BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts

ब्रेकिंग न्यूज़ | ग्रेटर नोएडा में लापरवाही ने ली मासूम की जान: पानी से भरे बोरवेल के गड्ढे में डूबकर 6 वर्षीय अव्यान की मौत

स्पेशल स्टोरी| ग्रेटर नोएडा में लापरवाही ने ली मासूम की जान: पानी से भरे बोरवेल के गड्ढे में डूबकर 6 वर्षीय अव्यान की मौत, ठेकेदार ब्लैकलिस्ट, तीन पर एफआईआर, अब वरिष्ठ अधिकारियों की भी होगी जांच

 मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
 ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-2 स्थित कलाधाम सोसाइटी में छह वर्षीय मासूम अव्यान सूर्या की दर्दनाक मौत ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। खेलते-खेलते मासूम उस खुले गहरे गड्ढे में जा गिरा, जिसे जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नलकूप निर्माण के दौरान खोदा गया था। गड्ढे में कई फीट तक पानी भरा हुआ था और मौके पर न तो बैरिकेडिंग थी, न चेतावनी बोर्ड और न ही किसी प्रकार का सुरक्षा घेरा। देखते ही देखते मासूम पानी में समा गया और उसकी मौत हो गई।
यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी और कथित प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर मामला बन गया है। घटना के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में हड़कंप मच गया और सीईओ एन.जी. रवि कुमार ने पूरे मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए।
दर्दनाक हादसे के बाद प्राधिकरण में मचा हड़कंप
घटना की सूचना मिलते ही ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम तत्काल कलाधाम सोसाइटी पहुंची। मौके पर मौजूद लोगों में भारी आक्रोश था। लोगों का कहना था कि कई दिनों से गड्ढा खुला पड़ा था और उसमें पानी भर चुका था, लेकिन सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया। स्थानीय निवासियों ने इसे घोर लापरवाही बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
सीईओ का बड़ा फैसला, जांच के घेरे में आएंगे बड़े अधिकारी
घटना से बेहद आहत सीईओ एन.जी. रवि कुमार ने महाप्रबंधक (परियोजना) ए.के. सिंह को पूरे मामले की जांच सौंपी है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए। यदि जांच में किसी वरिष्ठ अधिकारी की लापरवाही या जिम्मेदारी सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे साफ संकेत मिल गए हैं कि कार्रवाई केवल निचले स्तर तक सीमित नहीं रहेगी।
बिना सूचना शुरू हुआ निर्माण कार्य!
प्राधिकरण की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कलाधाम सोसाइटी में जलापूर्ति व्यवस्था को सुधारने के लिए नलकूप निर्माण का कार्य करीब तीन दिन पहले शुरू किया गया था। आरोप है कि संबंधित ठेकेदार ने कार्य शुरू करने की सूचना जल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी। निर्माण स्थल पर सुरक्षा संबंधी कोई भी मानक लागू नहीं किए गए। गहरे गड्ढे के चारों ओर बैरिकेडिंग नहीं थी, जिससे यह क्षेत्र बच्चों और आम लोगों के लिए बेहद खतरनाक बना हुआ था।
मासूम अव्यान की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक अव्यान सूर्या कलाधाम सोसाइटी में रहने वाले केंद्रीय विद्यालय के उप-प्रधानाचार्य सीवान यादव का पुत्र था। शनिवार शाम वह अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान वह खुले गड्ढे के पास पहुंचा और अचानक पानी में गिर गया। जब तक लोग उसे बाहर निकाल पाते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरी सोसाइटी में शोक की लहर दौड़ गई।
ठेकेदार पर सबसे बड़ी कार्रवाई, कंपनी ब्लैकलिस्ट
घटना के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने संबंधित ठेकेदार सुप्रीम इंडस्ट्रियल कॉरपोरेशन के प्रोपराइटर मनोज कुमार जैन के खिलाफ नॉलेज पार्क कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है। साथ ही कंपनी को तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है, ताकि भविष्य में उसे प्राधिकरण का कोई भी कार्य न दिया जाए।
दो कर्मचारियों की सेवा समाप्त, एफआईआर की भी मांग
जांच में जल विभाग के तकनीकी सुपरवाइजर आकाश कुमार और सुपरवाइजर जॉनी कुमार की भी गंभीर लापरवाही सामने आई। दोनों पर कार्यस्थल की निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप है। प्राधिकरण ने दोनों की सेवाएं तत्काल समाप्त कर दी हैं तथा उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दी है।
घटनास्थल पर पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी
हादसे की सूचना मिलते ही महाप्रबंधक ए.के. सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक विनोद कुमार शर्मा, सहायक प्रबंधक मनोज चौधरी सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और तत्काल सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराते हुए पूरे क्षेत्र की बैरिकेडिंग कराई।
भविष्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
सीईओ एन.जी. रवि कुमार ने सभी वर्क सर्किलों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि भविष्य में किसी भी निर्माण कार्य की शुरुआत तब तक नहीं होगी, जब तक बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड, सुरक्षा घेरा और अन्य सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित न हो जाए। यदि कहीं भी सुरक्षा में लापरवाही मिली तो संबंधित ठेकेदार के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
एसीईओ ने जताया गहरा दुख
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने मासूम की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा।
उठ रहे बड़े सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं—
क्या निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सुरक्षा मानकों की जांच की गई थी?
खुले गड्ढे के चारों ओर बैरिकेडिंग क्यों नहीं की गई?
निर्माण कार्य की निगरानी किस अधिकारी की जिम्मेदारी थी?
यदि समय रहते सुरक्षा इंतजाम किए गए होते तो क्या मासूम अव्यान की जान बच सकती थी?
क्या इस घटना के बाद पूरे ग्रेटर नोएडा में चल रहे निर्माण कार्यों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाएगा?
अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर
इस मामले में प्राधिकरण ने प्रारंभिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई जरूर की है, लेकिन अब सबकी निगाहें महाप्रबंधक (परियोजना) ए.के. सिंह की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। यदि जांच में वरिष्ठ अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आती है तो इस मामले में और बड़े प्रशासनिक एक्शन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
यह हादसा सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का गंभीर उदाहरण है। एक छोटी-सी लापरवाही ने एक मासूम की जिंदगी छीन ली। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच के बाद जिम्मेदार लोगों पर कितनी प्रभावी और निर्णायक कार्रवाई होती है।
.header-ads img { height:300px !important; max-height:300px !important; width:150% !important; object-fit:cover; }