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श्री द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलेज, दनकौर में अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम, विद्यार्थियों ने लिया शांति और अहिंसा का संकल्प


शांति, सद्भाव और भाईचारे से ही बनेगा सशक्त समाज : डॉ. गिरीश कुमार वत्स
 Vision Live  / दनकौर
श्री द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलेज, दनकौर में 21 सितंबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में शांति, सद्भाव, सहिष्णुता, अहिंसा, आपसी सम्मान, भाईचारे और मानवीय मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स एवं उपप्राचार्या डॉ. रश्मि गुप्ता द्वारा किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण एवं स्वस्थ समाज का निर्माण केवल सरकारी संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
शांति को जीवनशैली बनाने का आह्वान
कार्यक्रम का संचालन समाजशास्त्र विभाग की डॉ. संगीता रावल ने किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शांति केवल संघर्ष या हिंसा की अनुपस्थिति का नाम नहीं है, बल्कि यह आपसी सम्मान, समानता, सहयोग, संवाद और सह-अस्तित्व की भावना से जुड़ी जीवनशैली है।
उन्होंने कहा कि यदि परिवार, शिक्षण संस्थानों और समाज में प्रेम, समानता, सम्मान एवं सहयोग की भावना को बढ़ावा दिया जाए तो शांतिपूर्ण और समतामूलक समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकता है। उन्होंने संदेश दिया—“जहाँ प्रेम है, वहाँ शांति है और जहाँ शांति है, वहीं विकास संभव है।”
विद्यार्थियों से जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स ने कहा कि शांतिपूर्ण समाज के निर्माण की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है। उन्होंने विद्यार्थियों से आपसी मतभेदों को संवाद और समझदारी के माध्यम से दूर करने तथा समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि आपसी सम्मान, सकारात्मक संवाद, सहयोग और सह-अस्तित्व की भावना सामाजिक सौहार्द को मजबूत करती है। युवा पीढ़ी यदि इन मूल्यों को अपने व्यवहार और दैनिक जीवन में अपनाए तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
शिक्षा के साथ संवेदनशीलता भी जरूरी
विज्ञान विभागाध्यक्ष अमित नागर ने विद्यार्थियों को प्रेम, सौहार्द और भाईचारे के साथ रहने का संदेश देते हुए अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान प्रदान करना नहीं है, बल्कि उन्हें संवेदनशील, जिम्मेदार और सामाजिक रूप से जागरूक नागरिक बनाना भी है।
उन्होंने विद्यार्थियों से समाज में शांति एवं सद्भाव का संदेश आगे बढ़ाने तथा किसी भी प्रकार के भेदभाव, हिंसा और असहिष्णुता से दूर रहने का आह्वान किया।
शांति और भाईचारे का लिया सामूहिक संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारीगण एवं विद्यार्थियों ने शांति, सद्भाव, सहयोग, अहिंसा और भाईचारे को बढ़ावा देने का सामूहिक संकल्प लिया। विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे अपने व्यवहार में आपसी सम्मान और सहयोग की भावना को प्राथमिकता देंगे तथा समाज में सकारात्मक एवं शांतिपूर्ण वातावरण बनाने में अपनी भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि शांति केवल संघर्ष की अनुपस्थिति नहीं, बल्कि सम्मान, समानता, सहयोग, सहिष्णुता और सद्भाव पर आधारित समाज की स्थापना का आधार है।
अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए सामाजिक जिम्मेदारी, मानवीय मूल्यों और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की भावना को समझने का महत्वपूर्ण अवसर रहा।


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