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5 अप्रैल को नोएडा में निषाद पार्टी की महारैली: सामाजिक समीकरणों से शक्ति प्रदर्शन तक, पश्चिमी यूपी में बदलते संकेत

📰  मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा 
ग्रेटर नोएडा की स्वर्ण नगरी में आयोजित गुर्जर, कश्यप और निषाद समाज की बैठक ने आगामी 5 अप्रैल को नोएडा इंडोर स्टेडियम में प्रस्तावित निषाद पार्टी की महारैली को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल तेज कर दी है। यह बैठक सामान्य संगठनात्मक समीक्षा से कहीं आगे बढ़कर एक व्यापक सामाजिक एकता और राजनीतिक संदेश देने का मंच बन गई।
बैठक की अध्यक्षता गौतम बुद्ध नगर जिला अध्यक्ष एवं आरडब्ल्यूए अध्यक्ष राजेश्वर भाटी ने की। अपने संबोधन में उन्होंने स्पष्ट कहा कि वर्तमान समय में समाज की ताकत उसकी संख्या नहीं, बल्कि उसकी एकजुटता में निहित है। उन्होंने तीनों समाजों—गुर्जर, कश्यप और निषाद—से अपील की कि वे अपने मतभेद भुलाकर साझा हितों के लिए एक साथ खड़े हों। उनके अनुसार, 5 अप्रैल की रैली इस एकजुटता का प्रत्यक्ष प्रदर्शन होगी।
मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे सांसद एवं निषाद पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक प्रवीण निषाद ने अपने संबोधन में संगठन के विस्तार और सामाजिक आधार को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की राजनीति में अब वे ही समाज प्रभावी भूमिका निभा पाएंगे जो संगठित हैं और अपने अधिकारों के प्रति सजग हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पार्टी आने वाले समय में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी उपस्थिति को और सशक्त करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।
विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद निषाद पार्टी के पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी गुर्जर वीरेंद्र डाढा ने इस बैठक को “सामाजिक समरसता की मजबूत पहल” बताते हुए कहा कि गुर्जर, कश्यप और निषाद समाज ऐतिहासिक रूप से श्रमशील और प्रभावशाली समुदाय रहे हैं, लेकिन राजनीतिक स्तर पर इनकी एकजुटता अब तक सीमित रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि ये समाज एक मंच पर आते हैं, तो यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में निर्णायक बदलाव ला सकता है।
उन्होंने विशेष रूप से गुर्जर समाज की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस सहयोग से एक व्यापक सामाजिक गठबंधन की नींव रखी जा रही है।
इस अवसर पर संगठन जिला अध्यक्ष योगेंद्र विकल ने संगठनात्मक दृष्टिकोण से रैली की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गांव-गांव और सेक्टर-सेक्टर स्तर पर संपर्क अभियान चलाया जा रहा है, जिससे अधिकतम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। वहीं, गौतम बुद्ध नगर जिला अध्यक्ष राजेश्वर भाटी ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि यह रैली केवल संख्या के लिहाज से ही नहीं, बल्कि प्रभाव के स्तर पर भी ऐतिहासिक होगी।
बैठक का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी रहा कि गुर्जर समाज के प्रतिनिधियों ने खुलकर समर्थन व्यक्त किया और भरोसा दिलाया कि वे बड़ी संख्या में रैली में शामिल होंगे। यह समर्थन केवल एक आयोजन तक सीमित नहीं दिखता, बल्कि भविष्य में एक स्थायी सामाजिक और राजनीतिक साझेदारी की ओर इशारा करता है।
🗣️ मीडिया से बातचीत के दौरान गुर्जर वीरेंद्र डाढा, योगेंद्र विकल और राजेश्वर भाटी ने संयुक्त रूप से कहा कि यह समय समाज को जोड़ने का है, न कि बांटने का। उन्होंने कहा कि 5 अप्रैल की महारैली इस सोच का प्रतीक बनेगी और इसमें क्षेत्रभर से अभूतपूर्व जनसैलाब देखने को मिलेगा।
विशेष विश्लेषण (Vision Angle):
स्वर्ण नगरी की यह बैठक कई मायनों में महत्वपूर्ण संकेत देती है। पहला, निषाद पार्टी अब अपनी पारंपरिक सीमाओं से बाहर निकलकर व्यापक सामाजिक गठबंधन की रणनीति पर काम कर रही है। दूसरा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश जैसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र में गुर्जर, कश्यप और निषाद समाज का एक मंच पर आना आने वाले चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
तीसरा और सबसे अहम पहलू यह है कि यह पहल केवल राजनीतिक लाभ तक सीमित नहीं रखी जा रही, बल्कि इसे “सामाजिक सम्मान और भागीदारी” के मुद्दे से भी जोड़ा जा रहा है। इससे आम लोगों में भावनात्मक जुड़ाव बढ़ने की संभावना है।
यदि 5 अप्रैल को नोएडा इंडोर स्टेडियम में होने वाली महारैली में अपेक्षित भीड़ उमड़ती है, तो यह न केवल निषाद पार्टी की संगठनात्मक क्षमता का प्रदर्शन होगा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक नए सामाजिक-राजनीतिक ध्रुवीकरण की शुरुआत भी मानी जा सकती है।