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दादरी से 2027 का सियासी शंखनाद: भाजपा के गढ में अखिलेश देंगे चुनौती

विशेष राजनीतिक रिपोर्ट
रिपोर्ट : मौहम्मद इल्यास “दनकौरी”
समाजवादी सामान्य भाईचारा रैली’ के जरिए पीडीए समीकरण साधने की बड़ी रणनीति
उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव भले ही अभी दूर हों, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति को जमीन पर उतारना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी द्वारा 29 मार्च 2026 को दादरी में आयोजित की जा रही ‘समाजवादी सामान्य भाईचारा रैली’ को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़े राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। इस रैली को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव संबोधित करेंगे। गौतमबुद्धनगर एक तरह से भाजपा का गढ़ भी माना जाता है। यहां की ज्यादातर नगर पंचायतों और नगर पालिका से लेकर जिला पंचायत, विधानसभा, लोकसभा, राज्यसभा और विधान परिषद जैसे सदनों में भाजपा का ही परचम है।  वहीं दूसरी ओर जिस समय स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हुआ करते थे गौतम बुद्ध नगर जिला समेत उत्तर प्रदेश के कई जनपद और मंडलों को भंग किया गया था तब से लेकर आज तक गौतमबुद्धनगर जिले में सपा का चुनावों में कोई भी खाता तक नहीं खुला है। दूसरी और जब अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री हुआ करते थे तो एक मिथक के चलते हुए उन्होंने गौतम बुद्ध नगर की ओर पूरे कार्यकाल में रुख तक नहीं किया था, अब इस बार के विधानसभा चुनावों का शंखनाद भी वह इस जिले से कर रहे हैं। राजनीतिक पंडितों का मानना यह भी है कि अखिलेश यादव का यह एक चुनावी शंखनाद न केवल एक इतिहास बनकर न रह जाए। 

समाजवादी पार्टी के नेताओं का दावा है कि इस रैली में प्रदेश के 32 जिलों की लगभग 140 विधानसभा क्षेत्रों से भारी संख्या में लोग शामिल होंगे। यदि आयोजकों का दावा सही साबित होता है तो यह रैली पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बड़ी राजनीतिक सभाओं में शामिल हो सकती है। पार्टी इसे 2027 के विधानसभा चुनाव का शंखनाद मान रही है।
पीडीए के सहारे व्यापक सामाजिक गठबंधन की कोशिश
ग्रेटर नोएडा प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में रैली के आयोजक राजकुमारी भाटी ने बताया कि इस रैली का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाना है। उन्होंने कहा कि यह रैली सर्वधर्म, सर्वजाति और सर्व समाज के भाईचारे का संदेश देगी।
उन्होंने बताया कि रैली में विशेष रूप से पीडीए समाज (पिछड़ा, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक) के लोगों की बड़ी भागीदारी होगी। इसके साथ ही समाज के अन्य वर्गों और सामान्य वर्ग के लोग भी इसमें शामिल होंगे। उनके अनुसार पीडीए केवल एक राजनीतिक नारा नहीं बल्कि सामाजिक न्याय और राजनीतिक भागीदारी का एक व्यापक आंदोलन है।
राजकुमारी भाटी ने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे वर्ग हैं जो मौजूदा शासन में खुद को उपेक्षित, पीड़ित और अपमानित महसूस कर रहे हैं। ऐसे सभी वर्गों को एक मंच पर लाकर समाजवादी पार्टी एक व्यापक सामाजिक और राजनीतिक विकल्प प्रस्तुत करना चाहती है।
अगस्त 2025 से चल रही है तैयारी
रैली की तैयारी को लेकर आयोजकों ने काफी पहले से रणनीति बनाई थी। राजकुमारी भाटी ने बताया कि अगस्त 2025 से ही इस रैली की तैयारी शुरू कर दी गई थी। इसके तहत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में 50 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों में पीडीए चौपालों का आयोजन किया गया।
इन चौपालों के माध्यम से गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद किया गया और सामाजिक व राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि इन चौपालों के जरिए जहां पिछड़े और वंचित वर्गों में राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया, वहीं रैली को सफल बनाने के लिए क्षेत्रवार मजबूत संगठनात्मक ढांचा भी तैयार किया गया।
रैली की तैयारियों के तहत जिला और विधानसभा स्तर पर रैली प्रभारी नियुक्त किए गए हैं, जबकि बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे यह स्पष्ट है कि समाजवादी पार्टी इस कार्यक्रम को केवल एक सभा के रूप में नहीं बल्कि एक बड़े राजनीतिक अभियान के रूप में देख रही है।
गुर्जर समाज की भागीदारी बनेगी अहम
इस रैली की एक खास बात यह भी है कि इसके प्रबंधन और व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी मुख्य रूप से गुर्जर समाज के लोगों को सौंपी गई है। आयोजकों का मानना है कि इससे गुर्जर समाज को प्रदेश की राजनीति में एक नई पहचान और राजनीतिक भागीदारी का अवसर मिलेगा।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में गुर्जर समाज का प्रभाव काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में दादरी जैसी जगह पर आयोजित रैली में गुर्जर समाज की सक्रिय भागीदारी को एक बड़े राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार समाजवादी पार्टी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट, गुर्जर, पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के बीच नए सामाजिक समीकरण बनाने की कोशिश कर रही है।
संगठन में उत्साह, कार्यकर्ताओं को सौंपी जिम्मेदारियां
प्रेस वार्ता में समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष सुधीर भाटी ने कहा कि दादरी में होने वाली यह रैली ऐतिहासिक होगी और इसे लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि जिला संगठन ने रैली को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं। संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं, ताकि कार्यक्रम का संचालन व्यवस्थित तरीके से किया जा सके।
सुधीर भाटी ने कहा कि यह रैली केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि प्रदेश में परिवर्तन की शुरुआत का संदेश देगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की जनता बदलाव का निर्णय करेगी और प्रदेश में फिर से समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी।
पश्चिमी यूपी की राजनीति में बढ़ेगी हलचल
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश हमेशा से प्रदेश की राजनीति का अहम केंद्र रहा है। यहां के सामाजिक समीकरण अक्सर चुनावी परिणामों को प्रभावित करते हैं।
ऐसे में दादरी में होने वाली यह रैली कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि रैली में बड़ी भीड़ उमड़ती है तो यह समाजवादी पार्टी के लिए राजनीतिक मनोबल बढ़ाने वाली घटना होगी और विपक्षी दलों के लिए भी एक संकेत होगा कि आने वाले चुनावों में मुकाबला कड़ा हो सकता है।
दूसरी ओर, यह रैली यह भी तय करेगी कि समाजवादी पार्टी का पीडीए फॉर्मूला पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कितना प्रभावी साबित हो सकता है।
प्रेस वार्ता में ये नेता रहे मौजूद
प्रेस वार्ता में राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भाटी, चौधरी गजराज नागर, पूर्व जिला अध्यक्ष इंदर प्रधान, वीर सिंह यादव, फकीर चंद नागर, डॉ. महेंद्र नागर, सुनील चौधरी, महानगर अध्यक्ष आश्रय गुप्ता, सुनील भाटी देवटा, नरेंद्र नागर, कृशांत भाटी, देवेंद्र टाइगर, विकास जतन भाटी, विनोद लोहिया, विकास यादव, नवीन भाटी, अक्षय चौधरी, विक्रम टाइगर, सुभाष भाटी, अनूप तिवारी, हरीश खारी सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।