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स्वायत्तता के साथ नए युग में एक्यूरेट इंस्टीट्यूट की एंट्री, शिक्षाविदों का सम्मान और करोड़ों के प्लेसमेंट की सफलता का भव्य जश्न

 मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी" / ग्रेटर नोएडा

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए एक्यूरेट इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, ग्रेटर नोएडा ने स्वायत्त (Autonomous) संस्थान का दर्जा मिलने के उपलक्ष्य में "ऑटोनॉमस सेलिब्रेशन एवं एजुकेटर्स मीट" का भव्य आयोजन किया। यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक समारोह नहीं, बल्कि संस्थान की नई शैक्षणिक यात्रा, उद्योगोन्मुख शिक्षा, उत्कृष्ट प्लेसमेंट और भविष्य की रणनीति का सार्वजनिक घोषणापत्र बनकर सामने आया।

देशभर के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, उद्योग जगत के वरिष्ठ अधिकारियों, विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों, कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों, मीडिया सहयोगियों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोगों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। आयोजन में करीब 400 शिक्षाविद, देश की अग्रणी कंपनियों के 10 वरिष्ठ एचआर और कॉर्पोरेट अधिकारी, संस्थान के निदेशक, डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए।

स्वायत्तता: केवल उपलब्धि नहीं, नई जिम्मेदारी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एक्यूरेट ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की चेयरपर्सन श्रीमती पूनम शर्मा ने कहा कि स्वायत्तता किसी संस्थान के लिए केवल सम्मान नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और भविष्य उन्मुख शिक्षा प्रदान करने की बड़ी जिम्मेदारी भी है।

उन्होंने कहा कि अब संस्थान उद्योग की जरूरतों के अनुरूप अपने पाठ्यक्रम तैयार करेगा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टेक्नोलॉजी, रिसर्च और इनोवेशन को और अधिक बढ़ावा देगा तथा विद्यार्थियों को वैश्विक रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करेगा।

उन्होंने कहा कि एक्यूरेट का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे प्रोफेशनल तैयार करना है जो ज्ञान, कौशल, नेतृत्व और नवाचार के दम पर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान स्थापित कर सकें।

शिक्षकों का सम्मान, शिक्षा जगत का संगम

"एजुकेटर्स मीट" कार्यक्रम में एनसीआर के विभिन्न विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों से आए शिक्षाविदों का विशेष सम्मान किया गया। संस्थान की ओर से उन शिक्षकों और शिक्षा सहयोगियों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा की ओर प्रेरित करने और संस्थान तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

डीन स्टूडेंट वेलफेयर आर.के. तिवारी ने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले एजुकेटर्स का सम्मान संस्थान की परंपरा का हिस्सा है।

18 लाख के पैकेज वाले छात्र बने समारोह के आकर्षण

कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायक क्षण उन विद्यार्थियों का सम्मान रहा, जिन्होंने देश की प्रतिष्ठित कंपनियों में शानदार पैकेज पर प्लेसमेंट प्राप्त कर संस्थान का नाम रोशन किया।

बीटेक छात्र सत्यम चौधरी, जिनका चयन KPMG में 18 लाख रुपये वार्षिक पैकेज पर हुआ, समारोह के मुख्य आकर्षण रहे।

इसके अलावा—

  • एमसीए की छात्रा आयुषी को 16 लाख रुपये वार्षिक पैकेज पर चयनित होने के लिए सम्मानित किया गया।
  • एमबीए की छात्रा को 12 लाख रुपये वार्षिक पैकेज मिलने पर सम्मानित किया गया।
  • आर्यन भदौरिया, सुकृति, प्रियांशु भारद्वाज, गगनजोत सिंह, आर्यन शर्मा और विशाल तिवारी सहित कई विद्यार्थियों को एक्स्ट्राऑर्डिनरी अचीवमेंट अवॉर्ड प्रदान किए गए।

इन विद्यार्थियों को देश की अग्रणी कंपनियों के वरिष्ठ कॉर्पोरेट अधिकारियों ने सम्मानित किया।

कॉर्पोरेट जगत की मौजूदगी ने बढ़ाया कार्यक्रम का महत्व

संस्थान के निदेशक डॉ. सुनील मिश्रा ने बताया कि कार्यक्रम में टेक्निकल और कॉर्पोरेट क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

इनमें प्रमुख रूप से—

  • आनंद कुमार सिंह (ग्लोबल डायरेक्टर एचआर)
  • अमित मिश्रा (STMicroelectronics)
  • अवधेश पांडे (Cognizant)
  • नितिन पांडे
  • रोहित (Falcon)

सहित कई कॉर्पोरेट विशेषज्ञ उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को सम्मानित करने के साथ-साथ उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं और भविष्य के रोजगार अवसरों पर भी अपने विचार साझा किए।

नई शिक्षा नीति और AI आधारित शिक्षा पर मंथन

कार्यक्रम के दौरान आयोजित एजुकेटर्स मीट में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, स्किल बेस्ड एजुकेशन, इंडस्ट्री-अकादमिक सहयोग, स्टार्टअप संस्कृति और भविष्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा हुई।

विशेषज्ञों ने कहा कि आज के समय में केवल पारंपरिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को उद्योग की मांग के अनुरूप व्यावहारिक प्रशिक्षण, डिजिटल कौशल और समस्या समाधान क्षमता से लैस करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

मजबूत प्लेसमेंट सिस्टम बना संस्थान की पहचान

संस्थान के प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट विभाग ने बताया कि उद्योग जगत के साथ मजबूत साझेदारी, नियमित इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट्स, प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन, व्यक्तित्व विकास, सॉफ्ट स्किल्स प्रशिक्षण और करियर काउंसलिंग के कारण प्रत्येक वर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में चयनित हो रहे हैं।

AI-Enabled Campus की दिशा में बढ़ते कदम

संस्थान ने स्पष्ट किया कि स्वायत्तता प्राप्त होने के बाद वह AI-Enabled Campus, स्मार्ट लर्निंग सिस्टम, उद्योग आधारित पाठ्यक्रम, अनुसंधान केंद्रित शिक्षा, डिजिटल प्रयोगशालाओं और नवाचार आधारित शिक्षण प्रणाली को और अधिक गति देगा। इससे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए भी तैयार किया जाएगा।

क्षेत्र की उच्च शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि

शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों ने एक स्वर में कहा कि एक्यूरेट इंस्टीट्यूट को स्वायत्तता मिलना केवल संस्थान की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे ग्रेटर नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे संस्थान को शैक्षणिक नवाचार, अनुसंधान और उद्योग सहयोग के नए अवसर प्राप्त होंगे।

कार्यक्रम का समापन सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस संकल्प के साथ हुआ कि एक्यूरेट इंस्टीट्यूट भविष्य में भी उत्कृष्ट शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, उद्योग सहयोग, रोजगार सृजन और विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि स्वायत्तता, उद्योगोन्मुख पाठ्यक्रम, AI आधारित शिक्षण, उत्कृष्ट प्लेसमेंट और शोध संस्कृति पर एक साथ काम करने वाले संस्थान ही भविष्य की उच्च शिक्षा का नेतृत्व करेंगे। एक्यूरेट इंस्टीट्यूट का यह आयोजन उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।