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सपा प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस आयुक्त से की मुलाकात, मुनेंद्र की गिरफ्तारी पर उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग तेज


ग्रेटर नोएडा | रिपोर्ट: मौहम्मद इल्यास “दनकौरी”
नोएडा में गत माह गड्ढे में भरे पानी में डूबने से युवराज मेहता की हुई दर्दनाक मौत के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस मामले में मदद के लिए आगे आए मुनेंद्र की गिरफ्तारी को लेकर समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल लखनऊ से ग्रेटर नोएडा पहुंचा और पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस आयुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि मुनेंद्र, जिसने मानवता के नाते मदद करने का प्रयास किया, उसी को बिना ठोस साक्ष्यों के आरोपी बना दिया गया। सपा नेताओं ने कहा कि यह कार्रवाई न्याय के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है और इससे समाज में गलत संदेश जा रहा है।
सांसद हरेन्द्र मलिक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि युवराज मेहता की मौत के बाद मुनेंद्र ने जिस तरह मदद के लिए आगे आकर संवेदनशीलता दिखाई, उससे उसकी समाज में पहचान और लोकप्रियता बढ़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने इसी लोकप्रियता से ईर्ष्या करते हुए साजिश के तहत उसके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने मामले की गहराई से जांच किए बिना जल्दबाजी में कार्रवाई करते हुए मुनेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जो कि बेहद चिंताजनक है।
सपा जिलाध्यक्ष सुधीर भाटी ने इस कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि मुनेंद्र दलित वर्ग से संबंध रखते हैं और बिना निष्पक्ष जांच के की गई कार्रवाई सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसे ही मददगार युवाओं को सजा मिलेगी, तो भविष्य में कोई भी व्यक्ति जरूरतमंद की सहायता करने से पहले सौ बार सोचेगा।
प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस आयुक्त से मांग की कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। साथ ही, यदि मुनेंद्र निर्दोष पाए जाते हैं, तो उन्हें तत्काल रिहा किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
पुलिस आयुक्त ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी जाएगी और निष्पक्ष तरीके से पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में विधायक शाहिद मंजूर, पूर्व विधायक योगेश वर्मा, महानगर अध्यक्ष आश्रय गुप्ता, सुनील चौधरी, राहुल आवाना, फकीरचंद नागर, बागपत जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी, रोहित मत्ते गुर्जर, विनोद लोहिया, जगवीर नंबरदार, अक्षय चौधरी, विक्रम टाइगर, लाल सिंह गौतम, मोहित नागर, अमित भाटी सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद यह मामला अब केवल एक दुर्घटना तक सीमित न रहकर राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बनता जा रहा है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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