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मौन हैं… मगर जिंदा हैं!’ कलेक्ट्रेट पर गूंजा मौन, UGC RollBack समेत तीन मांगों को लेकर सैकड़ों लोगों ने रखा उपवास


गांधी जयंती पर सवर्ण स्वाभिमान मंच का अनोखा प्रदर्शन; राष्ट्रगान के साथ शुरू हुआ मौन उपवास, राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

    मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर सवर्ण स्वाभिमान मंच, गौतमबुद्धनगर के आह्वान पर जिला मुख्यालय सूरजपुर स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में तीन प्रमुख मांगों को लेकर मौन उपवास आंदोलन किया गया। ‘मौन हैं… मगर जिंदा हैं!’ संदेश के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिवक्ता, पत्रकार, डॉक्टर, सामाजिक कार्यकर्ता तथा विभिन्न जाति और धर्मों से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया।
आंदोलनकारियों ने UGC RollBack, आरक्षण व्यवस्था को जाति के स्थान पर आर्थिक आधार से जोड़ने तथा SC/ST Act में कानूनी संशोधन की मांग उठाई। कार्यक्रम के अंत में मंच की ओर से राष्ट्रपति के नाम अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया।
राष्ट्रगान के साथ शुरू हुआ मौन उपवास
सवर्ण स्वाभिमान मंच के आह्वान पर सुबह से ही लोग सूरजपुर स्थित जिला मुख्यालय पहुंचने लगे थे। सुबह करीब 10 बजे राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग मौन धारण कर उपवास पर बैठ गए।
उपवास स्थल पर तिरंगे के साथ विभिन्न मांगों से संबंधित तख्तियां और स्लोगन लगाए गए थे। इनमें विशेष रूप से ‘UGC RollBack’, आरक्षण व्यवस्था में बदलाव तथा SC/ST Act में कानूनी संशोधन की मांग को प्रमुखता दी गई।
आंदोलनकारियों ने करीब तीन घंटे तक मौन रहकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। आयोजकों के अनुसार पूरे कार्यक्रम को शांतिपूर्ण एवं गांधीवादी तरीके से आयोजित किया गया।
‘मौन की शक्ति से सरकार तक पहुंचाई अपनी बात’
सवर्ण स्वाभिमान मंच के संयोजक कपिल शर्मा एडवोकेट ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि इसी विचार से प्रेरणा लेते हुए मंच ने गांधी जयंती पर मौन उपवास का आयोजन किया।
कपिल शर्मा ने कहा कि मंच की ओर से UGC RollBack के साथ-साथ आरक्षण व्यवस्था तथा SC/ST Act में कानूनी संशोधन की मांग सरकार के समक्ष रखी गई है।
उन्होंने कहा कि मंच को उम्मीद है कि सरकार आंदोलनकारियों की मांगों पर विचार करेगी और इस संबंध में उचित कदम उठाए जाएंगे।
‘लड़ाई किसी जाति, धर्म या संप्रदाय के खिलाफ नहीं’
कपिल शर्मा एडवोकेट ने कहा कि सवर्ण स्वाभिमान मंच का आंदोलन किसी जाति, धर्म अथवा संप्रदाय के विरुद्ध नहीं है। उनके अनुसार मंच समानता और आर्थिक आधार पर अवसर उपलब्ध कराने की मांग को लेकर अपनी बात रख रहा है।
उन्होंने कहा कि समाज में आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोग अलग-अलग जातियों में हैं। मंच का मत है कि आरक्षण व्यवस्था में आर्थिक स्थिति को प्रमुख आधार बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि समाज को जातिगत विभाजन से आगे बढ़कर समानता और सामाजिक समरसता की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है।
SC/ST Act में संशोधन की मांग
मंच के संयोजक ने SC/ST Act को लेकर भी अपनी मांग रखी। उन्होंने कहा कि मंच इस कानून की समीक्षा और आवश्यक कानूनी संशोधन की मांग कर रहा है। उनका आरोप है कि कुछ मामलों में कानून के दुरुपयोग की शिकायतें सामने आती रही हैं।
उन्होंने कहा कि मंच की अपेक्षा है कि कानून का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति को न्याय और संरक्षण उपलब्ध कराना हो तथा इसके प्रावधानों के संबंध में आवश्यक कानूनी समीक्षा की जाए।
यह उल्लेखनीय है कि SC/ST Act से जुड़े किसी भी कानूनी बदलाव का प्रश्न संसद और न्यायिक प्रक्रिया सहित संवैधानिक एवं विधिक व्यवस्था के दायरे में आता है। मंच ने कार्यक्रम के माध्यम से अपनी मांग सरकार के समक्ष रखने की बात कही।
राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
मौन उपवास समाप्त होने के बाद सवर्ण स्वाभिमान मंच के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मंच की ओर से तीन प्रमुख मांगों को प्रमुखता से रखा गया। इनमें UGC RollBack, आरक्षण व्यवस्था को आर्थिक आधार पर लागू करने तथा SC/ST Act की समीक्षा एवं आवश्यक कानूनी संशोधन की मांग शामिल रही।
UGC के आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में आरक्षण संबंधी प्रावधान केंद्र सरकार की नीति और संबंधित संवैधानिक प्रावधानों के तहत लागू होते हैं। UGC की वेबसाइट पर केंद्रीय संस्थानों में SC/ST आरक्षण के संबंध में मौजूदा नीति का उल्लेख भी किया गया है।
तीन घंटे बाद नारों के साथ खोला मौन
करीब तीन घंटे तक चले मौन उपवास के बाद आंदोलनकारियों ने सामूहिक रूप से ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के उद्घोष के साथ अपना मौन खोला।
आयोजकों ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार का विवाद या उग्र प्रदर्शन नहीं किया गया और गांधी जयंती के अवसर पर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
आंदोलन को आगे भी जारी रखने का ऐलान
सवर्ण स्वाभिमान मंच की ओर से कहा गया कि यह कार्यक्रम आंदोलन के अगले चरण का हिस्सा है। मंच ने दावा किया कि आने वाले दिनों में मांगों को लेकर चरणबद्ध तरीके से अभियान आगे बढ़ाया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार UGC RollBack सहित अन्य मांगों को लेकर जिले में जनजागरूकता अभियान भी जारी रखा जाएगा। मंच ने कहा कि आगे की रणनीति संगठनात्मक स्तर पर तय की जाएगी।
विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में अधिवक्ताओं के साथ पत्रकार, डॉक्टर, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न सामाजिक पृष्ठभूमि से जुड़े लोग शामिल हुए। आयोजकों ने इसे विभिन्न वर्गों की भागीदारी वाला शांतिपूर्ण आंदोलन बताया।
इस अवसर पर प्रमोद शर्मा एडवोकेट, सुधीर वत्स, पंडित कृपाराम शर्मा, मनोज गोयल, संजय शर्मा एडवोकेट, भानु प्रकाश शर्मा, गौरव शर्मा, विवेक रावल, राजेश रावत, अंकुश शर्मा एडवोकेट, राजू पंडित, सोनू भगत, सचिन शर्मा, सतेंद्र शर्मा एडवोकेट, शिवम लोधी राजपूत, रामदत्त शर्मा, सतपाल सिंह, ठाकुर सुरेंद्र तोमर, मनीष अत्री, निधि शर्मा एडवोकेट, अनूप सिंह शिशोदिया, मोहित गुप्ता, रतनवीर शर्मा, अमरेंद्र ठाकुर, शिवओम शर्मा धूम सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
गांधी जयंती पर शांतिपूर्ण आंदोलन का संदेश
गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में आंदोलनकारियों ने मौन को विरोध के माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया। आयोजकों का कहना था कि बिना किसी उग्र प्रदर्शन के अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना ही कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य रहा।
मौन उपवास के माध्यम से सवर्ण स्वाभिमान मंच ने UGC RollBack, आर्थिक आधार पर आरक्षण और SC/ST Act में कानूनी संशोधन की अपनी मांगों को एक बार फिर सार्वजनिक रूप से उठाया और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन के जरिए इन्हें शासन तक पहुंचाया।


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