व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया, जिससे संकाय सदस्यों को OBE आधारित शिक्षण एवं मूल्यांकन प्रणाली को बेहतर ढंग से लागू करने में सहायता मिल सके।
शिक्षण से लेकर मूल्यांकन तक OBE की भूमिका पर जोर
कार्यशाला में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि Outcome-Based Education केवल एक दस्तावेजी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह शिक्षण, सीखने, मूल्यांकन और निरंतर सुधार से जुड़ी एक व्यापक अकादमिक व्यवस्था है।
संकाय सदस्यों को यह समझाया गया कि Course Outcomes और Program Outcomes के बीच प्रभावी मैपिंग विद्यार्थियों की वास्तविक उपलब्धियों को मापने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके साथ ही Assessment Practices को Learning Outcomes के अनुरूप तैयार करने और प्राप्त परिणामों के आधार पर Teaching-Learning Process में आवश्यक सुधार करने पर भी चर्चा की गई।
NBA मानकों के अनुरूप Documentation पर विशेष ध्यान
कार्यशाला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा NBA Documentation रहा। विशेषज्ञों ने संकाय सदस्यों को आवश्यक दस्तावेजों की व्यवस्थित तैयारी, Outcome Attainment के प्रमाण, Assessment Records तथा Continuous Improvement से संबंधित प्रक्रियाओं की जानकारी दी।
इससे संकाय सदस्यों को राष्ट्रीय स्तर के अकादमिक गुणवत्ता मानकों के अनुरूप शैक्षणिक प्रक्रियाओं को व्यवस्थित करने और संस्थान की Accreditation Readiness को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
संकाय सदस्यों को मिला व्यावहारिक दृष्टिकोण
कार्यशाला में केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित रहने के बजाय OBE के वास्तविक क्रियान्वयन से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं पर भी चर्चा की गई।
संकाय सदस्यों को यह समझने का अवसर मिला कि कक्षा शिक्षण में Learning Outcomes को कैसे प्रभावी ढंग से शामिल किया जाए, विद्यार्थियों के प्रदर्शन का आकलन किस प्रकार किया जाए और प्राप्त परिणामों के आधार पर शिक्षण प्रक्रिया में निरंतर सुधार कैसे किया जा सकता है।
इस दौरान संकाय सदस्यों ने विशेषज्ञों के साथ संवाद करते हुए OBE, Assessment और Documentation से जुड़े विभिन्न प्रश्नों पर भी चर्चा की।
डॉ. जया सिन्हा ने व्यक्त किया आभार
कार्यशाला के सफल आयोजन पर कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग की प्रमुख डॉ. जया सिन्हा ने निदेशक डॉ. मयंक गर्ग, डीन अकादमिक्स डॉ. विष्णु शर्मा, NBA विशेषज्ञों एवं सभी संकाय सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं संकाय सदस्यों को बदलते हुए अकादमिक मानकों और Outcome-Based Teaching-Learning Practices के अनुरूप स्वयं को अपडेट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा साझा किए गए व्यावहारिक अनुभवों और मार्गदर्शन को संस्थान के लिए उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के अकादमिक एवं Faculty Development कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
शैक्षणिक गुणवत्ता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
आई.टी.एस. इंजीनियरिंग कॉलेज द्वारा आयोजित यह कार्यशाला संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता, Outcome-Based Education और Continuous Improvement के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
OBE आधारित शिक्षा व्यवस्था के माध्यम से विद्यार्थियों को केवल विषयगत ज्ञान देने के बजाय उनकी समस्या समाधान क्षमता, तकनीकी दक्षता, व्यावहारिक ज्ञान और भविष्य की पेशेवर आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
कार्यशाला के माध्यम से संकाय सदस्यों को OBE के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक स्पष्ट और व्यावहारिक दृष्टिकोण प्राप्त हुआ। साथ ही, यह पहल संस्थान में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, बेहतर मूल्यांकन प्रणाली और निरंतर अकादमिक सुधार की प्रक्रिया को और मजबूत करने में सहायक साबित होगी।
आई.टी.एस. इंजीनियरिंग कॉलेज की यह पहल उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और परिणाम आधारित शिक्षण व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।
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