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जेपी स्पोर्ट्स सिटी से कर्मचारियों की सेवा समाप्त होने पर भड़का किसान संगठन


भारतीय किसान यूनियन (कृषक) ने यमुना प्राधिकरण के CEO से की मुलाकात, किसानों के बच्चों को दोबारा रोजगार दिलाने की उठाई मांग
CEO राकेश कुमार सिंह बोले— कंपनी प्रबंधन से वार्ता कर समस्या का जल्द समाधान कराया जाएगा
मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ यीडा सिटी 
जेपी स्पोर्ट्स सिटी में वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों की सेवा समाप्त किए जाने के मुद्दे ने तूल पकड़ लिया है। भारतीय किसान यूनियन (कृषक) ने आरोप लगाया है कि परियोजना का संचालन संभालने वाली नई कंपनी अडानी ग्रुप ने लगभग 80 कर्मचारियों, जिनमें अधिकांश क्षेत्र के किसानों के बच्चे बताए जा रहे हैं, को नौकरी से हटा दिया है। इस मामले को लेकर संगठन ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह से मुलाकात कर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
भारतीय किसान यूनियन (कृषक) का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय संगठन मंत्री हरवीर सिंह के नेतृत्व में प्राधिकरण कार्यालय पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने CEO को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि जेपी स्पोर्ट्स सिटी में कई कर्मचारी पिछले करीब 15 वर्षों से कार्यरत थे। नई प्रबंधन व्यवस्था लागू होने के बाद उन्हें सेवा से हटाए जाने से क्षेत्र में असंतोष का माहौल है।
'किसानों के बच्चों को प्राथमिकता से रोजगार मिले'
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण नागर ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार स्थानीय युवाओं और किसानों के बच्चों को उद्योगों में प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने की बात करती रही है। उनका आरोप है कि यदि लंबे समय से कार्यरत स्थानीय कर्मचारियों को हटाया जाता है, तो यह सरकार की रोजगार नीति की भावना के विपरीत होगा।
उन्होंने कहा कि संगठन किसानों के बच्चों के रोजगार के मुद्दे पर किसी भी प्रकार का अन्याय स्वीकार नहीं करेगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जाएगा।
CEO ने समाधान का दिया भरोसा
प्रतिनिधिमंडल की बात सुनने के बाद YEIDA के CEO राकेश कुमार सिंह ने आश्वासन दिया कि मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कंपनी प्रबंधन को बुलाकर पूरे मामले की जानकारी ली जाएगी और यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि स्थानीय किसानों के बच्चों के रोजगार से जुड़ी समस्या का उचित समाधान निकले।
कई पदाधिकारी रहे मौजूद
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में हरवीर सिंह, विनोद भाटी, तिलोक शाह, आदेश नागर, गौरव नागर, नरेंद्र नागर सहित भारतीय किसान यूनियन (कृषक) के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
Vision Live News तथ्य
यह मामला भारतीय किसान यूनियन (कृषक) द्वारा लगाए गए आरोपों और संगठन के पदाधिकारियों के बयानों पर आधारित है। अडानी ग्रुप की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध होने पर समाचार को उसी के अनुरूप अद्यतन किया जा सकता है।
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