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एमएलसी चुनाव से पहले प्रमेन्द्र सिंह भाटी ने अखिलेश यादव को सौंपा मांगपत्र

स्पेशल स्टोरी:-- अधिवक्ता सुरक्षा कानून, पुरानी पेंशन, शिक्षामित्रों का वेतन और ₹7,000 बेरोजगारी भत्ते समेत कई मांगें घोषणापत्र में शामिल करने का आग्रह
रिपोर्ट: मौहम्मद इल्यास "दनकौरी"/ गौतमबुद्धनगर 
समाजवादी पार्टी ने आगामी स्नातक एवं शिक्षक विधान परिषद (एमएलसी) चुनावों की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में लखनऊ स्थित पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के सभी घोषित प्रत्याशियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन की चुनावी रणनीति के साथ-साथ विभिन्न वर्गों से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में मेरठ-सहारनपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के एमएलसी प्रत्याशी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता प्रमेन्द्र सिंह भाटी ने अखिलेश यादव को एक विस्तृत मांगपत्र सौंपा। उन्होंने आग्रह किया कि अधिवक्ताओं, शिक्षकों, कर्मचारियों, युवाओं और छात्रों से जुड़े प्रमुख मुद्दों को समाजवादी पार्टी के चुनावी घोषणापत्र में शामिल किया जाए, ताकि सरकार बनने पर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जा सके।
अधिवक्ताओं के लिए रखीं कई महत्वपूर्ण मांगें
प्रमेन्द्र सिंह भाटी ने मांगपत्र में कहा कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट (Advocate Protection Act) लागू किया जाए। इसके अलावा प्रत्येक जनपद में अधिवक्ताओं के लिए आधुनिक चैंबर निर्माण हेतु विशेष बजट आवंटित किया जाए तथा प्रत्येक न्यायालय परिसर में सुसज्जित विधि पुस्तकालय (लॉ लाइब्रेरी) स्थापित की जाए।
उन्होंने नए अधिवक्ताओं के लिए पंजीकरण के बाद पहले पांच वर्षों तक ₹5,000 प्रतिमाह स्टाइपेंड देने, सभी अधिवक्ताओं के लिए मेडिकल इंश्योरेंस योजना लागू करने तथा बैनामा लेखकों और स्टांप विक्रेताओं के हितों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट एवं प्रभावी नियम बनाने की भी मांग की।
शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए प्रमुख प्रस्ताव
मांगपत्र में पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को उचित वेतनमान, कैशलेस चिकित्सा सुविधा तथा सम्मानजनक पेंशन व्यवस्था लागू करने की मांग की गई।
शिक्षामित्रों को नियमित शिक्षकों के समान वेतन एवं सभी सेवा सुविधाएं देने तथा स्ववित्तपोषित एवं वित्तविहीन विद्यालयों और महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के बराबर वेतन और सुविधाएं उपलब्ध कराने का भी प्रस्ताव रखा गया।
युवाओं और छात्रों के लिए भी उठाए बड़े मुद्दे
प्रमेन्द्र सिंह भाटी ने युवाओं की बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए वर्तमान सरकार द्वारा बंद किए गए बेरोजगारी भत्ते को पुनः शुरू करने और प्रत्येक पात्र बेरोजगार युवक-युवती को ₹7,000 प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देने की मांग की।
इसके साथ ही सभी छात्रों को बिना भेदभाव समान छात्रवृत्ति, लैपटॉप और अन्य शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार सामने आने वाली पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सख्त एवं पारदर्शी व्यवस्था लागू करने का भी सुझाव दिया गया।
अखिलेश यादव ने की चर्चा
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बैठक के दौरान मांगपत्र में शामिल बिंदुओं पर खुले मंच से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं, शिक्षकों, कर्मचारियों, युवाओं और छात्रों से जुड़े जनहित के मुद्दों पर पार्टी गंभीर है और ऐसे सुझावों पर विचार करते हुए उन्हें चुनावी घोषणापत्र में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही सरकार बनने पर इन समस्याओं के समाधान की दिशा में कार्य करने का भी आश्वासन दिया गया।
एमएलसी चुनाव पर टिकी निगाहें
मेरठ-सहारनपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र प्रदेश की प्रतिष्ठित एमएलसी सीटों में से एक माना जाता है। ऐसे में प्रमेन्द्र सिंह भाटी द्वारा अधिवक्ताओं, शिक्षकों, कर्मचारियों और युवाओं से जुड़े व्यापक मुद्दों को चुनावी एजेंडा बनाने की पहल को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आगामी चुनाव में यह देखना दिलचस्प होगा कि इन मुद्दों का मतदाताओं पर कितना प्रभाव पड़ता है और राजनीतिक दल अपने घोषणापत्र में इन्हें किस रूप में स्थान देते हैं।
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