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"GIMS ग्रेटर नोएडा में रक्षाबंधन पर नई परंपरा, रिश्तों को मिला कार्यस्थल पर नया आयाम"


🟠 जब ऑफिस बना परिवार: GIMS ग्रेटर नोएडा में महिला कर्मचारियों ने सीईओ को बांधी राखी, निभाया रिश्तों का संकल्प


 

मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/  ग्रेटर नोएडा
रक्षाबंधन महापर्व की पूर्व संध्या पर GNIO Management Studies (GIMS), ग्रेटर नोएडा में एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला। संस्थान की सभी महिला कर्मचारियों ने संस्थान के सीईओ स्वदेश कुमार सिंह की कलाई पर राखी बांधकर न केवल पारंपरिक पर्व को मनाया, बल्कि कार्यस्थल पर विश्वास, सुरक्षा और सम्मान का प्रतीक एक नया अध्याय भी लिखा।

इस अनूठे आयोजन के दौरान करीब 70 से अधिक महिला सदस्यों — जिनमें शिक्षकाएं, एडमिशन विभाग की महिलाएं, प्रशासनिक स्टाफ, सफाईकर्मी और माली तक शामिल थीं — ने तिलक कर, मिठाई खिलाकर और राखी बांधकर यह पर्व मनाया। बदले में सीईओ श्री सिंह ने सभी को चॉकलेट, मिठाई और उपहार भेंट कर उनके इस स्नेह को सम्मान दिया।



🟣 "यह सिर्फ राखी नहीं, एक जिम्मेदारी का वचन है" — स्वदेश कुमार सिंह, सीईओ

इस अवसर पर सीईओ श्री स्वदेश कुमार सिंह ने कहा,
"यह आयोजन केवल रक्षाबंधन का उत्सव नहीं है, बल्कि यह उस सामाजिक जिम्मेदारी की पुनः पुष्टि है, जिसमें महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा की रक्षा का संकल्प शामिल है। आज संस्थान में एक नया रिश्ता पनपा है — परिवार का, भरोसे का, और सहयोग का।"

उन्होंने यह भी कहा कि,
"समाज में महिलाओं के प्रति बढ़ती असंवेदनशील घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी है कि हर स्तर पर उनके सम्मान की संस्कृति को विकसित किया जाए। GIMS में की गई यह पहल सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि एक परिवर्तन का प्रतीक है।"



🟢 कार्यस्थल पर परिवार जैसा वातावरण

इस आयोजन ने पूरे संस्थान परिसर को उत्सव के रंग में रंग दिया। महिलाएं बेहद भावुक और उत्साहित दिखीं। पूरे कार्यक्रम के दौरान एक पारिवारिक माहौल बना रहा, जहां संवेदना, स्नेह और सुरक्षा की भावना स्पष्ट रूप से महसूस की गई।

सभी महिला सदस्यों — चाहे वो किसी भी विभाग या पद पर हों — ने खुलकर भागीदारी की, जो इस बात का संकेत था कि यह आयोजन केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि वास्तविक अपनत्व और सम्मान का परिचायक था।



🔵 GIMS की पहल बनी समाज के लिए संदेश

GIMS संस्थान द्वारा किया गया यह आयोजन महज एक संस्थागत पर्व नहीं, बल्कि समाज को दिया गया एक सशक्त संदेश भी है — यदि कार्यस्थल पर महिलाएं सुरक्षित और सम्मानित महसूस करें, तो वही संस्थान आदर्श बन सकता है।