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Special Story:--मुर्शदपुर की माटी से सियासत के प्रदेश संगठन तक... सविंदर भाटी के बढ़ते कदमों ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल


गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष से भाजपा OBC मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष तक का सफर, सामाजिक सक्रियता के बीच बदला राजनीतिक परिचय
   मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा 
गौतमबुद्धनगर की सियासत में सामाजिक संगठनों की सक्रियता के बीच दनकौर क्षेत्र के मुर्शदपुर गांव से निकला एक नाम इन दिनों तेजी से चर्चा में है। नाम है सविंदर भाटी। रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े युवा कारोबारी सविंदर भाटी ने पिछले कुछ समय में सामाजिक गतिविधियों और संगठनात्मक कार्यक्रमों में अपनी सक्रियता बढ़ाई और अब उनका नाम भाजपा के प्रदेश संगठन में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के साथ सामने आया है।
सविंदर भाटी को फरवरी 2026 में अखिल भारतीय गुर्जर महासभा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरीशचंद्र भाटी ने सविंदर भाटी के साथ के.पी. कसाना को भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी थी।
कारोबार से समाज और अब संगठन की राजनीति तक
मुर्शदपुर गांव की पृष्ठभूमि से आने वाले सविंदर भाटी की पहचान पहले एक युवा कारोबारी के तौर पर रही। रियल एस्टेट कारोबार के साथ-साथ क्षेत्र के सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में उनकी सक्रियता बढ़ी।
इसके बाद गुर्जर समाज से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी ने उन्हें सामाजिक मंच पर अलग पहचान दी। शिक्षा, युवाओं की भागीदारी, सामाजिक एकजुटता और संगठन को मजबूत करने जैसे मुद्दों को लेकर उनकी सक्रियता सामने आती रही।
अखिल भारतीय गुर्जर महासभा की ओर से उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दिया जाना इसी बढ़ती संगठनात्मक भूमिका का एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा।
शहीद विजय सिंह पथिक की जयंती से लेकर संगठनात्मक सक्रियता तक
सविंदर भाटी की सामाजिक सक्रियता का एक महत्वपूर्ण पड़ाव मार्च 2026 में ग्रेटर नोएडा में आयोजित शहीद विजय सिंह पथिक जयंती समारोह भी रहा। अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में शहीद विजय सिंह पथिक के योगदान और उनके संघर्ष को याद किया गया तथा जयंती समारोह को बड़े स्तर पर मनाया गया।
ग्रेटर नोएडा में आयोजित यह कार्यक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि विजय सिंह पथिक का नाम किसान आंदोलन, सामाजिक चेतना और स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से जुड़ा हुआ है। ऐसे ऐतिहासिक व्यक्तित्व की जयंती के आयोजन के जरिए महासभा ने सामाजिक इतिहास और वर्तमान पीढ़ी के बीच संवाद का मंच तैयार करने की कोशिश की।
इस कार्यक्रम में महासभा से जुड़े पदाधिकारियों और समाज के लोगों की सक्रिय भागीदारी रही। सविंदर भाटी की महासभा में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में बढ़ती भूमिका के शुरुआती दौर में यह आयोजन उनकी सामाजिक सक्रियता की कड़ी के रूप में भी देखा गया।
फरवरी में राष्ट्रीय जिम्मेदारी, मार्च में सामाजिक आयोजन और इसके बाद लगातार संगठनात्मक कार्यक्रमों में सक्रियता—इन घटनाक्रमों ने सविंदर भाटी की सार्वजनिक गतिविधियों को लगातार विस्तार दिया।
‘शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो’ के संदेश पर फोकस
सविंदर भाटी सामाजिक गतिविधियों में डॉ. भीमराव आंबेडकर के संदेश “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” को आधार बनाकर युवाओं और समाज के लोगों को जोड़ने की बात करते रहे हैं।
शिक्षा, रोजगार, सामाजिक जागरूकता और युवाओं की भागीदारी से जुड़े कार्यक्रमों में उनकी सक्रियता दिखाई देती रही है। यही वह बिंदु है जहां उनकी सामाजिक सक्रियता को केवल किसी एक आयोजन या संगठनात्मक पद तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता।
27 अक्टूबर की गुर्जर स्वाभिमान रैली और बढ़ी सक्रियता
अखिल भारतीय गुर्जर महासभा की ओर से 27 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में गुर्जर स्वाभिमान रैली आयोजित करने की तैयारी चल रही है।
रैली को लेकर महासभा के पदाधिकारी विभिन्न राज्यों में संपर्क अभियान चला रहे हैं। गौतमबुद्धनगर के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और पंजाब सहित विभिन्न क्षेत्रों में समाज के लोगों से संपर्क किया जा रहा है।
सविंदर भाटी भी इस अभियान में सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। अलग-अलग स्थानों पर आयोजित बैठकों और संपर्क कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी सामने आई है।
सामाजिक मंच से सियासी मंच तक पहुंचा सफर
सविंदर भाटी के सार्वजनिक जीवन का सबसे नया और महत्वपूर्ण मोड़ अब भाजपा संगठन में मिली जिम्मेदारी है।
भाजपा के पिछड़ा वर्ग मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी में सविंदर भाटी को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। इसके साथ ही उनका सामाजिक संगठन से जुड़ा सार्वजनिक परिचय अब सीधे राजनीतिक संगठन की जिम्मेदारी से भी जुड़ गया है।
कुछ समय पहले तक जो नाम अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के तौर पर सामाजिक मंच पर सक्रिय था, अब वही नाम भाजपा OBC मोर्चे की प्रदेश टीम में भी शामिल है।
गुर्जर समाज और भाजपा संगठन के बीच नई कड़ी?
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सामाजिक संगठनों की सक्रियता का राजनीतिक संदर्भ भी महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में किसी सामाजिक संगठन के राष्ट्रीय पदाधिकारी का राजनीतिक दल के संगठनात्मक ढांचे में प्रदेश स्तर की जिम्मेदारी संभालना स्थानीय राजनीतिक चर्चा का विषय बनना स्वाभाविक है।
हालांकि दोनों भूमिकाओं की प्रकृति अलग है। अखिल भारतीय गुर्जर महासभा सामाजिक संगठन है, जबकि भाजपा OBC मोर्चा राजनीतिक दल के संगठन का हिस्सा है। इसलिए सविंदर भाटी की नई जिम्मेदारी को व्यापक OBC संगठनात्मक गतिविधियों के संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए।
गौतमबुद्धनगर से प्रदेश स्तर तक बढ़ा दायरा
भाजपा OBC मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में सविंदर भाटी की जिम्मेदारी अब केवल दनकौर या गौतमबुद्धनगर तक सीमित नहीं रहेगी। प्रदेश संगठन के कार्यक्रमों और गतिविधियों में उनकी भूमिका का दायरा उत्तर प्रदेश के दूसरे हिस्सों तक भी बढ़ सकता है।
गौतमबुद्धनगर की राजनीति में पहले से ही सामाजिक और जातीय समीकरण महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में जिले से आने वाले किसी युवा चेहरे का प्रदेश स्तर के संगठन में पहुंचना स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का विषय है।
2027 से पहले संगठनात्मक सक्रियता का दौर
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों की संगठनात्मक गतिविधियां तेज हो रही हैं। भाजपा ने भी विभिन्न मोर्चों और संगठनों में जिम्मेदारियां तय की हैं।
ऐसे समय में सविंदर भाटी को OBC मोर्चा में प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलना उनके सार्वजनिक जीवन को नया राजनीतिक आयाम देता है।
हालांकि उनकी वर्तमान जिम्मेदारी संगठनात्मक पद है। इसे किसी विधानसभा क्षेत्र से टिकट या चुनावी दावेदारी से जोड़ना अभी अलग विषय है।
युवा चेहरा, कारोबारी पृष्ठभूमि और सामाजिक नेटवर्क
सविंदर भाटी की सार्वजनिक पहचान के तीन प्रमुख पहलू दिखाई देते हैं—युवा कारोबारी के रूप में उनकी पृष्ठभूमि, सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों में सक्रियता और गुर्जर समाज के संगठनात्मक मंच पर उनकी भूमिका।
अब भाजपा OBC मोर्चा में प्रदेश स्तर की जिम्मेदारी मिलने के बाद इन तीनों के साथ एक राजनीतिक संगठनात्मक पहचान भी जुड़ गई है।
मुर्शदपुर से शुरू हुआ सफर अब प्रदेश संगठन तक
मुर्शदपुर गांव की स्थानीय पहचान से निकलकर रियल एस्टेट कारोबार में सक्रिय होना, फिर सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों में भागीदारी बढ़ाना, अखिल भारतीय गुर्जर महासभा में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालना, शहीद विजय सिंह पथिक जयंती जैसे आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाना और अब भाजपा OBC मोर्चा में प्रदेश उपाध्यक्ष बनना—सविंदर भाटी के सार्वजनिक जीवन में घटनाक्रम तेजी से आगे बढ़े हैं।
फरवरी में राष्ट्रीय संगठनात्मक जिम्मेदारी, मार्च में शहीद विजय सिंह पथिक जयंती का आयोजन, इसके बाद गुर्जर स्वाभिमान रैली की तैयारियों में सक्रियता और अब भाजपा के OBC मोर्चे में प्रदेश स्तर की जिम्मेदारी—यह पूरा घटनाक्रम सविंदर भाटी के सार्वजनिक जीवन में बढ़ते दायरे को सामने रखता है।
अब नजर 29 अक्टूबर की रैली और आगे की भूमिका पर
अखिल भारतीय गुर्जर महासभा की 29 अक्टूबर की गुर्जर स्वाभिमान रैली निकट भविष्य का महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। वहीं भाजपा OBC मोर्चा में मिली नई जिम्मेदारी उनके लिए राजनीतिक संगठन के भीतर काम करने का नया मंच है।
इन दोनों गतिविधियों के बीच सविंदर भाटी की आगे की सार्वजनिक सक्रियता पर गौतमबुद्धनगर से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक नजर रहेगी।
मुर्शदपुर की माटी से निकले युवा कारोबारी का सफर अब सामाजिक संगठन की राष्ट्रीय जिम्मेदारी से होते हुए प्रदेश स्तर के राजनीतिक संगठन तक पहुंच चुका है। कारोबारी पहचान, सामाजिक सक्रियता और संगठनात्मक राजनीति के इस क्रम ने सविंदर भाटी के सार्वजनिक जीवन को एक नया राजनीतिक परिचय दिया है।


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