कल सुबह 1000 बजे राष्ट्रपति को संबोधित पत्र जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर को सौंप कर कार्यवाही की मांग करेंगे


विजन लाइव/ग्रेटर नोएडा
राजस्थान की राजनीति की सुगबुगाहट सचिन पायलट के पैतृक जनपद गौतमबुद्धनगर में भी  शुरू हो गई है। ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर जतन प्रधान और आलोक नागर के नेतृत्व में सचिन पायलट के समर्थन में 36 बिरादरी के नेताओं ने अशोक गहलोत की शव यात्रा निकाल पुतला फूंक कर विरोध दर्ज कराया। अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय महासचिव रामशरण नागर एडवोकेट और जिला अध्यक्ष राजू भाटी ने में बताया कि राजस्थान की राजनीति में चल रही उठापटक में सचिन पायलट के लिए राजस्थान प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए 36 बिरादरी का अपमान किया है। राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट का गौतमबुद्धनगर पैतृक जिला है, इसलिए यहां सभी 36 बिरादरी के लोग सचिन पायलट के समर्थन में सीएम अशोक गहलोत का पुतला फूंक विरोध कर रहे हैं। जतन प्रधान ने कहा कि राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत के द्वारा जिन अभद्र शब्दों का इस्तेमाल सचिन पायलट के लिए किया गया है, उससे न केवल सचिन पायलट का अपमान हुआ है बल्कि समूचे समाज की भावनाओं को ठेस लगी है। इसी बात का  पुरजोर विरोध करते हुए आज परी चौक पर अशोक गहलोत का पुतला दहन किया है। उन्होंने कहा कि 36 बिरादरी के नेता सचिन पायलट के बारे में अभद्र भाषा को अशोक गहलोत के द्वारा बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। करप्शन फ्री इंडिया संगठन के संस्थापक प्रवीण भारतीय ने कहा कि जब तक राजस्थान सरकार में सचिन पायलट को उचित सम्मान एवं अशोक गहलोत माफी नहीं मांगेगा तब तक हमारा विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। आलोक नागर ने कहा कि अशोक गहलोत ने सचिन पायलट का अपमान नहीं बल्कि 36 बिरादरी के लोगों का अपमान किया है, इसके विरोध में आज पुतला दहन किया गया है एवं कल सुबह 1000 बजे राष्ट्रपति को संबोधित पत्र जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर को सौंप कर कार्यवाही की मांग करेंगे। इस दौरान मौके पर बिजेंद्र आर्य, राजू भाटी पाली,सतीश नंबरदार, बृजेश भाटी, संजय भैया,लोकेश भाटी,सीपी सोलंकी, भीम सिंह सिरसा, प्रदीप भाटी, राजेंद्र नागर, नफीस अहमद,एडवोकेट प्रमोद वर्मा, कृष्ण नागर, महेश भाटी, राजकुमार रूपबास, राजेश स्वर्ण नगरी, बलराज हुण, जयवीर महमदपुर, सतीश शर्मा, ठाकुर बलराज भाटी, सुरेंद्र डाबरा, कल्लू ऐच्छर, दिनेश कैमराला सैकड़ों संख्या में लोग मौजूद रहे।

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