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स्पेशल न्यूज़ स्टोरी — MSME कार्यशालास्थानीय उद्योग से वैश्विक बाजार तक: MSME कार्यशाला में उद्यमियों को मिला विकास का रोडमैप


सरकारी खरीद, GeM, वेंडर पंजीकरण और निर्यात के अवसरों पर 150 से अधिक उद्यमियों को मिला व्यावहारिक मार्गदर्शन
      मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा 
गौतमबुद्ध नगर की औद्योगिक पहचान को वैश्विक बाजार से जोड़ने और स्थानीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को सरकारी खरीद से लेकर निर्यात तक के नए अवसरों से परिचित कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई। ग्रेटर नोएडा में आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय MSME कार्यशाला में 150 से अधिक उद्यमियों ने हिस्सा लिया और सरकारी योजनाओं, GeM पोर्टल, वेंडर पंजीकरण, वित्तीय सहायता, आधुनिक विनिर्माण तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश के तरीकों की जानकारी हासिल की।
कार्यशाला का सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही रहा कि स्थानीय उद्यमों के लिए अब केवल उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें सरकारी खरीद व्यवस्था, डिजिटल मार्केटिंग, गुणवत्ता मानकों और निर्यात बाजार से जोड़कर प्रतिस्पर्धी बनाने की जरूरत है।
यह कार्यक्रम भारत सरकार के MSME मंत्रालय के विकास एवं सुविधा कार्यालय, ओखला, नई दिल्ली, इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (IBA) तथा IILM University, Greater Noida के संयुक्त तत्वावधान में ‘खरीद एवं विपणन सहायता योजना’ विषय पर आयोजित किया गया।
डीएम मेधा रूपम का संदेश—बड़े लक्ष्य तय करें, वैश्विक बाजार में पहचान बनाएं
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ गौतम बुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम, IAS ने दीप प्रज्ज्वलन एवं राष्ट्रगान के साथ किया।
अपने संबोधन में उन्होंने जिले की औद्योगिक क्षमता का उल्लेख करते हुए स्थानीय उद्यमियों से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और निर्यात को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि गौतमबुद्ध नगर परिधान, इलेक्ट्रॉनिक्स और निवेश जैसे क्षेत्रों में देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में अपनी पहचान बना रहा है। ऐसे में स्थानीय उद्यमियों को अपने कारोबार को केवल स्थानीय अथवा घरेलू बाजार तक सीमित रखने के बजाय वैश्विक बाजार की जरूरतों को समझते हुए उत्पादन और निर्यात क्षमता विकसित करनी चाहिए।
डीएम ने उद्योगों के लिए सुगम, सुरक्षित और निवेश-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के प्रति जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।
सरकारी खरीद: MSME के लिए बड़ा बाजार
कार्यशाला में सरकारी खरीद को MSME क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कारोबारी अवसर के रूप में सामने रखा गया।
विशेषज्ञों ने उद्यमियों को बताया कि सरकारी विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के साथ कारोबार के लिए केवल उत्पाद या सेवा की गुणवत्ता ही नहीं, बल्कि सही पंजीकरण, डिजिटल प्लेटफॉर्म और खरीद प्रक्रिया की जानकारी भी आवश्यक है।
इसी क्रम में GeM (Government e-Marketplace) पोर्टल और विभिन्न संस्थानों में वेंडर पंजीकरण की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया।
कार्यशाला में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के खरीद प्रमुख ने बताया कि कंपनी की कुल वार्षिक खरीद में MSME क्षेत्र की महत्वपूर्ण भागीदारी है और उनके अनुसार लगभग 49 प्रतिशत खरीद MSME क्षेत्र से की जाती है।
इस जानकारी ने उद्यमियों के सामने यह संभावना रखी कि सरकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं के सप्लाई नेटवर्क से जुड़कर MSME अपने कारोबार का दायरा काफी बढ़ा सकते हैं।
ONGC ने समझाई वेंडर पंजीकरण की प्रक्रिया
तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) के खरीद प्रमुख ने उद्यमियों को वेंडर पंजीकरण और पारदर्शी खरीद प्रक्रिया से जुड़ने के चरणबद्ध तरीकों की जानकारी दी।
विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि बड़े सार्वजनिक उपक्रमों के साथ कारोबार करने के इच्छुक उद्यमियों को आवश्यक दस्तावेज, गुणवत्ता मानक, पंजीकरण प्रक्रिया और खरीद प्रणाली की जानकारी पहले से तैयार रखनी चाहिए।
बिना जमानत ऋण और वित्तीय सहायता पर भी चर्चा
MSME मंत्रालय की ओर से राज्य निदेशक डॉ. आर. के. भारती, उप निदेशक सुनील कुमार एवं ओ. पी. सिंह ने मंत्रालय की विभिन्न प्राथमिकताओं और योजनाओं की जानकारी दी।
ओ. पी. सिंह ने विशेष रूप से क्रेडिट गारंटी योजना के तहत उपलब्ध वित्तीय सहायता और बिना कोलेटरल के ऋण से जुड़ी जानकारी साझा की।
विशेषज्ञों ने उद्यमियों को सरकारी योजनाओं की पात्रता, वित्तीय सहायता और उनका सही तरीके से लाभ उठाने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को समझने पर जोर दिया।
निर्यात को कारोबार विस्तार का अगला कदम बनाने पर जोर
कार्यशाला का एक महत्वपूर्ण फोकस निर्यात रहा। राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम लिमिटेड (NSIC) के मुख्य प्रबंधक ऋषि भाटिया ने विपणन सहायता योजनाओं की जानकारी दी।
वहीं राजन उप्रेती ने उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार में प्रवेश करने और निर्यात बढ़ाने के व्यावहारिक तरीकों से अवगत कराया।
विशेषज्ञों ने बताया कि वैश्विक बाजार में प्रवेश के लिए केवल उत्पाद तैयार करना पर्याप्त नहीं है। उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता, पैकेजिंग, बाजार की मांग, दस्तावेजी प्रक्रिया, ग्राहक तक पहुंच और निरंतर गुणवत्ता सुधार जैसे पहलुओं पर भी ध्यान देना होगा।
GeM से लेकर ZED प्रमाणन तक—कई अहम विषयों पर प्रशिक्षण
दिनभर चले विभिन्न तकनीकी एवं विशेषज्ञ सत्रों में उद्यमियों को उद्योग संचालन से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई।
इनमें प्रमुख रूप से—
GeM पोर्टल एवं सरकारी खरीद प्रक्रिया
वेंडर पंजीकरण
TReDS (Trade Receivables Discounting System)
Lean Manufacturing
ZED Certification — Zero Defect Zero Effect
खरीद एवं विपणन सहायता योजनाएं
निर्यात एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश
जैसे विषय शामिल रहे।
इन विषयों का उद्देश्य उद्यमियों को केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसी व्यावहारिक व्यवस्थाओं से जोड़ना रहा, जिनके माध्यम से वे अपने कारोबार की लागत, गुणवत्ता, वित्तीय प्रबंधन और बाजार पहुंच को बेहतर बना सकें।
IBA बना उद्योग और प्रशासन के बीच सेतु
कार्यशाला में इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (IBA) की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।
IBA के अध्यक्ष अमित कुमार उपाध्याय ने उद्यमियों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने, GeM पोर्टल पर पंजीकरण कराने और निर्यात को व्यापार विस्तार के प्रमुख माध्यम के रूप में अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने उद्योग जगत से बदलती कारोबारी परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को तैयार करने और उपलब्ध सरकारी अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की।
IBA के महासचिव सुनील दत्त शर्मा ने कहा कि संस्था उद्योग और प्रशासन के बीच मजबूत सेतु के रूप में काम करती रहेगी। उनका कहना था कि स्थानीय उद्योगों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ उन्हें राष्ट्रीय और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना समय की आवश्यकता है।
सवाल-जवाब में उद्यमियों ने रखीं जमीनी समस्याएं
कार्यशाला का एक खास पहलू इसका संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र रहा। इसमें उद्यमियों ने विशेषज्ञों के सामने अपनी व्यावहारिक समस्याएं और शंकाएं रखीं।
सरकारी खरीद, पंजीकरण, वित्तीय सहायता, निर्यात और उद्योग संचालन से जुड़े सवालों पर विशेषज्ञों ने सीधे जवाब दिए। इससे कार्यशाला महज औपचारिक प्रस्तुतियों तक सीमित न रहकर उद्यमियों और विशेषज्ञों के बीच सीधे संवाद का मंच बनी।
IILM University में जुटा उद्योग जगत
कार्यक्रम में IILM University के कुलपति डॉ. जयशंकर वरियार, प्रति-कुलपति डॉ. निहार अमोनकर, नील राय, वरिष्ठ प्रबंधक राजकुमार सिंह, IBA के पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के खरीद प्रमुख और 150 से अधिक उद्यमी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में IBA की ओर से सभी अतिथियों, विशेषज्ञों, उद्यमियों और सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
विशेष एंगल: अब चुनौती ‘उत्पादन’ से आगे ‘बाजार’ तक पहुंचने की
इस कार्यशाला का व्यापक संदेश यह रहा कि गौतमबुद्ध नगर जैसे तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र में MSME के सामने अगली बड़ी चुनौती केवल उत्पादन बढ़ाने की नहीं, बल्कि अपने उत्पादों को बड़े सरकारी खरीदारों और वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की है।
GeM, TReDS, वेंडर पंजीकरण, ZED प्रमाणन, Lean Manufacturing और निर्यात जैसे माध्यम छोटे एवं मध्यम उद्यमों को बड़े कारोबारी नेटवर्क से जोड़ने की क्षमता रखते हैं।
ऐसे में कार्यशाला को स्थानीय उद्योगों के लिए ‘जानकारी से अवसर और अवसर से बाजार’ तक पहुंचने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा सकता है।
अगर उद्यमी सरकारी योजनाओं की जानकारी को व्यवहार में उतारते हैं, डिजिटल खरीद प्लेटफॉर्म से जुड़ते हैं, गुणवत्ता मानकों को मजबूत करते हैं और निर्यात बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप अपने उत्पाद विकसित करते हैं, तो स्थानीय MSME क्षेत्र न केवल आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकता है, बल्कि गौतमबुद्ध नगर की औद्योगिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।


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