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हिंडन डूब क्षेत्र में कथित अवैध निर्माण और प्लॉटिंग का मामला, किसान की शिकायत पर प्राधिकरण ने मांगी स्थलीय जांच रिपोर्ट


  मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
ग्राम सूरजपुर में हिंडन नदी के डूब क्षेत्र से जुड़ी भूमि पर कथित रूप से अवैध निर्माण, प्लॉटिंग और सड़क निर्माण किए जाने का मामला प्रशासन के संज्ञान में आया है। गांव निवासी किसान टेकचन्द पुत्र जल सिंह ने इस संबंध में जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर को शिकायत देकर अपनी भूमि पर कथित कब्जे सहित आसपास के क्षेत्र में हो रहे निर्माण कार्यों की जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के आधार पर ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के भूलेख विभाग ने संबंधित क्षेत्र की स्थलीय जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
किसान ने अपनी भूमि पर कब्जे का लगाया आरोप
टेकचन्द के अनुसार उनकी कृषि भूमि हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में स्थित है और वह लंबे समय से इस भूमि पर खेती करते रहे हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उनके आसपास की कुछ जमीनों को विभिन्न माध्यमों से खरीदने के बाद वहां निर्माण एवं प्लॉटिंग की गतिविधियां की जा रही हैं। किसान का दावा है कि क्षेत्र में पक्की सड़क बनाने के साथ-साथ बड़े भवन और अन्य निर्माण भी किए गए हैं।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसी क्रम में उसकी भूमि पर भी कथित रूप से कब्जा किया गया और मिट्टी की खुदाई की गई। उन्होंने प्रशासन से मौके की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
बैरिकेडिंग और रास्ता रोकने का भी आरोप
किसान ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि निर्माण गतिविधियों वाले क्षेत्र में बैरिकेडिंग की गई है, जिससे किसानों को अपनी कृषि भूमि तक आने-जाने में परेशानी हो रही है। उनका यह भी आरोप है कि जब उन्होंने मौके पर जाकर कथित कब्जे और निर्माण का विरोध किया तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
हालांकि, शिकायत में लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित पक्षों का पक्ष और प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
प्राधिकरण ने स्थलीय जांच के दिए निर्देश
मामले में 25 अगस्त 2026 को ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी (भूलेख) अजय कुमार शर्मा की ओर से वर्क सर्किल-4 के वरिष्ठ प्रबंधक को पत्र भेजा गया।
पत्र में बताया गया है कि टेकचन्द ने ग्राम सूरजपुर में कथित अवैध निर्माण कर कॉलोनी काटे जाने, पक्की सड़कों और बड़े निर्माण किए जाने की शिकायत की है। शिकायतकर्ता ने पूर्व में भी इस संबंध में कई बार शिकायत किए जाने की बात कही है।
प्राधिकरण ने शिकायत की प्रति संबंधित अधिकारी को भेजते हुए मौके पर स्थलीय जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जांच रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
प्राधिकरण के पत्र के बाद अब मामले में स्थलीय जांच महत्वपूर्ण हो गई है। जांच के दौरान भूमि की स्थिति, डूब क्षेत्र से संबंधित स्थिति, निर्माण कार्य, सड़क निर्माण और संबंधित अनुमतियों एवं अभिलेखों की जांच की जा सकती है।
फिलहाल प्राधिकरण की ओर से शिकायत में लगाए गए आरोपों को सही ठहराने वाला कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इसलिए मामले में आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर ही तय होगी।
किसान ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की
शिकायतकर्ता टेकचन्द ने जिलाधिकारी से मांग की है कि उनकी भूमि पर यदि जांच के दौरान अवैध कब्जा पाया जाता है तो उसे हटाकर उन्हें पुनः कब्जा दिलाया जाए। साथ ही डूब क्षेत्र में कथित रूप से किए गए निर्माण, सड़क निर्माण और प्लॉटिंग की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कथित रूप से निर्माण एवं प्लॉटिंग में शामिल लोगों के खिलाफ भूमाफिया अधिनियम के तहत कार्रवाई किए जाने की मांग भी की है।
फिलहाल मामला जांच के चरण में है। अब संबंधित अधिकारियों की स्थलीय जांच और रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि मौके पर किस प्रकार के निर्माण हुए हैं, उनकी वैधानिक स्थिति क्या है और किसान की भूमि पर कथित कब्जे के आरोप में कितनी सच्चाई है।
विजन लाइव न्यूज़ इस मामले में प्रशासनिक जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए है।
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