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महिला सशक्तिकरण और स्वदेशी हुनर को नई पहचान देने की दिशा में आगे बढ़ रही खुशबू सिंह


ग्रेटर नोएडा। देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह, उमंग और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ मना रहा है। स्वतंत्रता दिवस केवल आजादी के उत्सव का दिन नहीं, बल्कि उन महान स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान को स्मरण करने का अवसर भी है, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। यह दिन वर्तमान पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत भारत की नींव रखने की प्रेरणा देता है।

इसी राष्ट्रीय भावना के बीच आर्या फैशन्स की संस्थापिका एवं इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन, गौतम बुद्ध नगर की उपाध्यक्षा श्रीमती खुशबू सिंह ने देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर समस्त देशवासियों, महिला शक्ति, हस्तशिल्पकारों, कारीगरों, उद्यमियों तथा आर्या फैशन्स से जुड़े सभी कर्मचारियों एवं सहयोगियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

खुशबू सिंह का मानना है कि स्वतंत्रता का वास्तविक महत्व तभी सार्थक होगा, जब देश का प्रत्येक नागरिक आर्थिक, सामाजिक और व्यावसायिक रूप से सशक्त बने। विशेष रूप से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और देश की पारंपरिक कला एवं हस्तशिल्प को आधुनिक बाजार से जोड़ने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।

स्वतंत्रता दिवस गर्व के साथ जिम्मेदारी का भी अवसर

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने संदेश में श्रीमती खुशबू सिंह ने कहा कि 15 अगस्त प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव और प्रेरणा का दिन है। यह दिन हमें अपने स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष को याद करने के साथ-साथ यह सोचने का अवसर देता है कि हम अपने देश के विकास में क्या योगदान दे सकते हैं।

उन्होंने कहा कि आज भारत विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उद्योग, व्यापार, शिक्षा, तकनीक, हस्तशिल्प, कृषि और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोग अपनी क्षमता के अनुसार राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकते हैं।

उनका कहना है कि देश की प्रगति केवल बड़े उद्योगों और महानगरों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि गांवों, कस्बों और स्थानीय स्तर पर काम करने वाले कारीगरों, महिलाओं, छोटे उद्यमियों और युवाओं को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ना आवश्यक है।

महिला सशक्तिकरण को मानती हैं विकास की आधारशिला

खुशबू सिंह के विचारों में महिला सशक्तिकरण को विशेष स्थान प्राप्त है। उनका मानना है कि किसी भी देश की वास्तविक प्रगति का आकलन इस बात से किया जा सकता है कि वहां महिलाओं को कितने अवसर और कितना सम्मान प्राप्त है।

उनके अनुसार, जब कोई महिला आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होती है तो उसका प्रभाव केवल उसके व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके परिवार और समाज पर भी सकारात्मक असर पड़ता है।

आर्या फैशन्स के माध्यम से महिला कारीगरों और हुनरमंद महिलाओं को अवसर उपलब्ध कराने की सोच इसी उद्देश्य से जुड़ी है। उनका मानना है कि देश में महिलाओं के पास प्रतिभा और हुनर की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता उन्हें उचित प्रशिक्षण, बाजार, मंच और अवसर उपलब्ध कराने की है।

वह कहती हैं कि महिला शक्ति को आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर देश की अर्थव्यवस्था को और मजबूत किया जा सकता है। महिलाओं को रोजगार और उद्यमिता के अवसर मिलना आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

भारतीय हस्तशिल्प और स्थानीय हुनर को मिले नई पहचान

भारत की पहचान उसकी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और विविध हस्तकलाओं से भी होती है। देश के अलग-अलग हिस्सों में हजारों परिवार पीढ़ियों से हस्तशिल्प और पारंपरिक कलाओं से जुड़े हुए हैं।

खुशबू सिंह का मानना है कि आधुनिक समय में इन पारंपरिक हुनरों को बाजार और नई तकनीक से जोड़ना बेहद जरूरी है। यदि स्थानीय कारीगरों को उचित बाजार और बेहतर मंच उपलब्ध कराया जाए तो उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ भारतीय संस्कृति और विरासत को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सकती है।

उनका कहना है कि हस्तशिल्प को केवल पारंपरिक रोजगार के रूप में देखने के बजाय इसे आधुनिक उद्यमिता और रोजगार के बड़े क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।

मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भरता की भावना

श्रीमती खुशबू सिंह ने ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत की भावना को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उनका मानना है कि स्थानीय स्तर पर उत्पादन और स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।

उनके अनुसार, भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देने से छोटे व्यापारियों, कारीगरों, महिला उद्यमियों और स्थानीय निर्माताओं को सीधा लाभ मिलता है। इससे रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और आर्थिक गतिविधियां स्थानीय स्तर तक पहुंचती हैं।

आर्या फैशन्स भी इसी सोच के साथ भारतीय फैशन, हस्तशिल्प और स्थानीय हुनर को बढ़ावा देने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है।

विकसित भारत के संकल्प में सामूहिक भागीदारी जरूरी

खुशबू सिंह का कहना है कि विकसित भारत का निर्माण किसी एक व्यक्ति या संस्था के प्रयास से संभव नहीं है। इसके लिए सरकार, उद्योग जगत, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को मिलकर काम करना होगा।

उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के विकास विजन के अनुरूप आत्मनिर्भरता, महिला सशक्तिकरण, रोजगार और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उनका कहना है कि भारत की युवा शक्ति और महिला शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकतों में शामिल हैं। यदि उन्हें पर्याप्त अवसर और सही दिशा मिले तो भारत आने वाले वर्षों में वैश्विक स्तर पर और मजबूत भूमिका निभा सकता है।

व्यवसाय के साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी जरूरी

एक उद्यमी के रूप में खुशबू सिंह का दृष्टिकोण केवल व्यापार तक सीमित नहीं है। उनका मानना है कि व्यवसाय की सफलता का मूल्यांकन केवल आर्थिक लाभ से नहीं, बल्कि समाज के प्रति उसके योगदान से भी किया जाना चाहिए।

उनके अनुसार, उद्योग और व्यापार जगत यदि स्थानीय रोजगार, महिला उद्यमिता, कौशल विकास और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका निभाए तो आर्थिक विकास के साथ सामाजिक विकास को भी गति मिल सकती है।

इसी सोच के साथ आर्या फैशन्स महिला सशक्तिकरण, हस्तशिल्प एवं स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में अपने प्रयास जारी रखने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।
स्वतंत्रता दिवस पर आत्मनिर्भर भारत का संकल्प

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर खुशबू सिंह ने देशवासियों से अपील की कि आजादी के इस पर्व को केवल ध्वजारोहण, कार्यक्रमों और शुभकामनाओं तक सीमित न रखा जाए। इसे राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने और सकारात्मक योगदान देने के अवसर के रूप में भी देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक अपने कार्यक्षेत्र में ईमानदारी, मेहनत और जिम्मेदारी के साथ योगदान दे तो देश को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की जा सकती है।

उनका संदेश है कि मजबूत भारत का निर्माण तभी संभव है जब महिलाओं को समान अवसर मिले, युवाओं को रोजगार और उद्यमिता के अवसर मिलें, कारीगरों के हुनर को सम्मान और बाजार मिले तथा स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन मिले।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उन्होंने सभी देशवासियों, महिला शक्ति, हस्तशिल्पकारों, कारीगरों, उद्यमियों और आर्या फैशन्स से जुड़े सभी सहयोगियों को शुभकामनाएं देते हुए देश की एकता, अखंडता, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की।

उन्होंने कहा—

“आइए, हम सब मिलकर ऐसा भारत बनाने का संकल्प लें जो आत्मनिर्भर हो, अपनी संस्कृति और विरासत पर गर्व करे तथा विकास के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे बढ़ने का अवसर दे। जय हिंद, वंदे मातरम्।”

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लेखक परिचय

मौहम्मद इल्यास- दनकौरी
लेखक एवं पत्रकार

मौहम्मद इल्यास- दनकौरी सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षिक, औद्योगिक एवं सांस्कृतिक विषयों पर लेखन और समाचार-संकलन से जुड़े लेखक एवं पत्रकार हैं। स्थानीय जनसमस्याओं, सामाजिक गतिविधियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों, उद्यमियों तथा क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषयों को जनसरोकार के दृष्टिकोण से प्रस्तुत करना उनके लेखन की प्रमुख विशेषता है।

वह समाचारों एवं प्रेस विज्ञप्तियों को तथ्यपरक, सहज और पाठकों के लिए उपयोगी भाषा में प्रस्तुत करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर की सकारात्मक गतिविधियों, सामाजिक पहलों और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देते हैं।

‘दनकौरी’ उनके लेखकीय परिचय का हिस्सा है और गौतम बुद्ध नगर एवं आसपास के क्षेत्र से उनके लेखन एवं पत्रकारिता संबंध को दर्शाता है। उनका प्रयास रहता है कि समाचार एवं लेख में संबंधित पक्ष के विचारों को उचित स्थान देते हुए विषय को व्यापक सामाजिक संदर्भ के साथ पाठकों तक पहुंचाया जाए।

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लेखक:
मौहम्मद इल्यास- दनकौरी
लेखक एवं पत्रकार
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