ग्राम डाढा के पूर्व प्रधान रणवीर सिंह ने ग्रेटर नोएडा प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता आयोजित कर दावा किया कि किराए पर व्यवसायिक पार्किगं, मगर प्रशासन सहयोग नही कर रहा


विजन लाइव/ग्रेटर नोएडा

ग्राम डाढा के पूर्व प्रधान रणवीर सिंह ने ग्रेटर नोएडा प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता आयोजित कर मांग की है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने व्यवसायिक वाहनों के पार्किंग के लिए कासना में किराए पर भूखंड ने तो दे दिया मगर उसका किराया इतना अधिक है, जो उनके बूते से बाहर है। वहीं दूसरी ओर यहां व्यवसायिक वाहन इधर उधर बेतरतीब ढंग से खडे रहते हैं। इन सबके बावजूद उन्हें लगातार घाटा हो रहा है और भूखों मरने की तक की नौबत आ चुकी है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और पुलिस प्रशासन को चाहिए कि व्यवसायिक वाहनों को इधर उधर सडकों पर न खडे होने दें ताकि उनकी पार्किंग के काम में नुकसान न होने पाए। पूर्व प्रधान रणवीर सिंह ने पत्रकारों को बताया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण एवं गौतमबुद्धनगर प्रशासन के अंसहयोगात्मक रर्वैये के कारण भूखों मरने की स्थिति में आ गया है। रणवीर सिंह ने कहा कि उसकी पुश्तैनी भूमि जो ग्रेटर नोएडा के कासना ग्राम में स्थित थी और जंहा एशियन पेन्टस की गाड़ियों की पार्किंग का काम करता था तथा यही एकमात्र उसके परिवार की जीविका का साधन था। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की स्थापना के काफी पहले से एशियन पेंट्स फैक्टरी यहां स्थापित थी। इस भूमि को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा वर्ष 2004-05 में अधिग्रहीत कर लिया गया। तब उसने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से इस भूमि के बदले अन्यत्र अपनी जीविका हेतु पा्किंग की भूमि की मांग इस आशय से किया कि पार्किंग की भूमि उसे उचित मूल्य पर आसान किस्तो पर आबंटित कर दिया जाए। भूमि की मांग के बदले वर्ष 2017 में मा० उच्च न्यायालय के आदेशानुसार एक पार्किंग स्थल ट्रक-टैंपो पार्किंग नाम से ग्रेटर नोएडा के सेक्टर इकोटेक-1 में ट्रक, ट्राला एवं अन्य व्यावसायिक वाहनों को पार्क करने के लिए बिना भूखण्ड संख्या को रू 045333675 प्रतिमाह किराए पर दिया गया। किंतु बाद में उसे पता चला कि आवंटित भूखण्ड ट्रक-टैपो पार्किग में न तो इतनी भूमि थी जिसमें इतनी गाड़ियों खड़ी की जा सके कि उससे प्राधिकरण का मासिक किराया वसूल हो सके, न ही वह क्षेत्र जहां ट्रक- पार्किंग है. के आस-पास उसके क्षेत्राधिकार वाले सेक्टरों में इतनी गाड़ियां है, जिन्हे पार्किंग में लाया जा सके। चारों तरफ खुले मैदान है कयोंकि आस-पास के सेक्टर अभी अल्प विकसित हैं। इस संबंध में प्राधिकरण के अधिकारी द्वारा स्थल निरीक्षण कर अपनी स्पष्ट आख्या प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की जा चुकी है। रणवीर सिंह ने कहा कि उसने शासन प्रशासन एवं ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से किराया कम करने के साथ साथ पुलिस एवं ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से स्टॉफ की मांग की।  अत में वर्ष 2017 में उसने मा० उच्च न्यायालय में अपील प्रस्तुत कर प्राधिकरण एवं प्रशासन द्वारा शर्तो का पालन कराने का अनुरोध किया जिस पर मा० उच्च न्यायालय ने आदेश दिनांक 09-11-2017 के अनुसार ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के माध्यम से जिला प्रशासन द्वारा पुलिस उपलब्ध कराकर पार्किंग सुचारू कराने के लिए कहा। मा० न्यायालय के आदेशों के क्रम में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा जिला प्रशासन को आवश्यक सहयोग करने हेतु लिखा गया, जिस पर जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं ग्रेटर नोएडा के मध्यम आज तक मात्र पत्राचार किए जा रहे है मगर उन्हें कोई सहयोग करने के बजाय भाति-भाति के बहाने बनाकर टाल-मटोल किया जा रहा है। वहीं पार्किंग क्षेत्र में बहुत से दबंगी एवं असामाजिक तत्वों द्वारा अनाधिकृत पार्किंग किया जाता है जिसकी सूचना पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन एवं ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को दी जाती रही है। फिर भी प्रशासन सहयोग करने के बजाय नाना प्रकार के बहाने कर प्रकरण को लटकाता जा रहा है।